चोर गिरोह के निशाने पर थे देश के कई बड़े मंदिर, गिरफ्तारी से विफल हुई चोरी की योजना

 


 भीलवाड़ा हलचल। जिले के धनोप गांव स्थित धनोप मातेश्वरी मंदिर में चोरी के आरोप में  गिरोह के तीन सदस्यों के पकड़े जाने से देश के कई बड़े मंदिरों में चोरी की वारदात टल गई। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह के मास्टर माइंड सुरेश सोनी की गिरफ्तारी से कई और चौंकाने वाले खुलासे होंगे। 
फूलिया थाना प्रभारी भागीरथ सिंह ने हलचल को बताया कि 7 दिसम्बर को धनोप मातेश्वरी मंदिर पर चोरों ने धावा बोलकर निज मंदिर से 40 किलो चांदी के मुकुट, छत्र व पाट चुरा लिये थे। इसे लेकर पुुलिस ने केश दर्ज किया। पुलिस ने गुरूवार को वारदात का खुलासा करते हुए सिरोही जिले के मालप गांव निवासी मोतीराम पुत्र कालाराम गरासिया व इसके भाई लालाराम गरासिया व अशोक पुत्र हुसा गरासिया को गिरफ्तार कर लिया था। 
पुलिस का कहना है कि पकड़े गये आरोपितों के मोबाइल से कई बड़े खुलासे हुये हैं। इस गिरोह के निशाने पर कई राज्यों के प्रसिद्ध मंदिर थे, लेकिन इनकी गिरफ्तारी से इन मंदिरों में चोरी टल गई। पुलिस का कहना है कि प्रमुख रुप से इस गिरोह के निशाने पर महाराष्ट्र के पूणे के कई प्रसिद्ध मंदिर थे। इन मंदिरों की गुगल लोकेशन व फुटेज भी आरोपितों के मोबाइल में मिली है। पुलिस ने यह भी कहा कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड सुरेश सोनी है, जिसकी गिरफ्तारी के बाद कई और चौंकाने वाले खुलासे होंगे।  
मास्टर माइंड सुरेश सोनी ने अशोक गरासिया को मंदिरों की लोकेशन सेंड कर योजना से संबंधित बातचीत कर रखी थी।  
ये मंदिर थे गिरोह के निशाने पर
 महाराष्ट्र के कुलूबाई देवी मन्दिर कोलाहार , बालाजी मन्दिर डेडगांव,  गोदेष्वरी माता मन्दिर गोडेगांव,  काल भैरवनाथ मन्दिर अगडग़ांव मंदिर इस गिरोह के निशाने पर थे। गिरोह ने इन मंदिरों में चोरी की योजना बना रखी थी, लेकिन अंजाम देने से पहले ही गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। 
रैकी कर देना था चोरी को अंजाम
 पकड़े गये गिरोह के सदस्यों ने कबूल किया कि इन मंदिरों पर रैकी करने बाद यहां चोरी की वारदात को अंजाम देना था। उपरोक्त मंदिरंो की लॉकेशन के अलावा और भी काफी मंदिरों का डेटा अभियुक्तगणों द्वारा मोर्बाइल से डिलिट कर दिया।  जिनको रिकवर करने के प्रयास किये जा रहे है।