देर रात तक जागने की आदत आपको शारीरिक और मानसिक रोगी बना सकती है!

 

लाइफस्टाइल डेस्क। रात को समय पर सोना और सुबह सूरज निकलने के बाद जागना अच्छी सेहत के लिए जरूरी है। प्राकृति ने रात सोने के लिए और दिन काम के लिए बनाया है, लेकिन कुछ लोग देर रात यानि सुबह होने तक जागते हैं और आधे दिन तक सोते हैं। अगर हम कुदरत को दरकिनार करके अपना रास्ता अलग बनाएंगे तो उसका अंजाम हमें भुगतना ही होगा। अच्छी सेहत के लिए रात की नींद बेहद जरूरी है। रात को दस बजे तक सोना और सुबह 6 बजे तक जागना अच्छी सेहत के लिए जरूरी है।

देर रात तक जगने से सुबह हम देर तक सोते रहते हैं, जिससे हमारा भोजन ठीक से पचता नहीं और हमें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर आपको अक्सर देर रात तक काम करने या जागने की आदत है तो इस आदत को जल्द से जल्द बदल दीजिए। ये आदत आपको कई तरह की परेशानियां दे सकती है। आइए जानते हैं कि देर रात तक जागने से सेहत को कौन-कौन से नुकसान होते हैं।

देर रात तक जागने से सेहत को नुकसान:

  • देर रात तक जागने वाले लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर बढ़ने से बॉडी में अन्य बीमारियां जैसे ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट डिजीज के खतरे बढ़ने लगते हैं।
  • देर रात तक जागने से भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन का स्तर भी प्रभावित होता है।
  • देर रात तक जागने से आप मानसिक रोगी बन सकते हैं। सुबह तक जागने से दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर पर बुरा असर पड़ता है, जिससे डिप्रेशन, एंग्जाइटी और सनक जैसी मानसिक बीमारियां हो सकती हैं।
  • नींद पूरी नहीं होने की वजह से आपको दिन में गाड़ी चलाते समय नींद की झपकी आ सकती है जिससे दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • सुबह देर से उठने से बॉडी में आलस भरा रहता है जिससे काम करने में मन नहीं लगता।
  • दिन तक सोने से सिर भारी रहता है और आंखों में दर्द और आंखों की कई समस्याएं लगातार बनी रहती है।
  • रात भर जगने से दिमाग पर भी असर पड़ता है। देर रात तक जागने से भ्रम की समस्या पैदा हो जाती है। नींद पूरी नहीं होने के कारण ऐसी चीजें दिखती हैं जिनका असल में कोई अस्तित्व ही नहीं होता।  

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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