Wednesday, February 24, 2021

बढ़ रहे हें मौसमी बीमारियों के मरिज, अस्पतालों में लग रही है मरिजों की लंबी लाइनें


 

 भीलवाड़ा संपत माली ।  जिला चिकित्सालय में इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीजों की बाढ़ सी आई हुई है। हालत ये है कि अब तक जहां कोरोना के चलते मरिज अस्पताल में जाने से कतरा रहे थे, वहीं अब अस्पताल के वार्डों में मरिज भर्ती होने लगे हैं। साथ ही ओपीडी में मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। विशेष रूप से सर्दी जुमाम व मौसमी बुखार से पीडि़त मरीजों की संख्या अधिक है।

मौसम में आए बदलाव के बाद कंपाने वाली ठंड की दिन में विदाई के चलते गर्मी ने भी दस्तक दे दी है। इसने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है तो मौसमी बीमारियां भी पैर पसारने लगी हैं। इसका सीधा असर बुजुर्गों और नौनिहालों की सेहत पर पड़ रहा है। दिन में गर्मी और सुबह-शाम सर्दी के प्रकोप के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढऩे लगी है। इसके चलते अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वायरल फीवर, सर्दी, खांसी आदि के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इससे निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बढऩे लगी है। सरकारी अस्पताल की ओपीडी बढऩे के कारण लोगों की लंबी लाइन दिखाई देने लगी है। वहीं मुख्यमंत्री निशुल्क जांच केंद्र पर भी मरिजों की लंबी कतारें नजर आने लगी है। डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले सप्ताह से बीमार बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।  

 बरतें सावधानी
 अस्पताल में मौसमी बीमारी के मरीज बढऩे के संबंध में पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ ने हलचल को बताया कि सुबह-शाम सर्दी और दिन में गर्मी है। ऐसे में मौसम बदला है। इससे लोगों की दिनचर्या बदल रही है। इसी के चलते मौसमी बीमारियां भी बढ़ी है। खासतौर से सर्दी-जुकाम के पेेसेंट ज्यादा हैं।   मौसम में हो रहे बदलाव के कारण भी लोग बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। बदलते मौसम में बच्चों व बुजुर्ग लोगों के लिए विशेष सावधानी रखनी चाहिए। 

 

गजब है... नकली रेमडेसिविर लेने से ठीक हो गए 90 फीसदी कोरोना मरीज, पुलिस भी हैरान

  भोपाल ।कोरोना की दूसरी लहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग में एका-एक बढ़ोतरी हो गई है। हालांकि, इस बीच कई राज्यों में नकली रेमडेसिविर बेच...