टेक्सटाइल उद्योग के आधुनिकीकरण के लिए नई ’’टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट स्कीम’’

 

भीलवाड़ा (हलचल)। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय की ओर से देश में टेक्सटाइल उद्योग के आधुनिकीकरण के लिए वर्तमान में चल रही ए-टफ योजना के स्थान पर नई टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी डवलपमेंट स्कीम 1 अप्रैल 2022 से लागू करना प्रस्तावित किया है। मंत्रालय ने गुरुवार को देश के प्रमुख टेक्सटाइल संगठनों के साथ इसके लिए वेबीनार से विचार विमर्श कर सुझाव जाने। राजस्थान से मेवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री को इसमें आमंत्रित किया गया। चेम्बर की ओर से अध्यक्ष जीसी जैन, मानद महासचिव आर के जैन, पूर्वाध्यक्ष दिनेश नौलखा ने भाग लिया।
मेवाड़ चैंबर ऑफ  कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के मानद महासचिव आरके जैन ने बताया कि वर्तमान ए-टफ  योजना 31 मार्च 2022 को समाप्त हो रही है। मंत्रालय ने इसके स्थान पर टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी डवलपमेंट स्कीम प्रस्तावित की है। देश में टेक्सटाइल मशीनरी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी इस योजना में प्रावधान किये हैं। साथ ही वीविंग, निटिंग, गारमेन्टिग, टेक्नीकल टेक्सटाइल में वर्तमान ए-टफ योजना के अनुसार आधुनिकीकरण पर अनुदान को बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया है, जो स्वागत योग्य है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना के प्रथम भाग में प्रमोशन ऑफ टेक्सटाइल मशीनरी मैन्यूफेक्चरिंग 30 प्रतिशत ग्रांट, अधिकतम 250 करोड़ के निवेश पर 50 करोड़ की ग्रांट, 250 करोड़ से अधिक निवेश पर प्रति 50 करोड़ के निवेश पर 5 करोड़ की ग्रांट प्रस्तावित योजना के द्वितीय भाग में
फाइनेंशियल असिस्टेंस टू एक्सीलरेट टेक्नोलॉजी एडेप्शन इन टेक्सटाइल वैल्यू चैन स्पिनिंग, वीविंग, गारमेंट, निटिंग, प्रोसेसिंग, टेक्नीकल टेक्सटाइल के लिए प्रावधान किये गये हैं।
वेबीनार में दौरान मेवाड़ चेम्बर की ओर से यार्न मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए अनुदान राशि अधिकतम 15 क रोड़ से बढ़ाकर 65 करोड़ करने की मांग की गई क्योंकि 50 हजार स्पिण्डल के लिए लगभग 250 करोड़ का निवेश आवश्यक है। साथ ही प्रति वर्ष अधिकतम इकाइयों की सीमा को समाप्त करने की मांग की है।

 

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