रोज़ाना खाएंगे भीगे हुए बादाम, तो वज़न रहेगा कंट्रोल में

 

सुबह-सुबह खाली पेट भीगे हुए 4 बादाम आपके दिमाग और बॉडी को स्ट्रॉन्ग बनाते हैं। बादाम में भरपूर मात्रा में मौजूद विटामिन, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट्स और हेल्दी फैट्स बॉडी के लिए बेहद जरूरी हैं। बादाम को भीगोकर खाने से उसमें पोषण तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, साथ ही बादाम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर के फायदे भी बढ़ जाते हैं। भीगे हुए बादाम के नियामित सेवन करने से हड्डियां मज़बूत होती है, दिल की बीमारियों का जोखिम कम होता है। भीगा हुआ बादाम कैंसर से लेकर शुगर तक के मरीज़ों के लिए फायदेमंद है। जो लोग रोज़ सुबह उठकर भीगे हुए बादाम खाते हैं उनका वज़न कंट्रोल रहता है। आइए जानते हैं कि भीगे हुए बादाम का सुबह खाली पेट सेवन किस तरह सेहत को फायदा पहुंचाता है।

भीगे बादाम खाने के फायदे

दिमाग तेज करते हैं गीले बादाम:

विटामिन ई से भरपूर बादाम दिमागी क्षमता को बढ़ाने में बेहद असरदार है। गीले बादाम का सुबह खाली पेट लगातार सेवन करने से याद्दाश्त और सीखने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है। विटामिन ई का सेवन अल्जाइमर जैसी दिमागी समस्या को कम करने में भी मददगार है।

स्किन में ग्लो लाता है बादाम:

खाली पेट 4 भीगे हुए बादाम खाने से स्किन ग्लो करती है। विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर बादाम कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाते हैं, साथ ही चेहरे की झुर्रियों से भी निजात दिलाते हैं। बेजान और रूखी स्किन को ग्लोइंग स्किन बनाते हैं बादाम।

वजन घटाने में मददगार:

प्रोटीन और फाइबर से भरपूर बादाम पेट को देर तक भरा हुआ रखते हैं, इन्हें खाने के बाद लम्बे समय तक भूख नहीं लगती। बादाम खाने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट करता है और बॉडी तेज़ी से फैट बर्न करती है।

शुगर को कंट्रोल करता है बादाम:

डायबिटीज के मरीजों में अक्सर मैग्नीशियम की कमी देखी जाती है, जिसकी कमी के कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने से ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने लगता है। शरीर में इसकी पर्याप्त मात्रा ब्लड शुगर प्रोफाइल और मेटाबॉलिक सिंड्रोम को बेहतर बनाती है। 

पोषण तत्वों की कमी को पूरा करता है:

बादाम को भिगोने से उसकी पोषण उपलब्धता बेहतर होती है। बादाम को भिगोने से उसकी अशुद्धियां दूर होती है और खास पोषक तत्वों का अवशोषण रुक जाता है। बुढ़े लोगों के लिए भीगा हुआ बादाम बेहद उपयोगी है। बादाम भिगोने से नर्म पड़ जाता है और उसे चबाना और पचाना दोनों आसान होता है। 

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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