Tuesday, March 31, 2020

 हलचल ने जरुरतमंदों को वितरित किया 150 किलो आटा और 200 किलो चावल, मसाले

भीलवाड़ा हलचल। भीलवाड़ा हलचल ने सामाजिक सरोकार निभाते हुये मंगलवार को जरुरतमंद लोगों को चावल, आटा और मसाला वितरित किया है। 
हलचल के विज्ञापन प्रबंधक अनिल मलिक ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते ऐसे जरुरतमंद लोग जो घरों में कैद हैं उन्हें दुर्गाष्टमी और रामनवमी की पूजा के लिए 200 किलो चावल और 150 किलो आटा के साथ ही मसाले वितरित किये गये। जवाहर नगर, पांसल रोड़, कावांखेड़ा, श्रीराम कॉलोनी, एसडीए स्कूल के पास, आरटीओ ऑफिस के पीछे, कच्ची बस्ती, सुभाषनगर इलाके में यह सामग्री वितरित की गई। 


 भीलवाड़ा में दूसरा दिन भी राहत भरा, कोई नहीं आया पॉजिटिव, दो की सुधरी हालत, आये निगेटिव

 भीलवाड़ा हलचल। सोमवार के बाद मंगलवार को भी भीलवाड़ा के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दूसरे दिन भी कोई पॉजिटिव केस सामने नहीं आया। खास बात यह है कि पॉजिटव 26 में से आज दो और लोगों की हालत में सुधार हुआ है और ये दोनों निगेटिव आ चुके हैं। शेष नौ पॉजिटिव लोगों का उपचार जारी है। वहीं एहतियात के तौर चिकित्सकीय प्रबंध और मजबूत किये गये हैं। 
कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने मंगलवार रात यह जानकारी देते हुये बताया कि एक के बाद एक लगातार कोरोना पॉजिटिव केस में इजाफा हो रहा था, लेकिन बीते दो दिन भीलवाड़ा के लिए काफी सुखद रहे। आज दूसरे दिन भी कोई पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। इस बीच राहत की दूसरी खबर यह भी है कि जो 26 पॉजिटिव केस थे, उनमें से भी दो की निगेटिव रिपोर्ट आई है। अब  नौ लोग पॉजिटिव है और इनकी भी हालत में लगातार सुधार आ रहा है। भट्ट ने बताया कि भीलवाड़ा के लोगों के संयम और सहयोग की देन है कि पॉजिटिव केसों में कमी आने लगी है और चिकित्सकों की कड़ी मेहनत से ही पॉजिटिव लोगों की संख्या भी लगातार निगेटिव हो रही है। 
चिकित्सा टीम की भी होगी जांच- महात्मा गांधी चिकित्सालय के प्राचार्य डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि आइसोलेट वार्ड में कार्यरत चिकित्सा टीम के भी अब सैंपल लिये जायेंगे। साथ ही इस टीम को 14 दिन के लिए कोरेंटाइन सेंटर में रखा जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि आकस्मिक तैयारियां भी कर ली गई है और इसके लिए एक टीम भी तैयार की गई है।


ब्लॉकस्तर पर जांच शुरू, पहले दिन लिये 150 के सैंपल

भीलवाड़ा हलचल। भीलवाड़ा जिले में कोरोना की चेन तोडऩे के लिए चिकित्सा महकमे ने शहर के बाद अब ग्रामीण इलाकों में सर्वे के दौरान सर्दी-जुकाम के सामने आये मरिजों की रेंडम जांच शुरू कर दी है। आज पहले दिन 150 ग्रामीणों के सैंपल लिये गये। 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुश्ताक खान ने मंगलवार रात यह जानकारी देते हुये बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर जिलेभर में करवाये गये सर्वे के दौरान सर्दी-जुकाम के जो मरिज सामने आये थे। उनमें से पहले दिन 150 लोगों के सैंपल जांच के लिए लिये हैं। इन मरिजों को जिले के अलग-अलग स्थानों से जिला मुख्यालय लाया गया। कलेक्टर राजेंद्र भट्ट के निर्देश पर शुरू की गई यह जांच निरंतर जारी रहेगी, जब तक इस तरह के सभी मरिजों की जांच नहीं हो जाती। इसके पीछे यह मंशा है कि किसी तरह कोई कोरोना पीडि़त शेष न रह जाये और उनसे संक्रमण न फैल सके। 


 अच्छी खबर- स्वास्तिक हॉस्पिटल के 40 कर्मचारियों में से 15 निगेटिव

भीलवाड़ा हलचल। बृजेश बांगड़ मेमोरियल हॉस्पिटल से जुड़ाव रखने वाले स्वास्तिक हॉस्पिटल के 40 कर्मचारियों की कोरोना जांच में से 15 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यह भी राहत भरी खबर है।  
सूत्रों के अनुसार बांगड़ हॉस्पिटल से संबंधित डायलेसिस के मरिजों और कुछ कर्मचारियों के स्वास्तिक हॉस्पिटल में कार्यरत होने की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्तिक हॉस्पिटल को भी पिछले दिनों सीज कर दिया गया था। चिकित्सा महकमे ने स्वास्कि हॉस्पिटल के अबतक 40 कर्मचारियों के कोरोना जांच के सैंपल लिये थे। इनमें से 15 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है, जबकि 25 की रिपोर्ट आनी बाकी है। पहली रिपोर्ट निगेटिव आने से चिकित्सा विभाग के साथ ही इस हॉस्पिटल से जुड़े कर्मचारियों और मरिजों ने राहत की सांस ली है। 



लॉकडाउन में पलायन करते मजदूरों को विजयनगर में रोका

विजयनगर (रणजीतसिंह राजपूत)। कर्नाटक से उत्तरप्रदेश व अन्य स्थानों पर जा रहे 200 यात्रियों को विजयनगर में रोक दिया गया है। प्रशासन की ओर से इन्हें राजकीय विद्यालय नारायणी में रखा गया है और इनके खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। इन्हें हिदायत दी गई है कि वे यहां से कहीं नहीं जा सकेंगे।


 भीलवाड़ा के 400 लोग फंसे प्रतापगढ़ में, कलेक्टर ने करवाई भोजन-पानी की व्यवस्था

भीलवाड़ा  हलचल। देशभर में कोरोना कहर के चलते कर्नाटक से भीलवाड़ा आ रहे 400 लोगों को प्रतापगढ़ में रोक लिया गया। इन लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था करवाई गई है। वहीं भीलवाड़ा जिले में आईस्क्रीम व अन्य कार्यो सें जुड़े श्रमिकों के भीलवाड़ा में प्रवेश करने को लेकर सर्वे करवाया जा रहा है। 
पत्रकारों से बाचतीत करने हुये कलेक्टर ने बताया कि कनार्टक से आठ बसों से करीब 400 लोग प्रतापगढ़ पहुंच गये, जहां इन्हें रोक लिया गया। प्रतापगढ़ कलेक्टर से बात कर उन्हें भीलवाड़ा के हालात से अवगत करा इन लोगों के वहां रहने और खाने-पीने की व्यवस्था करवा दी गई है। भट्ट ने यह भी बताया कि रायपुर, जहाजपुर और आसींद क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में आईस्क्रीम और अन्य कार्यों में लगे लोग प्रवेश कर गये हैं, जिनका सर्वे करवाया जा रहा है, ताकि इनकी जांच करवा कोरोना वायरस की चेन तोड़ी जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस तरह की कोई जानकारी होतो क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों को दें, जिससे कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वे कार्य में आंगनबाड़ी से लेकर चिकित्सक तक लगे हैं और अब तक की मेहनत से काफी हद तक इस वायरस को फैलने से रोकने पर काबू पा लिया है, लेकिन अगर अब ढिलाई रही तो हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने लोगों से घरों में ही रहने की अपील की ओर अब तक की गई मेहनत पर पानी नहीं फेरने की बात कही। 


 ऑल डाउन को लेकर होने वाली परेशानियों के लिए कलेक्टर ने हाथ जोड़कर मांगी माफी, बोले घरों में रहें सुरक्षित

 भीलवाड़ा हलचल। जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने मार्मिक अपील करते हुये कहा कि अगर आप भीलवाड़ा को प्यार करते हैं तो अपने घर में रहे और अगर कोई इस व्यवस्था को तोड़ता है तो इसके लिए सख्ती की जायेगी और फिर भी अगर कोई नहीं माना तो सैना की मदद ली जायेगी। भीलवाड़ा जिला कलेक्टर भट्ट ने यह बात आज पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि मीडियाकर्मियों को जरुरत महसूस हुई तो पास दिये जायेंगे, नहीं तो किसी को भी नहीं। भट्ट ने कहा कि भीलवाड़ा में कोरोना वायरस की चेन तोडऩे के लिये यह कठौर कदम उठा रहा है। इसके लिए लोगों को हो रही तकलीफ के लिए उनसे हाथ जोड़कर माफी चाहता है। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा में कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नजर नहीं आयेगा। दुग्ध भी बूथ कर्मचारी घर-घर आकर सप्लाई करेंगे। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था दो अप्रैल से प्रायौगिक तौर पर , जबकि 3 अप्रैल को पूर्ण रूप से लागू कर दी जायेगी।  
इन्हें मिलेगी छूट-3 अप्रैल से प्रशासन की ओर से अब जारी पास खत्म हो जायेंगे। सिर्फ पेट्रोल, कृषि मंडी, गैस, विद्युत, पानी, नगर परिषद और गरीब लोगों को भोजन सप्लाई करने वाली यूआईटी से जुड़े लोगों को पास की सुविधा दी जायेगी। उन्होंने बताया कि गरीब तबके के लोगों को चिन्हित कर लिया गया है। इनमें रिक्शा चालक, भिक्षावृत्ति, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर रहने वाले लोग, ईंट भट्टों और कुछ फैक्ट्रियों के श्रमिकों को दोनों वक्त के भोजन पैकेट उपलब्ध करवाये जायेंगे। राशन के लिए दिये गये दुकानदारों के पास भी निरस्त हो जायेंगे।
दो बार होगी सप्लाई- ऑल डाडन के दौरान 5 अप्रैल को पटरी पार के इलाके पश्चिम दिशा में, जबकि 6 अप्रैल को पटरी की पूर्व दिशा के वार्डों में राशन सामग्री सप्लाई की जायेगी, लेकिन वहां भी भीड़ न हो, ऐसी व्यवस्था की जायेगी। 
तीसरा सर्वे - बृजेश बांगड़ अस्पताल से जुड़े कोरोना पीडि़त और संभावित लोगों के दो सर्वे पूरे हो चुके हैं और तीसरा सर्वे अब किया जायेगा, जिससे कोई छूट न जाये। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के 14 हजार लोगों का सर्वे किया गया है, जिनकी जांचें करवाई जायेगी। 
इमरजेंसी के लिए सुविधा- किसी भी तरह की इमरजेंसी, चिकित्सा के लिए प्रशासन ने पुख्ता व्यवस्था की है। कंट्रोल रूम के अलावा एडिशन कंट्रोल रूम और वार रुम बनाये गये हैं। उनके नंबर 230035, 232626, 233030, इसके अलावा अस्पताल के 102 नंबर भी हैं। 


 बांगड़ ने अछूत कर दिया भीलवाड़ा के लोगों को...

 
भीलवाड़ा का नाम सुनते ही अब अड़ौसी-पड़ौसी ही नहीं, बल्कि प्रदेश, देश और विदेश में भी लोग अब यहां के लोगों को अछूत समझने लगे हैं। बृजेश बांगड़ अस्पताल से कोरोना के विस्फोट ने भीलवाड़ा को ही अछूत बना दिया है। लोग 11 दिन से कफ्र्यू झेल रहे हैं और अब कितने ही दिन और उन्हें ऑल डाउन के चलते कैद रहना पड़ेगा, जिसे लेकर लोगों को खास गुस्सा है। 
चीन से उठी कोरोना की चिंगारी ने कपड़ा नगरी भीलवाड़ा में भी जबरदस्त आग लगाई है। यह आग नहीं, लगती अगर बांगड़ अस्पताल के चिकित्सक थौड़े से सजग होकर सच बोल जाते, लेकिन नोटों की खनक के आगे पूरे भीलवाड़ा शहर को कोरोना के हवाले कर देने वाले इस अस्पताल के चलते हालात गंभीर बने है। लोग घरों में कैद है और उन्हें कितने दिन तक घरों में रहना होगा, यह कहा नहीं जा सकता। आज हालात यह हो गये कि पड़ौसी से पड़ौसी इसलिये नजर नहीं मिला पा रहा है कि वह कहीं हाथ न मिला ले और चाय पीने कहीं घर में न आ जाये। ये ही नहीं, जिनकी रिश्तेदारी और बेटे-बहू और दोहिते बाहर हैं, वो भी अब अपने परिजनों से अछूत सा व्यवहार करने लगे हैं। एक सभ्य परिवार की दादी ने यह कहते हुये कि उसके पौते-पौती के पास वह नहीं जा सकती। वो बॉम्बे में रहते हैं। अब उन्हें वहां अछूत सा समझा जा रहा है। उस कॉलोनी के लोग बेटे-बहू को यह कह रहे हैं कि भीलवाड़ा से कोई आ तो नहीं रहा है। ये ही नही कपड़ा बाजार को भी बांगड़ कोरोना बम ने बरसों पीछे धकेल दिया है और एक व्यापारी ने तो यहां तक कहा कि बाहर से अब व्यापारी भी यहां आने वाले नहीं है। इस बीमारी के बाद बाहर से खरीदारी के लिए कोई फोन तक नहीं आया है। जबकि पहले सप्ताह में कई फोन आते थे। ये ही स्थिति रही तो भीलवाड़ा का कपड़ा भी अछूत हो जायेगा और उनका कारोबार बर्बादी के कगार पर पहुंच जायेगा। 
अछूत का तमंगा पा चुके भीलवाड़ा में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। इस अछूत के तमंगे को धोने के लिए चिकित्सा महकमा पूरी तरह जुटा हुआ है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मुश्ताक खान, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. राजन नंदा और पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ के नेतृत्व में बाहर से आये चिकित्सक कोरोना पीडि़तों के इलाज में जी-जान से जुटे है। इसी का परिणाम है कि 26 में से 11 पॉजिटिव मरिज नेगेटिव हो गये हैं। वहीं जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट भी अपनी टीम के साथ ही भीलवाड़ा पर लगे कलंक को धोने के साथ ही लोगों की जिंदगियां बचाने में जुटे है। इसमें पुलिस कप्तान और महकमा भी इसमें अहम भूमिका निभा रहा है। 
भीलवाड़ा पर अछूत के कलंक को धूलने में अभी वक्त लगेगा। चर्चा तो यह भी है कि अब भीलवाड़ा के लोगों को अन्य शहरों में हीन भावना से देखा जायेगा। ऐसी स्थिति में लोगों के सामने रोजगार का संकट भी खड़ा हो सकता है। इससे के पीछे बांगड़ अस्पताल का अहम लापरवाही रही है। जिससे भीलवाड़ा तबाह होने में कोई कसर नहीं बची है। लोगों में इस तरह की खासी चर्चा ही नहीं, बल्कि उनमें गुस्सा भरा पड़ा है...?


संप्रेषणगृह से भागे सभी 6 बाल अपचारी मिले, दो ने नदी में और 4 ने रेलवे ट्रैक के सहारे बिताई रात, घर जाने का था इरादा

भीलवाड़ा हलचल। भीलवाड़ा के बाल संप्रेषणगृह से फरार हुये 6 बाल अपचारियों को पुलिस ने दूसरे ही दिन ढूंढ निकाला। इनमें से दो ने नदी में, जबकि चार ने रेलवे ट्रैक के सहारे रात बिताई।  


सदर थाना पुलिस ने हलचल को बताया कि पालड़ी संप्रेषणगृह से सोमवार देर शाम 6 बाल अपचारी नाल के गेट पर लगा ताला तोडऩे के बाद दीवार फांदकर फरार हो गये थे। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों व संप्रेषणगृह स्टॉफ ने इनकों पकडऩा भी चाहा, लेकिन अंधेरे के चलते ये बाल अपचारी हाथ नहीं लग पाये। सदर थाना पुलिस ने इन बाल अपचारियों की तलाश के लिए जिलेभर में नाकाबंदी लगाइ पुलिस का कहना है कि संप्रेषणगृह से भागने वाले सभी 6 बाल अपचारी संगीन मामलों में पुलिस द्वारा डिटेन करने के बाद संप्रेषणगृह में थे। 


इनमें प्रतापगढ़ जिले का एक बाल अपचारी हत्या के मामले में, जबकि कोटा जिले का बाल अपचारी एक नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में डिटेन हुआ था। इसके अलावा भीलवाड़ा जिले के दो बाल अपचारी नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म, जबकि 2 अन्य जानलेवा हमले के मामले में डिटेन किये गये थे। सदर थाना पुलिस ने इन बाल अपचारियों की तलाश के लिए प्रतापगढ़ और कोटा पुलिस को भी सूचना दी है।  उधर, पुलिस ने दूसरे दिन सुभाषनगर व सदर थाना इलाके से गुजर रही कोठारी नदी से 2 बाल अपचारियों को ढूंढ निकाला। चार अन्य की तलाश के लिए कोठारी नदी सहित आस-पास के इलाके में सर्च अभियान चलाया । इसके चलते 4 अन्य बाल अपचारी संतोषी माता मंदिर के आस-पास रेलवे ट्रैक के सहारे बैठे मिले गये। इनमें तीन एक साथ, जबकि एक अलग था। बाल अपचारियों ने स्वीकार किया कि संप्रेषणगृह से भागने के बाद दो कोठारी नदी में छिप गये और रात भर वहीं रहे, जबकि चार अलग होकर संतोषी माता मंदिर क्षेत्र में चले गये और रेलवे ट्रैक के सहारे रात काटी। इनका कहना था कि वे, संप्रेषणगृह से निकलने के बाद अपने घरों की ओर जाने की फिराक में थे। कफ्र्यू के चलते उन्हें  पुलिस ही पुलिस दिखाई पड़ी और वाहन और ट्रैनें भी बंद होने से वे शहर से नहीं निकल पाये थे। बाल अपचारियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस व संप्रेषणगृह स्टॉफ ने राहत की सांस ली है। 


 डीजीपी यादव पहुंचे भीलवाड़ा, कलेक्टर भट्ट से लिया कोराना अपडेट 

भीलवाड़ा हलचल। पुलिस महानिदेश भूपेंद्र यादव मंगलवार शाम को भीलवाड़ा पहुंचे। यहां पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक हरेंद्र महावर व एएसपी राजेश मीणा ने स्वागत किया और कलेक्टर राजेंद्र भट्ट से स्थिति की जानकारी ली।   
डीजीपी यादव ने पुलिस लाइन स्थित ऑफिसर्स क्लब में अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। कलेक्टर भट्ट ने यादव को बताया कि चिकित्सा, प्रशासन और पुलिस के आपसी तालमेल से कोराना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने  को लेकर अच्छी दिशा में है। अब तक अच्छी प्रोग्रेस भी हुई है। उन्होंने कहा कि अगर यहां के नागरिकों का सहयोग मिला तो बहुत जल्द कोराना को लेकर जंग जीत लेंगे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक हरेंद्र महावर से भी अब तक  के प्रयास की जानकारी लेते हुये डीजीपी ने पुलिस की ओर से की गई व्यवस्थाओं पर संतोष जाहिर किया। डीजीपी भट्ट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कके निर्देश की पालना करने के आदेश दिये और अपडेट से अवगत कराने के लिए कहा। करीब आधा घंटे चली इस मीटिंग में कलेक्टर भट्ट, एसपी महावर, एएसपी राजेश मीणा, सीआईडी जॉन अजमेर के एएसपी सुरेंद्र कुमार, गुलाबपुरा डीएसपी आदि मौजूद थे। इसके बाद डीजीपी यादव व जिला अधिकारी शहर में निकले और स्थिति का जायजा लिया। इससे पहले प्रदेश के पुलिस मुखिया भूपेंद्र यादव के मंगलवार शाम भीलवाड़ा पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक हरेंद्र महावर व एएसपी राजेश मीणा ने उनका स्वागत किया।  बताया जा रहा है कि डीजीपी रात को भीलवाड़ा ही रुकेंगे। 


 संप्रेषणगृह से भागे 6 में से 2 बाल अपचारी मिले, नदी में छिपे थे रातभर, शेष की तलाश में चलाया सर्च अभियान  

भीलवाड़ा हलचल। भीलवाड़ा के बाल संप्रेषणगृह से फरार हुये 6 बाल अपचारियों में से 2 को पुलिस ने ढूंढ निकाला। ये बाल अपचारी भागने के बाद कोठारी नदी के जंगल में छिप गये थे। शेष की तलाश में पुलिस ने नदी क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू किया है। पुलिस का मानना है कि शेष चार बाल अपचारी भी जल्द ही मिल जायेंगे।  
सदर थाना पुलिस ने हलचल को बताया कि पालड़ी संप्रेषणगृह से सोमवार देर शाम 6 बाल अपचारी नाल के गेट पर लगा ताला तोडऩे के बाद दीवार फांदकर फरार हो गये थे। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों व संप्रेषणगृह स्टॉफ ने इनकों पकडऩा भी चाहा, लेकिन अंधेरे के चलते ये बाल अपचारी हाथ नहीं लग पाये। सदर थाना पुलिस ने इन बाल अपचारियों की तलाश के लिए जिलेभर में नाकाबंदी लगाइ पुलिस का कहना है कि संप्रेषणगृह से भागने वाले सभी 6 बाल अपचारी संगीन मामलों में पुलिस द्वारा डिटेन करने के बाद संप्रेषणगृह में थे। 
इनमें प्रतापगढ़ जिले का एक बाल अपचारी हत्या के मामले में, जबकि कोटा जिले का बाल अपचारी एक नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में डिटेन हुआ था। इसके अलावा भीलवाड़ा जिले के दो बाल अपचारी नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म, जबकि 2 अन्य जानलेवा हमले के मामले में डिटेन किये गये थे। सदर थाना पुलिस ने इन बाल अपचारियों की तलाश के लिए प्रतापगढ़ और कोटा पुलिस को भी सूचना दी है।  उधर, पुलिस ने दूसरे दिन सुभाषनगर व सदर थाना इलाके से गुजर रही कोठारी नदी से 2 बाल अपचारियों को ढूंढ निकाला। चार अन्य की तलाश के लिए कोठारी नदी इलाके में सर्च अभियान चलाया गया है। पुलिस ने शेष चार के भी जल्द मिलने की संभावना जताई है। पुलिस का कहना है कि ये बाल अपचारी रात में संप्रेषणगृह से भागने के बाद कोठारी नदी इलाके में पहुंचे और झाडिय़ों की ओट में छिप गये, जो रातभर वहीं रुके थे। 


संप्रेषणगृह से भागे 6 बाल अपचारियों का दूसरे दिन भी नहीं लगा सुराग

भीलवाड़ा हलचल। भीलवाड़ा के बाल संप्रेषणगृह से फरार हुये 6 बाल अपचारियों का दूसरे दिन भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग पाया। इनमें दो प्रदेश के दो अन्य जिलों के, जबकि 4 भीलवाड़ा जिले के रहने वाले हैं। ये सभी संगीन मामलों में डिटेन किये जाने के बाद से संप्रेषणगृह में थे।
सदर थाना पुलिस ने हलचल को बताया कि पालड़ी संप्रेषणगृह से सोमवार देर शाम 6 बाल अपचारी नाल के गेट पर लगा ताला तोडऩे के बाद दीवार फांदकर फरार हो गये थे। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों व संप्रेषणगृह स्टॉफ ने इनकों पकडऩा भी चाहा, लेकिन अंधेरे के चलते ये बाल अपचारी हाथ नहीं लग पाये। सदर थाना पुलिस ने इन बाल अपचारियों की तलाश के लिए जिलेभर में नाकाबंदी लगाई, लेकिन दूसरे दिन मंगलवार को भी बाल अपचारियों का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। पुलिस का कहना है कि संप्रेषणगृह से भागने वाले सभी 6 बाल अपचारी संगीन मामलों में पुलिस द्वारा डिटेन करने के बाद संप्रेषणगृह में थे। 
इनमें प्रतापगढ़ जिले का एक बाल अपचारी हत्या के मामले में, जबकि कोटा जिले का बाल अपचारी एक नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में डिटेन हुआ था। इसके अलावा भीलवाड़ा जिले के दो बाल अपचारी नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म, जबकि 2 अन्य जानलेवा हमले के मामले में डिटेन किये गये थे। सदर थाना पुलिस ने इन बाल अपचारियों की तलाश के लिए प्रतापगढ़ और कोटा पुलिस को भी सूचना दी है।  


 प्रदेश में बढ़े 4 पॉजिटिव, भीलवाड़ा में सामने नहीं आया नया केस

भीलवाड़ा हलचल।  कोरोना वायरस के चलते बीते 12 घंटों में चार और पॉजिटिव केस सामने आये हैं, जिससे इनकी संख्या 76 तक पहुंच चुकी है। भीलवाड़ा में आज कोई नया केस सामने नहीं आया है, जबकि प्रदेश में 4 हजार 925 लोगों के सैंपल लिये गये, जिनमें से 4 हजार 408 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं 441 की रिपोर्ट का इंतजार है। 
आज सुबह दस बजे तक जयपुर, झुंझुनूं ,डूंगरपुर और अजमेर में एक-एक कोरोना पॉजिटिव सामने आया है। भीलवाड़ा में कोई नया पॉजिटिव सामने नहीं आया है। यहां अब तक 1194 लोगों के सैंपल लिये गये हैं। इनमें से 1045 नेगेटिव पाये गये हैं। 26 पॉजिटिव में से 11 नेगेटिव हो चुके है और दो की अब तक मौत हो चुकी है। 123 की रिपोर्ट आनी बाकी है। जयपुर में 952 लोगों की जांच करवाई गई। 21 पॉजिटिव आये हैं। 920 नेगेटिव और 11 की रिपोर्ट आनी शेष है। झुंझुनूं में 495 सेंपल लिये गये। 8 लोग पॉजिटिव है। 444 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है और 43 की रिपोर्ट का इंतजार है। प्रदेश में भीलवाड़ा में सर्वाधिक 26, झुझुनूं में आठ, पाली, सीकर,अलवर में एक-एक, अजमेर में पांच, डूंगरपुर में 3, जौधपुर में सात और प्रतापगढ़ में 2 रोगी पॉजिटिव पाये गये हैं। 


Monday, March 30, 2020

यूआईटी सचिव को बनाया प्रभारी

भीलवाड़ा। कोरोना महामारी के चलते घोषित लॉकडाउन एवं कफ्र्यू के दौरान जरूरतमंदों को निशुल्क खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए यूआईटी सचिव को प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस कार्य के लिए शहर के दानदाताओं व संस्थाओं की ओर से सहयोग दिया जा रहा है। इसके तहत जीतो संस्थान के अध्यक्ष अजय लोढा की ओर से 11 लाख 51 हजार, रतनलाल आदित्य मालीवाल (मालीवाल मिष्ठान भण्डार वाले) की ओर से एक लाख एक हजार रुपए व कैलाश कोठारी की ओर से 51 हजार रुपए की की सहायता राशि दी गई। इस सहयोग से प्राप्त की जाने वाली सामग्री जिला प्रशासन की ओर से चिन्हित क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को वितरित की जाएगी।


 कोरोना वायरस- भीलवाड़ा के लिए शुभ रहा सोमवार, एक ही दिन में 3 पॉजिटिव हुये नेगेटिव

भीलवाड़ा (हलचल)।  सोमवार का दिन भीलवाड़ा के लिए शुभ दिन रहा है। कोरोना वायरस से पीडि़त 26 पाॉजिटिव में से आज 3 मरिज और अब तक 11 मरिज नेगेटिव हो गये हैं। 11 अन्य पॉजिटिव मरिजों का इलाज जारी है, जबकि दो की मौत हो चुकी है। वहीं दो का जयपुर में उपचार चल रहा है। साथ ही कोरेंटाइन वार्ड में करीब साढ़े छह हजार मरिज चिकित्सकीय निगरानी में है। 
महात्मा गांधी चिकित्सालय के पीएम डॉ. अरुण गौड़ ने सोमवार देर रात बताया कि आज रात बजे आई कोरोना जांच रिपोर्ट में 3 और पॉजिटिव नेगेटिव आये हैं, जबकि एक आज सुबह नेगेटिव आया था।  अब तक कुल 11 मरिज नेगेटिव आ चुके हैं। भीलवाड़ा में अब तक 1194 के सैंपल लिये जा चुके हैं, जिनमें से आज एक और पॉजिटिव आने के साथ ही ऐसे मरिजों की संख्या 26 हो गई थी। रिपोर्ट के अनुसार 1045 नेगेटिव आये हैं, जबकि 123 की रिपोर्ट आनी बाकी है। कोरोना कहर का प्रदेश में दूसरा स्थान राजधानी जयपुर का है, जहां 20 लोग पॉजिटिव आ चुके हैं। जबकि जौधपुर व झुंझुनूं में सात-सात, पाली, सीकर, चूरू और अलवर में एक-एक और प्रतापगढ़ में दो रोगी पॉजिटिव आये हैं। प्रदेश में इनकी संख्या 72 पहुंच गई है, जबकि प्रदेशभर में अब तक 3446 लोगों के सैंपल लिये गये। आज सर्वाधिक जयपुर में दस लोग पॉजिटिव निक ले हैं, जबकि भीलवाड़ा, अलवर और जौधपुर में एक-एक रोगी पॉजिटिव आये हैं। वहीं 3185 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। प्रदेश में 189 लोगों की रिपोर्ट अभी आनी है। 


 मकान मालिक ने किया किरायेदारों का किराया माफ

भीलवाड़ा हलचल।  कोरोना वायरस के चलते बापू कॉलोनी में रहने वाले तीन लोगों के मकानों का किराया मालिक ने माफ करते हुये अन्य लोगों से भी इस काम में आगे आने की अपील की है। 
बापू कॉलोनी निवासी कैलाशचंद्र चन्नाल ने अपने मकान के किरायेदार मुकेश, रोशन घावरी व अजय घावरी का किराया माफ करते हुये कहा कि ऐसे समय में पैसे तो हम बाद में भी कमा लेंगे, लेकिन मानवधर्म पहले निभायेंगे। चन्नाल ने अन्य लोगों से भी इस काम में आने की अपील की है। 


 ऑल डाउन से पहले ही बढ़े परचूनी सामान के दाम

भीलवाड़ा हलचल। 3 अप्रैल से दस दिन के लिए होने वाले ऑल डाउन की खबर से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है, वहीं गली-मोहल्लों में संचालित दुकानों पर परचूनी सामान की कीमतें बढ़ा दी गई। वहीं लोगों ने भी स्टॉक शुरू कर दिया है। वैसे उपभोक्ता भंडार द्वारा संचालित चल दुकानों पर भी सामानों की कीमतों में काफी बढ़ौत्तरी हुई है। 
दस दिन से कफ्र्यू की मार झेल रहे भीलवाड़ा वासियों को अभी तक भी कई जगह पूरी तरह से राशन सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाई है। कई ऐसे इलाके हैं, जहां लोग राशन सामग्री के लिए तरस रहे हैं। इसी का एक उदाहरण आज सुबह देखने का मिला जब लॉक डाउन और कफ्र्यू को धत्ता बताकर एक दर्जन से ज्यादा महिलायें कलेक्ट्री के नजदीक सब्जी मंडी तक पहुंच गई। इन महिलाओं का कहना था कि उनके क्षेत्र में खाने पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसी तरह के आरोप सांगानेर के नजदीक स्थित गाड़ौलिया बस्ती के लोगों ने भी लगाये है। आज जैसे ही ऑल डाडन की खबर बाजार में आई तो आमजन में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने चार दिन बाद होने वाले इस ऑल डाउन के लिए सामानों का स्टॉक करना शुरू कर दिया, जिससे गली-मोहल्लों की दुकानों पर चोरी छिपे बिक रहे सामानों की कीमतों में खासा इजाफा हुआ है। आलू 35 से 40 रुपये किलो तक बैचे जा रहे हैं, जबकि सब्जियां बैचने वाले लोग मिर्ची के दाम 70 से 130 रुपये तक वसूल रहे हैं। 
दूसरी और उपभोक्ता भंडार द्वारा दस दिन पहले जिस भाव पर सामान बैचना शुरू किया था, उनमें भी 2 से 20 रुपये तक की बढौत्तरी हुई है। शक्कर  और  तेल के भाव भी बढ़ गये हैं। आटा भी अब 30 रुपये किलो बिक रहा है। 


मोटर चलाने गई बुजुर्ग महिला की कुएं में गिरने से मौत

भीलवाड़ा हलचल। जिेल के मनोहरपुरा गांव की एक बुजुर्ग महिला की मोटर चालू करते समय कुएं में गिरने से मौत हो गई। 
करेड़ा थाने के दीवान गणपत सिंह ने भीलवाड़ा हलचल को बताया कि मनोहरपुरा निवासी चांदी (60) पत्नी भोजाराम सालवी का परिवार खेत पर ही बने मकान में निवासरत है। सोमवार को चांदी कुएं पर लगी मोटर चालू करने गई, जो असंतुलित होकर कुएं में जा गिरी। धमाका सुनकर परिजन वहां पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। करेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और मोटर चलाकर कुएं का पानी तुड़वाने के बाद चांदी का शव कुएं से निकलवाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। 



पालड़ी बाल संप्रेषणगृह से आधा दर्जन बाल अपचारी भागे, जिलेभर में नाकाबंदी

भीलवाड़ा हलचल । सदर थाना इलाके के पालड़ी गांव में ही स्थित बाल संप्रेषणगृह से सोमवार देर शाम आधा दर्जन बाल अपचारी फरार हो गये। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों व स्टॉफ ने इन बाल अपचारियों का पीछा भी किया, लेकिन वे अंधेरे में आगे निकल गये। पुलिस ने जिलेभर में इन बच्चों की तलाश शुरू करते हुये नाकाबंदी की है। 
सदर थाना प्रभारी राजमल खींची ने हलचल को बताया कि पालड़ी बाल संप्रेषणगृह में सोमवार देर शाम मौका पाकर 6 बाल अपचारी फरार हो गये। ये बच्चे संप्रेषणगृह की नाल पर लगा ताला तोडऩे के बाद दीवार कूद कर पीछे की ओर निकल गये। इसकी भनक वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों व स्टॉफ को लगी तो उनमें खलबली मच गई। तुरत-फुरत में ये लोग भी बाल अपचारियों को पकडऩे के लिए पीछे दौड़ पड़े, लेकिन ये अपचारी अंधेरा का फायदा उठाकर वहां से निकल गये। बाद में इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दी। थाना प्रभारी मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी लेने के बाद शहर सहित जिले भर में इन बाल अपचारियों की तलाश के लिए नाकाबंदी करवा दी। आपकों बता दें कि पिछले दिनों ही बाल संप्रेषण में खाने की बात को लेकर कुछ बाल अपचारियों ने तोडफ़ोड़ भी कर दी थी। 


 


हिंदुस्तान जिंक के सभी कामगार देंगे एक दिन का वेतन

चित्तौडग़ढ़ (हलचल)। कोरोना के चलते हिंदुस्तान जिंक वर्कर्स फैडरेशन (इंटक) से जुड़ी सभी इकाइयों के नियमित एवं संविदा श्रमिक एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में देंगे। फेडरेशन के अध्यक्ष यूएम शंकर दास, महामंत्री कल्याण सिंह शक्तावत, पदाधिकारी घनश्याम सिंह राणावत, लालूराम मीणा, प्रकाश श्रीमाल, महेंद्र कुमार सोनी, मदनेश लोढ़ा एवं मांगीलाल अहीर सहित फेडरेशन के सभी पदाधिकारियों द्वारा द्वारा लिए गए निर्णय के तहत यह तय किया गया। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में भी जब भी देश एवं  प्रदेश में किसी भी तरह की आपदाएं आई हैं, हमारे सभी श्रमिक साथियों ने कई बार आर्थिक सहयोग दिया है। वर्तमान गंभीर संकट की घड़ी में भी हमारे सभी श्रमिक साथी आर्थिक सहयोग देने के लिए तैयार हैं। 


दिन में जलती रोड लाइट

सवाईपुर ( सांवर वैष्णव) सवाईपुर कस्बे के मुख्य चौराहे पर नेशनल हाईवे 758 पर लगी रोड लाइटें दिन में ही जल रही है | यहां पर रोड़ लाइटे कभी दिन में तो कभी रात को जलती है |


बनका खेड़ा व चादगढ़ मे हाइपोक्लोराइड़ का स्प्रे किया

सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ) कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए केन्द्र व राज्य सरकार हर सभव प्रयास कर रही है | जिससे लेकर आज निकटवर्ती बनकाखेड़ा ग्राम पचांयत के सभी गांवों में व जीवाखेड़ा ग्राम पंचायत के चादगढ़ गांव के बाजार में 1 फिसदी हाइपोक्लोराइड़ से स्प्रे किया गया | जिस दौरार डॉ. राजेन्द्र कुमार सोमाणी, सरपंच रामु देवी गाडरी बनकाखेड़ा व रुकमा देवी जाट, पुर्व सरपंच शोभा लाल जाट जीवाखेड़ा, वार्ड पंच सोनिया, देवकिशन जाट, राधेश्याम ओड आदि ग्रामीण मौजूद रहे | वही निकटवर्ती बनकाखेड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच के द्वारा गांव में  जरूरतमंदों को मास्क व सैनिटाइजर वितरण किया |


सोडियम हाइपो क्लोराइड का छिड़काव किया

बैरां (भैरूलाल गुर्जर)। गागलास सहित उदलपुरा, माल का खेड़ा में कोरोना वायरस से होने वाले संक्रमण से बचाव को लेकर सोडियम हाइपो क्लोराइड का छिड़काव किया गया। गोपाल गुर्जर व नारायण गुर्जर ने लोगों से घर में ही रहने की अपील की। इस दौरान सांवरमल गुर्जर, मिट्ठूलाल शर्मा, नेहरू युवा मंडल उपाध्यक्ष शिवराज शर्मा, बक्षु गुर्जर, नरेश शर्मा, नवरतन शर्मा आदि मौजूद थे।


भामाशाह व पुलिस कर रही राहगीरों की मदद

सवाईपुर (सांवर वैष्णव)। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन घोषित किया गया है, जिसके चलते बाहर रोजगार के लिए जाने मजदूरों को वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। फैक्ट्रियां बंद होने से मजदूरों को पैदल ही पलायन करना पड़ रहा है। इन लोगों के लिए भामाशाह व पुलिस भोजन के पैकेट व बिस्किट वितरित कर रहे हैं। सवाईपुर चौकी प्रभारी सत्यनारायण शर्मा व स्टाफ पैदल जा रहे मजदूरों को वहां से गुजरने वाले वाहनों में बैठाकर रवाना कर रहे हैं।


एक ही परिवार के 25 लोग कोरोना संक्रमित

महाराष्ट्र के सांगली में एक ही परिवार के 25 लोग कोरोना संक्रमित हैं। यह पूरा परिवार छोटी सी जगह में बने चार कमरे के मकान रहता था, जिससे सभी में संक्रमण तेजी से फैला। इस परिवार के चार सदस्य सऊदी से लौटे थे और 23 मार्च को इनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।  एक हफ्ते के बाद परिवार के 21 और लोग वायरस से संक्रमित हो गए। इनमें दो साल का बच्चा भी शामिल है। सांगली प्रशासन का दावा है कि वायरस से अभी सामुदायिक संक्रमण नहीं हुआ है। क्योंकि दुबई से लौटने के बाद चारों लोगों और उनके परिजनों को होम क्वारंटाइन कर दिया गया था। साथ ही, अब तक यहां इस परिवार को छोड़कर संक्रमण का दूसरा केस नहीं मिला है।


इस परिवार के पड़ोस में रहने वाले सभी लोगों की जांच की गई। इसके बाद उन्हें होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। इलाके को सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम रेगुलर पड़ोसियों का चेकअप कर रही है। हालांकि, अभी तक किसी भी पड़ोसी में संक्रमण के लक्षण नजर नहीं आए हैं। सभी की तबियत ठीक है।
सांगली कलेक्टर अभिजित चौधरी ने बताया कि संक्रमित हुए परिवार के सभी 25 सदस्य अभी आइसोलेशन सेंटर में भर्ती हैं। सभी की हालत अभी स्थिर है। जिले के सरकारी सर्जन सी एस सालुनखे ने कहा कि परिवार के अलावा दूसरे संपर्क संक्रमित नहीं हुए हैं। इसलिए सामुदायिक संक्रमण से नहीं माना जा सकता है।


 दो डॉक्टरों के क्लीनिक सील


सांगली के मिरज में दो डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा है। विदेश से लौटने के बाद दोनों डॉक्टरों ने अपने अस्पताल और ओपीडी खुले रखे और मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते रहे। 


कोरोना से जंग: एलएनजे ग्रुप की ओर से तीन राज्यों के लिए 5.51 करोड़ की मदद दी

भीलवाड़ा (हलचल)। एलएनजे ग्रुप ने भीलवाड़ा ग्रुप ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश में कोरोना प्रभावितों की मदद के लिए 5.51 करोड़ रुपए की मदद दी है। एलएनजे ग्रुप की ओर से प्रधानमंत्री राहत कोष में दो करोड़ रुपए, मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री राहत कोष में डेढ़ करोड़, हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री सहायता कोष में मलाणा पावर प्लांट की ओर से 50 लाख, राजस्थान मुख्यमंत्री सहायता कोष में एक करोड़ एक लाख, आरएसडब्ल्यूएम भीलवाड़ा से डीएम भीलवाड़ा को 10 लाख, जवाहर फाउंडेशन की ओर से डीएम कोरोना रिलीफ  फंड में भीलवाड़ा और अजमेर के लिए 20-20 लाख रुपए की सहायता दी है।
एलएनजे ग्रुप भीलवाड़ा की राजस्थान के औद्योगिक इकाई आरएसडब्ल्यूएम लिमिटेड की ओर से राजस्थान मुख्यमंत्री सहायता कोष में 50 लाख रुपए और जमा कराए गए हैं। गौरतलब है कि 3 दिन पहले भी 51 लाख रुपए मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराए गए थे। आज फिर आरएसडब्ल्यूएम की ओर से 50 लाख रुपए की और सहायता दी गई।
ग्रुप के ओएसडी रजनीश वर्मा ने बताया कि रिजु झुनझुनवाला की ओर से आरएसडब्ल्यूएम  लिमिटेड ने राजस्थान मुख्यमंत्री सहायता कोष कोविड-19 में कुल 1 करोड़ 1 लाख जमा कराए।


कोरोना से जंग: हिन्दुस्तान जिंक रामपुरा आगूंचा ने की मदद की पहल

चित्तौडग़ढ़ (हलचल)। कोरोना वायरस के नियंत्रण एवं बचाव के लिए हिन्दुस्तान जिंक रामपुरा आगूंचा खान की ओर से स्माइल ऑन व्हील्स के माध्यम से इकाई के आसपास के गांवों में चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। इसमें उनको निशुल्क दवाई वितरण के साथ जागरूकता अभियान भी चला रखा है ताकि आमजन जागरूक रहे।
कंपनी की ओर से लगभग 500 पैकैट भोजन रोज तैयार कर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार वितरण करने जा रहा है साथ ही जो पैदल यात्रियों के लिए भी भोजन की व्यवस्था की गई है। गांवों में संक्रमण नहीं फैले, इसके लिए गांवों में हाइपो क्लोराइड दवा का छिड़काव किया जा रहा है। सखी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी इस महामारी के बचाव के लिए सिलाई कर मास्क बना रही हैं। ये मास्क जिला प्रशासन के सहयोग से वितरित किए जा रहे हैं। करीब 2000 मास्क का वितरण हिन्दुस्तान जिंक, रामपुरा आगंूचा की ओर से पुलिस प्रशासन को वितरित किए गए। प्लांट से दो एंबुलेंस के साथ 20 अन्य वाहन भी उपलब्ध करवाये गए हैं। हिन्दुस्तान जिंक, रामपुरा आगूंचा खान के डायरेक्टर सुजल शाह ने कहा कि हिन्दुस्तान जिंक अपने सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए आगे भी सेवाएं देता रहेगा।


कोराना वायरस का तकनीकी रूप से देश में नहीं शुरू हुआ सामुदायिक ट्रांसमिशन

नई दिल्‍ली । देश में कोरोना वायरस की रोकथाम सचिव के लिए उठाए जाने वाले कदमों को लेकर सोमवार को स्‍वास्‍थ्‍य और गृह मंत्रालय की बैठक हुई। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पिछले 24 घंटों में COVID19 के कारण चार लोगों की मौत हुई है और  92 नए मामले सामने आए हैं। अब तक देश में 1071 कुल मामले सामने आए हैं और भारत में मौतों की संख्या 29 हो गई है।


लव अग्रवाल ने कहा कि हम सभी को सामाजिक दूरी बनाए रखनी चाहिए; यहां तक कि एक व्यक्ति की लापरवाही से कोरोना वायरस महामारी के रूप में फैल सकती है।तकनीकी रूप से, भारत में COVID-19 अभी भी स्थानीय ट्रांसमिशन चरण में है, अब तक कोई सामुदायिक प्रसारण नहीं हुआ है। 


उन्‍होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में चिकित्सा उपकरण और आपातकालीन सामानों की आपूर्ति के लिए विशेष कार्गो उड़ानें चलाने के लिए अनुमति दी है। 


इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICCR) के रमन गंगा केतकर ने कहा कि देश में अब तक 38,442 टेस्‍ट किए गए हैं, जिनमें से 3,501 कल किए गए थे। इसका मतलब है कि हम अभी भी अपनी टेस्‍ट क्षमता के 30% से कम हैं। पिछले 3 दिनों में 13,034 टेस्‍ट निजी लैब्‍स में किए गए हैं।


कोरोना वायरस-सरकार ने दिया 40 हजार वेंटिलेटर का ऑर्डर

नई दिल्ली । कोरोना वायरस से लड़ने के लिए केंद्र सरकार ने ऑटोमोबाइल निर्माताओं से अपने संसाधनों का उपयोग करके वेंटिलेटर बनाने को कहा है। ताकी महामारी से निपटने के लिए किसी भी सामना की कमी न हो पाए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) अगले हफ्ते से प्रति दिन 20 हजार N-95 मास्क का निर्माण शुरू कर देगा।


मंत्रालय ने बताया कि देश के विभिन्न अस्पतालों में करोना वायरस के मरीजों के लिए 14 हजार से अधिक वेंटिलेटर लगाए गए हैं, जबकि 11.95 लाख एन -95 मास्क का स्टॉक है। इसके अलावा पिछले 5 दिनों के दौरान 5 लाख मास्क बांटे जा चुके हैं और सोमवार को 1.40 लाख और बांटे जाएंगे। मंत्रालय ने बताया कि दो घरेलू निर्माता प्रतिदिन 50 हजार एन -95 मास्क का उत्पादन कर रहे हैं। इसके अगले हफ्ते तक प्रति दिन 1 लाख तक जाने की उम्मीद की है।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, 'ऑटोमोबाइल निर्माताओं को वेंटिलेटर बनाने के लिए कहा गया है और वे इस दिशा में काम कर रहे हैं।' इसके अलावा, मंत्रालय ने स्थानीय निर्माताओं के साथ मिलकर अगले दो महीनों में 30,000 वेंटिलेटर का निर्माण करने के लिए रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) को कहा है। इसके अलावा नोएडा की एगवा हेल्थ केयर को एक महीने के भीतर 10 हजार वेंटिलेटर बनाने का अर्डर दिया दिया गया है।


राजस्थान में अब तक कोरोना वायरस के 62 पॉजिटिव

राजस्थान में सोमवार को कोरोना वायरस के तीन और नए केस मिले हैं। इस बीच, जोधपुर से सेना के वेलनेस सेंटर में लाए गए ईरान के 45 लोगों के नमूने लिए गए, जिनमे से सात कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। 


इनमें एक भीलवाड़ा और दो जयपुर के बताए जाते हैं। जोधपुर में एक 41 वर्षीय व्यक्ति कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया है। यह व्यक्ति हाल ही में ईरान से यहां आया था। राज्य में अब तक कोरोना पॉजिटिव के 62 मामले सामने आ चुके हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के मुताबिक, राजस्थान में कोरोना वायरस के 62 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जिसमें भीलवाड़ा से सबसे अधिक 26 मामले दर्ज किए गए हैं।


27 लाख मजदूरों के बैंक खाते में जमा हुए 1 हजार रुपए

 कोरोना वायरस संक्रमण से दिन पर दिन हालात खराब होते जा रहे हैं। भारत में कोरोना पॉजिटिव मामले 1000 को पार कर चुके हैं। देश में यह तीसरे चरण में पहुंचने की दहलीज पर आ गया है। पूरे देश में लॉकडाउन होने की वजह से सबसे ज्यादा मुश्किलें दिहाड़ी मजदूरों को आ रही हैं। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मनरेगा में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों के खातों में 1-1 हजार रुपए जमा कर दिए है। यह पैसा श्रमिक भरण पोषण योजना के तहत दिया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 27 लाख दिहाड़ी मजदूरों को सीधा लाभ मिल सकेगा।


अगर मास्क नहीं पहना तो नहीं मिलेगा पेट्रोल और डीजल

अहमदाबाद। Coronavirus को लेकर  अब एक फैसला और लिया गया है कि अगर आपने घर से निकलने वक्त मास्क नहीं पहना तो आपको पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा। यह फैसला गुजरात के अहमदाबाद में पेट्रोल पंप पर काम करने वाले कर्मचारियों ने लिया है।


उन्होंने तय किया है कि वो बिना मास्क के आने वाले वाहन चालकों के वाहन में पेट्रोल या डीजल नहीं भरेंगे। लोग बिना मास्क के ही पेट्रोल पंपों पर देखने को मिल रहें है, इससे यह निर्णय किया गया।


देश में कोरोना वायरस के कारण 21 दिनों तक लॉकडाउन किया गया है। इसके बाद कोरोना वायरस के बारे में लोगों में जागृति का अभाव दिख रहा हैं। वाहन चालक पेट्रोल भराने के लिए जाते समय भी मास्क नहीं पहनते। इसलिए टू व्हीलर फोर व्हीलर का चालक और उसके साथ बैठने वालों के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया गया हैं। पेट्रोल पंप के प्रवेश द्वार पर ही इस आशय की सूचना लगा दी गई है।


 


कफ्र्यू पास बनाने के लिए एसडीएम कार्यालय में लगी भीड़

भीलवाड़ा (अनिल मलिक)। लॉकडाउन के दौरान कफ्र्यू पास बनवाने के लिए आज सुबह एसडीएम कार्यालय में लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। घरों से बाहर नहीं निकलने के प्रशासन के आदेश के बाद समाज सेवा व अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग आज सुबह बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय में जमा हुए। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए लोग कतार में लगे दिखे। हालांकि बाद में जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने आदेश जारी कर दिया कि तीन से 13 अप्रैल तक कफ्र्यू पास निरस्त रहेंगे। उन्होंने अभी इस संबंध में यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस दिशा में आगे क्या रहेगा।


अब 3 अप्रैल से 10 दिन का ऑल डाउन, सभी दुकानें रहेंगी बंद

भीलवाड़ा हलचल। कोरोना वायरस से सख्ती से निबटने के लिए दस दिन का ऑल डाउन किया जा रहा है। इस दौरान खरीद-फरोख्त बंद रहेगी और न कोई आ सकेगा और न ही जा सकेगा। 
जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने हलचल को बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉक डाउन और कफ्र्यू के बाद अब ऑल डाउन का निर्णय लिया गया है। यह दस दिवसीय ऑल डाउन 3 अप्रैल  से लागू होगा।, जो 13 अप्रैल तक जारी रहेगा।  उन्होंने बताया कि इस दौरान सभी तरह की दुकानें बंद रहेंगी। किसी तरह की खरीद-फरोख्त नहीं होगी। न यहां से कोई बाहर जा पायेगा और न आ पायेगा। उन्होंने बताया कि दुग्ध की सप्लाई घर-घर की जायेगी। 


गांव में किया सोडियम हाइपो क्लोराइड का छिड़काव


भीलवाड़ा। कोरोना के संक्रमण को रोकने के प्रयास के तहत आकोला पुरावतों का में श्याम सालवी व अन्य ने गांव में सोडियम हाइपो क्लोराइड का छिड़काव किया।


कोटड़ी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी क्वारंटाइन में!

कोटड़ी/भीलवाड़ा। कोटड़ी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी के कोरोना वायरस से पीडि़त होने के कारण क्वारंटाइन में होने की जानकारी मिली है।
सोमवार को कोटड़ी के पूर्व सरपंच जमनालाल डीडवानिया व  किशनगढ़ सरपंच पति रामस्वरूप कोटड़ी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय गए और ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी सुनील सोनी के इस गंभीर स्थिति में भी यहां नहीं होने के बारे में पूछताछ की तो पहले तो किसी ने कोई जवाब नहीं दिया लेकिन बाद में वहां मौजूद डॉ. कन्हैयालाल ने बताया कि ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी क्वारंटाइन में है और वहीं से दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
 


लॉकडाउन से परेशानी: 25 से ज्यादा महिलाएं कांवाखेड़ा से पैदल ही पहुंचीं कलेक्ट्रेट

भीलवाड़ा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते जारी लॉकडाउन में राशन व अन्य सामान नहीं मिलने से लोग अब परेशान होने लगे हैं। इसके चलते आज सुबह कांवाखेड़ा से करीब 25 से ज्यादा महिलाएं राहत दिलाने की मांग को लेकर पैदल ही कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। उसमें भी हैरत वाली बात यह रही कि लॉकडाउन के चलते हर चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मियों में से किसी ने भी उन्हें नहीं रोका। हालांकि कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद इन महिलाओं को जल्दी ही राहत दिलाने का आश्वासन दिया गया। इसी तरह की परेशानी सांगानेर स्थित कीरखेड़ा के लोगों की भी है। यहां भी लोगों ने उन्हें राशन व अन्य राहत सामग्री नहीं मिलने का आरोप लगाया है और राहत दिलाने की मांग की है।     


अच्छी खबर: कोरोना पॉजीटिव एक और मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा के लिए आज एक अच्छी खबर यह आई है कि कोरोना पॉजीटिव एक और व्यक्ति की रिपोर्ट नेगेटिव आई है हालांकि यहां भर्ती एक मरीज की रिपोर्ट पॉजीटिव भी आई है।
जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कोरोना के एक संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट आज पॉजीटिव आई है जिससे अब यहां पॉजीटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। पीएमओ डॉ. अरूण गौड़ ने बताया कि आज एक अच्छी खबर यह भी आई है कि पॉजीटिव 25 में से एक और मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आई है जिससे नेगेटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है, इनमे ंसे 6 भीलवाड़ा में और 2 जयपुर में हैं।


Sunday, March 29, 2020

राहत भरी खबर- डॉ. आलोक और नियाज की रिपोर्ट नेगेटिव 

कोरोना वायरस के पांच पॉजिटिव मरिजों के नेगेटिव आने के बाद एक और राहत भरी खबर सामने आई है। जयपुर में भर्ती बांगड़ हॉस्पिटल के दो चिकित्सकों की रिपोर्ट भी अब नेगेटिव आ गई है। 
जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने हलचल को बताया कि बृजेश बांगड़ मेमोरियल हॉस्पिटल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आलोक मित्तल और सबसे पहले कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरिज डॉ. नियाज की रिपोर्ट आज नेगेटिव आई है। ये दोनों चिकित्सक जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती हैं। दोनों चिकित्सकों और पांच मरिजों की जांच नेगेटिव आने के बाद चिकित्सा महकमे में उत्साह का माहौल है। यहां भर्ती पॉजिटिव मरिजों की चिकित्सा भी जयपुर के चिकित्सकों की देखरेख में की जा रही है। महात्मा गांधी अस्पताल के पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य राजन नंदा चिकित्सा व्यवस्था में जुटे हैं। 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुश्ताक खान ने बताया कि आज 100 से ज्यादा लोगों के सैंपल लिये गये हैं, जबकि विभिन्न होटलों और अन्य भवनों में सात सौ से ज्यादा लोग केरोंटाइन में रखे गये हैं। उन्होंने बताया कि संदिग्ध लोगों को तलाशने और सर्वे की कार्रवाई तेजी से की जा रही है और भीलवाड़ा का सर्वे एक दो दिन में पूरा हो जायेगा। 


बांगड़ के बाद अब स्वास्तिक हॉस्पिटल सीज, स्टॉफ की होगी जांच 

  भीलवाड़ा  जिले को ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों और चार प्रदेशों के सैकड़ों लोगों को कोरोना वायरस की आग में धकेल चुके बृजेश बांगड़ मेमोरियल हॉस्पिटल के कारण अब एक और हॉस्पिटल का नाम इस खतरनाक वायरस के साथ जुड़ गया। आरसी व्यास कॉलोनी में स्थित स्वास्तिक हॉस्पिटल को आज सीज कर दिया गया। हॉस्पिटल के पूरे स्टॉफ के साथ ही पिछले समय में इलाज के लिये आये और भर्ती मरिजों की अब चिकित्सा विभाग द्वारा स्क्रिनिंग की जा रही है। 
जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने भीलवाड़ा हलचल को बताया कि बांगड़ हॉस्पिटल के कुछ मरिजों का इस हॉस्पिटल से कुछ ही दूरी पर स्थित स्वास्तिक हॉस्पिटल में भी इलाज चला है। यह बात सामने आने के बाद आज चिकित्सा महकमे ने त्वरित कार्रवाई की ओर स्वास्ति अस्पताल को भी सीज कर दिया। इस अस्पताल में 6 ऐसे मरिजों की डायलेसिस होने का पता चला, जो अपना इलाज बांगड़ अस्पताल में भी करवा रहे थे। कलेक्टर भट्ट ने बताया कि अस्पताल को खाली करवाते हुये यहां भर्ती मरिजों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया। वहीं अस्पताल के चिकित्सकों व स्टॉफ की स्क्रिनिंग भी की जा रही है। अस्पताल को सीज करने से अन्य निजी अस्पतालों में भी हड़कंप मच गया है। 
स्वास्तिक अस्पताल के संचालक डॉ. हरीश मारु ने देर रात हलचल को बताया कि उनके अस्पताल में 11 चिकित्सकों सहित 150 नृसिंगकर्मी और अन्य स्टॉफ है। इनमें से कोई भी पीडि़त नहीं है। आज सात कर्मचारियों की जांच की गई। उन्होंने इस कार्रवाई को एहतियातन बताया है। 
मरिजों की अब उदयपुर में होगी डायलेसिस
जिला कलेक्टर भट्ट ने बताया कि भीलवाड़ा में कोरोना वायरस फैलने के बाद और दो निजी चिकित्सालयों को सीज किया गया है। जहां डायलेसिस की सुविधा उपलब्ध थी। अब सरकारी अस्पताल के साथ ही अन्य मरिजों की डायलेसिस की व्यवस्था उदयपुर में की गई है। इसके लिए प्रशासन ने वाहन की व्यवस्था भी की है, ताकि मरिजों को कोई दिक्कत न हो। 


 


प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव की संख्या पहुंची 59

भीलवाड़ा हलचल। कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश भर में अब तक 59 लोग पॉजिटिव आ चुके हैं, जिनकी संख्या भीलवाड़ा में 25 तक पहुंच चुकी है। जबकि 4359 लोगों के सैंपल लिये गये हैं। 
रविवार रात दस बजे तक प्रदेशभर में 4359 लोगों की कोरोना जांच के लिए लिये गये सैंपल में से 3821 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जबकि भीलवाड़ा, झुंझुनूं में एक-एक और अजमेर में 3 नये संक्रमित रोगी सामने आये हैं। इसी के साथ भीलवाड़ा में अब तक 25, झुंझुनूं में सात, जयपुर में दस, पाली, सीकर व चूरू में एक-एक, प्रतापगढ़ और डूंगरपुर में दो-दो, अजमेर में 4 और जौधपुर में 6 पॉजिटिव मरिजों के साथ ही इनकी संख्या प्रदेश में 59 हो गई है। जबकि भीलवाड़ा में दो लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि प्रदेश में 489 लोगों और भीलवाड़ा में 148 की जांच आनी बाकी है। 


कोरोना पीडि़त गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से लैबर रुम

भीलवाड़ा हलचल। कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं से किसी और महिला को संक्रमण नहीं फैले, इसे लेकर अस्पताल प्रशासन ने मातृ एवं शिशू चिकित्सालय में अलग से लैबर रुप की स्थापना की गई है। 
पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ ने हलचल को बताया कि दो दिन पहले कोरोना संक्रमित एक गर्भवती महिला का प्रसव हुआ था। नवजात को वार्ड में रखने को लेकर दूसरे मरिजों ने आपत्ति की थी। इसे देखते हुये कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लिया था। इसके बाद आज एमसीएच में अलग से लैबर रुम स्थापित कर दिया गया। ताकि कोई संदिग्ध और कोरोना संक्रमित गर्भवती आये तो उसका प्रसव इस लैबर रुम में करवाया जा सके। 



कोरोना मरिजों के मनोरंजन के लिए वार्ड में लगेंगे टेलीविजन, जांच के मिले उपकरण 

भीलवाड़ा हलचल। जिला अस्पताल के आइसोलेट वार्ड में उपचाररत कोरोनो पॉजिटिव मरिजों के मनोरंजन के लिए अब टेलीविजन लगेंगे। इसके साथ ही ऐसे मरिजों की जांच के लिए और उपकरण भी मुहैया करवायें गये हैं। इन उपकरणों से मरिज स्वयं अपनी जांच कर सकेंगे। 
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य राजन नंदा ने हलचल को बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरिजों को कोई परेशानी न हो और वे मनोरंजन के साथ अपना समय गुजार सके, इसके लिए वार्ड में ही टेलीविजन लगाये जायेंगे। यह व्यवस्था एक दो दिन में ही हो जायेगी। इसी तरह पॉजिटिव मरिजों को ऐसे मीटर भी उपलब्ध करवा दिये हैं, जिनसे मरिज स्वयं अपनी पल्स और ऑक्सीजन मात्रा नाप सकेंगे। 


 


एमजीएच में अब होगा 200 बैड का आइसोलेशन वार्ड, बढ़ाये जा सकेंगे बैड

 भीलवाड़ा राजकु मार माली। एक और जहां कोरोना वायरस की चेन तोडऩे के लिए प्रशासन और चिकित्सा महकमा जुटा है वहीं दूसरी और अगर स्थिति बिगड़ती है तो चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने में कोई कमी नहीं रखी जायेगी। अब महात्मा गांधी अस्पताल में 200 बैड का आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किया जा रहा है। 
यह जानकारी देते हुये मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजन नंदा ने हलचल को बताया कि महात्मा गांधी अस्पताल में वर्तमान में 40 बैड का आइसोलेशन वार्ड है, जिसे बढ़ा कर 200 बैड किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निबटा जा सके। उन्होंने बताया कि अगर जरुरत पड़ी तो बैड की संख्या 550 तक बढ़ा दी जायेगी। इसके लिए शहर के 5 निजी अस्पतालों को चिन्हित कर वहां भी तैयारियां शुरू कर दी गई है। आने वाले कुछ दिन शहर के लिए चिंतनिय है, जिसे ध्यान में रखकर पुख्ता तैयारियां की जा रही है। 
उधर, जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने आज चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर फिर बैठक की ओर कोरोना वायरस की चेन तोडऩे में आ रही कमियों व आगे किये जाने वाले प्रयासों को लेकर विचार किया। उन्होंने चिकित्सकों से यह भी कहा कि हर तरह की सुविधायें मुहैया करवाई जायेगी। उपचार में किसी तरह की कोई कमी नहीं रहनी चाहिये। 
वहीं पुलिस महकमे ने भी रविवार को कुछ सख्ती दिखाई है और बाहरी कॉलोनियों में भी लोगों की आवाजाही कम हुई है, लेकिन जरुरत अभी पूर्णरूप से सख्ती बरतने की महसूस की जा रही है। शहर में पुलिस लाइन के निकट की कॉलोनियां, सौफीट रोड़, पांसल रोड़, जूनावास, माणिक्य नगर, गांधीनगर, गुलअली नगरी जैसे इलाकों में अब भी लोग बेखौफ सड़कों पर नजर आ रहे हैं। कई जगह तो मौका मिलते ही दुकानें खोलकर बैठ जाते हैं। जैसे ही पुलिस का वाहन दिखाई पड़ता है, अंदर दुबक जाते हैं। वहीं कुछ लोग अपनी-अपनी दुकानों में शटर गिराकर काम करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। उन दुकानों में लोगों की आवाजाही भी बनी रहती है।  


 


14 दिन चिकित्सकीय निगरानी में बिता चुके लोगों को भेजा जायेगा होमआइसोलन 

भीलवाड़ा हलचल। शहर में कोरेंटाइन सेंटर्स में रखे गये कुछ मरिजों को अब होम आइसोलेशन में रखा जायेगा। इसे लेकर चिकित्सा महकमा गंभीरता से विचार कर रहा है। 
सूत्रों के अनुसार, कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरिजों के संपर्क में आये परिजनों और बांगड़ अस्पताल के कर्मचारी और मरिजों को 20 अलग-अलग कोरेंटाइन सेंटर्स में रखा गया है, जिनकी संख्या 750 करीब है। इनमें से उन लोगों को होम आइसोलेशन में भेजने की तैयारी की जा रही है, जो 14 दिन चिकित्सकीय निगरानी में रह चुके हैं या फिर बांगड़ अस्पताल गये और पॉजिटिव मरिजों के संपर्क में आये 14 दिन बीत चुके हैं। ऐसे मरिजों को अगले कुछ दिनों के लिए होमआइसोलेशन में रखा जायेगा, जिन पर चिकित्सकीय निगरानी रहेगी। 



स्वास्तिक हॉस्पिटल के 15 कर्मचारियों के लिये सैंपल

भीलवाड़ा हलचल। बांगड़ अस्पताल के मरिजों की डायलेसिस की सूचना पर सीज किये गये स्वास्तिक हॉस्पिटल के 15 कर्मचारियों के रविवार को सैंपल लिये गये। इनकी रिपोर्ट सोमवार को आयेगी। 


 


जिले में पांच जगह और बनेंगे कोरेंटाइन सेंटर

 भीलवाड़ा हलचल। कोरोना वायरस का प्रभाव अगर बढ़ता है तो भीलवाड़ा शहर के अलावा पांच बड़े कस्बों में भी कोरेंटाइन सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है। 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुश्ताक खान ने बताया कि भीलवाड़ा में रविवार को एक मात्र पॉजिटिव केस सामने आया है। उन्होंने बताया कि आज 150 लोगों के सैंपल लिये गये। अब तक 1175 लोगों के सैंपल लिये जा चुके हैं। आज लिये गये सैंपल की रिपोर्ट सोमवार को आयेगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन और चिकित्सा महकमे के प्रयास से कोरोना वायरस की चेन तोडऩे का भरसक प्रयास किया जा रहा है और लोग घरों में रहे तो आने वाला समय सुखद होगा। उन्होंने आमजन से एक बार फिर से घरों में रहकर बार-बार साबुन से हाथ धोने और नियमों का पालन करने की अपील की है ताकि वे, अपने परिवार सहित सुरक्षित रह सके। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर आसींद, शाहपुरा, जहाजपुर, मांडलगढ़ और गंगापुर में कोरेंटाइन सेंटर स्थापित करने का फैसला किया है। 



 प्रधानमंत्री की अपील नहीं मान रहे उद्योगपति, श्रमिक पलायन के लिए मजबूर 

भीलवाड़ा हलचल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर फैक्ट्री और अन्य उद्योगों के मालिकों के ध्यान नहीं देने का ही परिणाम है कि आज बाहरी मजदूरों को शहर छोड़कर जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है और जो यहां रह रहे हैं उनमें से कई लोगों के सामने भूखमरी की स्थिति पैदा होती जा रही है। 
कोरोना वायरस से एक-एक जिंदगी बचाने के लिए प्रधानमंत्री ने देशभर में लॉक डाउन की घोषणा की। इसी के साथ उन्होंने श्रमिकों को पूरा वेतन देने का आह्वान सभी नियोजकों से किया, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। अधिकांश फैक्ट्री मालिकों ने श्रमिकों को घर जाने को कह दिया है। ऐसी स्थिति में उनके पास माह के अंत में न तो पैसे है और न ही घर जाने के लिए साधन। कई लोग तो फटेहाल स्थिति में ही पैदल ही घरों के लिए सड़क और रेलवे ट्रैक पर चल रहे हैं। 
भीलवाड़ा में 380 से ज्यादा कपड़ा फैक्ट्रियां और इनसे जुड़े कामों में हजारों श्रमिक लगे हैं। वहीं सड़क, भवन, ईंट उद्योग, केबल बिछाने, सिवरेज कार्य सहित अन्य कामों में मध्यप्रदेश , पश्चिमबंगाल, बिहार, उत्तरप्रदेश और आसाम तक के लोग यहां मजदूरी कर रहे हैं। इन श्रमिकों के सामने रहने, खाने का संकट खड़ा हो गया। लोक डाउन के चलते कई श्रमिक तो ऐसे हैं, जिन्हें काम पर लाने वाले ठेकेदार उनके हाल जानने तक नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में यह श्रमिक बस और रेल बंद होने के बाद अब पैदल ही अपने घरों की ओर निकल पड़े हैं। ये ही स्थिति भीलवाड़ा से बाहर आइस्क्रीम, बोरिंग और ड्रिलिंग कार्य में लगे हजारों श्रमिकों की है। वे भी भीलवाड़ा आने को बेताब है। तमिलनाडू हो या उत्तराखंड, वहां उलझ कर रह गये हैं। 
प्रशासन ने वैसे तो ऐसे लोगों के लिए पुख्ता प्रबंध किये हैं, लेकिन वे श्रमिक ज्यादा परेशान है जो बाहर से आकर यहां अस्थायी कामों में लगे हैं। ठेकेदारों के माध्यम से चल रहे काम पर लगे इन श्रमिकों के कहीं भी नाम प्रशासन के पास नहीं है। वहीं कई फैक्ट्रियों में घुमटियां बनाकर रह रहे श्रमिकों के सामने भी खाने पीने की स्थिति गड़बड़ा गई है। क्षेत्र के सरपंच हो या वार्ड पार्षद वे भी अब तक ऐसे सभी लोगों तक नहीं पहुंच पाये हैं। इससे वे फैक्ट्रियों में ही कैद है। फैक्ट्री प्रबंधकों ने उन्हें घर जाने को कह दिया है। 
दूसरी और दिहाड़ी मजदूरी करने वाले श्रमिकों के सामने भी हालात विकट है। होली के बाद गांव से लौटे इन श्रमिकों की स्थिति विचित्र हो गई है। अभी तक इन्हें पहला वेतन भी नहीं मिल पाया है। अब वे ना तो गांव लौट सकते हैं और न यहां इनके कोई मददगार हैं। ऐसे में कई लोग तो अपने सैकड़ों मिल दूर घरों की ओर कूच करने के लिए निकल चुके हैं। 


6 माह पहले विवाह के बंधन में बंधी युवती की मौत

भीलवाड़ा हलचल। जिले के ठेकला गांव की एक विवाहित युवती की अचानक तबीयत बिगडऩे के बाद जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। युवती की शादी 6 महीने पहले हुई थी। 
गंगापुर थाने के मंगल सिंह ने भीलवाड़ा हलचल को बताया कि ठेकला निवासी सीमा (20) पत्नी जगदीश गुर्जर की 3 दिन पहले ससुराल के घर में ही अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे गंगापुर चिकित्सालय में भर्ती करवाया, लेकिन एक दिन बाद हालत में सुधार नहीं होने से उसे जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। जहां सीमा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना पर गंगापुर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची । जहां मृतका के परिजनों ने इस आशय की रिपोर्ट पुलिस को दी। पुलिस ने बताया कि रायपुर थाने के राणास गांव की सीमा की शादी 6 महीने पहले ही जगदीश के साथ हुई थी। नव विवाहिता होने से शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। मौत के कारणों की जांच की जा रही है। 


चांद दिखाई दे रहा है उल्टा, फैल रह है अफवाह

 भीलवाड़ा हलचल। रविवार दोपहर चांद का आसमान में अलग ही नजारा दिखाई दिया। चांद की इस स्थिति को लेकर भीलवाड़ा में तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगी है। यह अफवाहें सोशल मीडिया पर चल रही है। अफवाहों कहा जा रहा है कि चांद आज उल्टा नजर आ रहा है, जो अमूमन सीधा दिखाई पड़ता है। लोग यह तक कहते नजर आ रहे हैं कि यह किसी अनहोनी का संकेत है।  


कोरोना का कहर: लॉकडाउन में लोग पहले ही परेशान, दुकानदार व सब्जी विक्रेता भी मनमाने दाम वसूल रहे

भीलवाड़ा। एक ओर कोरोना की दहशत के चलते लोग पहले ही परेशान हैं, ऐसे समय में दुकानदार व सब्जी विक्रेता भी लोगों से मनमाने दाम वसूलने से बाज नहीं आ रहे हैं। लाइनों में लगकर किराना का सामान व सब्जी लेने जाने वाले लोगों से दुकानदार व सब्जी विक्रेता मनमाने दाम वसूल रहे हैं। इससे एक ओर लोगों में रोष है वहीं परिवार को पालने के लिए खरीददारी करने की भी मजबूरी है। इसमें सबसे त्रस्त ऐसे लोग हो रहे हैं जो मजदूरी करते आ रहे थे।
कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के दौरान सब्जी विक्रेताओं द्वारा मनमाने दाम वसूल करने के आरोप लोगों ने लगाए हैं। शहर में कई स्थानों पर सब्जी विक्रेता सब्जियों के मनमाने दाम वसूल कर रहे हैं जिससे लोगों को मजबूरी में ऊंचे दामों पर सब्जी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि जहां प्रशासन ने बाजार दर पर सब्जी उपलब्ध कराने की घोषणा की है वहीं कई स्थानों पर सब्जी विक्रेता प्रशासन के आदेशों को नहीं मानकर सब्जी के मनमाने दाम वसूल रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सब्जी विक्रेताओं की इस मनमानी पर अंकुश लगाएं जिससे लोगों को राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने सब्जियों के दाम निर्धारित किए हैं लेकिन सब्जी विक्रेता 70 रुपए किलो मिर्ची व 50 रुपए किलो टमाटर बेच रहे हैं जो निर्धारित मूल्य से दो से तीन गुना तक अधिक है।


चित्तौड़ से गोरखपुर पैदल रवाना हुए मजदूर भीलवाड़ा पहुंचे, पुलिस ने कराया भोजन, बस से पहुंचाएंगे


भीलवाड़ा। कोरोना का कहर देश ही नहीं बल्कि दुनिया में फैला हुआ है। ऐसे में अन्य राज्यों से आकर मजदूरी करने वाले लोगों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है और वे पलायन कर रहे हैं। ऐसे ही गोरखपुर (उत्तरप्रदेश) के करीब 35 मजदूर पैदल ही चित्तौडग़ढ़ से रवाना हुए और भीलवाड़ा पहुंचे। इसी दौरान व्यवस्थाएं देखने निकले जिला पुलिस अधीक्षक हरेंद्र महावर की नजर उन पर पड़ी तो उन्होंने उनके भोजन की व्यवस्था करवाई और बस की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
गोरखपुर के करीब 35 मजदूर, जो चित्तौडग़ढ़ में मकानों की रंगाई-पुताई व पेंट का काम कर रहे थे, लॉकडाउन के चलते बेरोजगार हो गए और उनके सामने भूखे मरने की नौबत आ गई। इस पर वे पैदल ही गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। करीब पांच घंटे पैदल सफर करने के बाद वे भीलवाड़ा पहुंचे। इसी दौरान रिलायंस मार्केट के सामने एसपी हरेंद्र महावर ने इन लोगों को देखा तो गाड़ी रूकवाकर जानकारी ली। इसके बाद एसपी ने उनकी परेशानी को समझते हुए उनके लिए भोजन की व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए और उन्हें गोरखपुर पहुंचाने के लिए बस की व्यवस्था करवाने का आश्वासन दिया। भोजन करने के बाद परेशान मजदूरों को राहत मिली और उनके चेहरों पर मुस्कान नजर आई। मजदूर रामसिंह ने भीलवाड़ा हलचल को बताया कि वे काम बंद होने से 10 दिन से परेशान हो रहे थे। उनके सामने खाने-पीने का संकट भी पैदा हो गया था। इसके चलते वे पैदल ही गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। वे भीलवाड़ा पहुंचे जहां पुलिस ने उनके भोजन की व्यवस्था की। इसके बाद उन्हें वापस चित्तौडग़ढ़ रोड स्थित मंडपिया चौकी के पास रुकने को कहा गया, जहां से उन्हें बस से गोरखपुर भेजने की व्यवस्था की जा रही है।     


 6 माह पहले विवाह के बंधन में बंधी युवती की मौत  

 भीलवाड़ा हलचल। जिले के ठेकला गांव की एक विवाहित युवती की अचानक तबीयत बिगडऩे के बाद जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। युवती की शादी 6 महीने पहले हुई थी। 
गंगापुर थाने के मंगल सिंह ने भीलवाड़ा हलचल को बताया कि ठेकला निवासी सीमा (20) पत्नी जगदीश गुर्जर की 3 दिन पहले ससुराल के घर में ही अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे गंगापुर चिकित्सालय में भर्ती करवाया, लेकिन एक दिन बाद हालत में सुधार नहीं होने से उसे जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। जहां सीमा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना पर गंगापुर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची । जहां मृतका के परिजनों ने इस आशय की रिपोर्ट पुलिस को दी। पुलिस ने बताया कि रायपुर थाने के राणास गांव की सीमा की शादी 6 महीने पहले ही जगदीश के साथ हुई थी। नव विवाहिता होने से शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। मौत के कारणों की जांच की जा रही है। 


श्रीनगर और अहमदाबाद में मरीज की मौत, मेरठ में एक ही परिवार के 5 लोग कोरोना संक्रमित

कोरोनावायरस (COVID-19 ) से पूरी दुनिया बेहाल है. रोज नए मामले सामने आ रहे हैं. भारत में भी कोरोना के मामले हजार के करीब पहुंच गए है. देश में आज लॉकडाउन का पांचवा दिन है. लॉकडाउन के बाद उपजे हालात भी देश के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से 'मन की बात' करेंगे. जॉन्सहॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के ताजा आंकडों के अनुसार दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के शिकार लोगों की संख्या छह लाख से ज्यादा हो गई है .इटली में मरने वालों की संख्या शनिवार को 10,000 के पार पहुंच गई है. 28 मार्च को इटली में 889 लोगों की मौत हुई, इधर, पाकिस्तान में अब तक कोरोना वायरस के करीब 12 हजार संदिग्ध मामले सामने आए है. संक्रमण के मामले में अमेरिका (मौत-2000) ने चीन और इटली को पीछे छोड़ दिया है


 


श्रीनगर-अहमदाबाद में मरीज की मौत


अभी-अभी की जानकारी के मुताबिक, कोविड-19 के मरीज की श्रीनगर के एक अस्पताल में मौत. इसके साथ ही जम्मू कश्मीर में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई. वहीं अहमदाबाद में भी 45 वर्षीय मरीज की मौत हो गई है. गुजरात में मृतकों की संख्या पांच हुई. बिहार में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 11 हुई.


 


महाराष्ट्र से मेरठ लौटा शख्स पाया गया कोरोना पॉजिटिव, चार चपेट में आए


यूपी के मेरठ में कोरोनावायरस संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, हाल ही में महाराष्ट्र के अमरावती से लौटे एक शख्स को कोरोनावायरस से संक्रमित पाया गया है. इस व्यक्ति के परिवार के चार अन्य लोगों के कोरोनावायरस टेस्ट भी पॉजिटिव आए हैं.


ईरान से लाए गए 275 भारतीय


ईरान में दहशत में जी रहे 275 भारतीय नागरिकों को लेकर इक विमान आज जोधपुर पहुंचा. सभी नागरिकों को भारतीय सेना के वेलनेस सेंटर में रखा जाएगा. बता दें कि इससे पहले भी ईरान से 277 नागरिकों को एयरलिफ्ट किया गया था. ईरान में कोरोना के मामले लगातार बढ रहे हैं.


चीन में संक्रमण के 45 नए मामले


चीन में 28 मार्च को कोरोना वायरस से संक्रमण के 45 नए मामले सामने आए हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार यह 27 मार्च की तुलना में कम है. 27 मार्च को संक्रमण के 54 मामले सामने आए थे. रविवार को चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि 45 में एक संक्रमित व्यक्ति विदेश से लौटा था. शनिवार को चीन में कोरोना से पांच लोगों की मौत हुई. सारी मौतें चीन के वुहान शहर में हुई है. इसी शहर में पहली बार कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला सामने आया था. चीन में अब तक कोरोना से 3,300 लोगों की मौत हो चुकी है और इससे संक्रमण के 81,439 मामले सामने आए हैं.


कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं


फिलहाल भारत संक्रमण के तीसरे चरण में नहीं है. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिक डॉ. रमन आर गंगाखेड़कर ने संक्रमण के सामुदायिक प्रसार (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) से स्पष्ट इनकार किया है. उन्होंने कहा, अलग से रैंडम सैंपलिंग जरूरी नहीं है. अभी तक कोरोना के सामुदायिक प्रसार के कोई सुबूत नहीं मिले हैं. लगातार नए लैब मंजूर किए जा रहे हैं. अमेरिका से पांच लाख से ज्यादा किट आ चुके हैं.


कोरोना: एक और महिला पॉजीटिव, बांगड़ हॉस्पिटल में लिया था उपचार, अब पॉजीटिव 25

भीलवाड़ा (हलचल)। कोरोना के पॉजीटिव की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक अपडेट के अनुसार अब भीलवाड़ा में कोरोना पॉजीटिव की संख्या 25 हो गई है। आज पॉजीटिव मिली महिला 53 साल की है। वह बृजेश बांगड़ हॉस्पिटल में भर्ती रही थी।
अब तक अपडेट (सुबह 7 बजे तक)...
सैंपल आए: 862
अब तक कुल पॉजीटिव: 25 
पॉजीटिव: 1
नेगेटिव: 784
रिपोर्ट आना बाकी: 89


Saturday, March 28, 2020

भीलवाड़ा से नहीं जा सकेगा कोई बाहर, आने वालों की होगी पूरी जांच

भीलवाड़ा हलचल। भीलवाड़ा जिले में प्रवेश करने वाले लोगों की चेकपोस्ट पर स्क्रिनिंग की जायेगी। इसके लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त कर दिये गये हैं, जबकि भीलवाड़ा से बिना आवश्यक कार्य के बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी और इसकी सख्ती से पालना की जायेगी। जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने हलचल को यह जानकारी देते हुये बताया कि कोरोना वायरस से प्रभावित भीलवाड़ा शहर से किसी को भी बाहर जाने की अनुमति  नहीं दी जायेगी। जबकि भीलवाड़ा में किसी भी रास्ते से प्रवेश करने वाले लोगों की चेकपोस्ट पर स्क्रिनिंग की जायेगी, इसके बाद संबंधित उपखंड अधिकारी द्वारा अनुमति दी जायेगी। इसके लिए जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं सहायक कलेक्टर प्रशिक्षु सीपी वर्मा, एएसपी मुख्यालय, समस्त उपखंड अधिकारी को सहायक प्रभारी अधिकारी बनाया है। जबकि चेकपोस्ट पर मेडिकल स्क्रिनिंग की व्यवस्था के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को नियुक्त किया गया है। आज मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि भीलवाड़ा जिले में कार्यरत और निवासरत अन्य राज्यों और जिलों के श्रमिकों को जिले से बाहर भिजवाये जाने की कार्रवाई नहीं की जानी है। अपरिहार्य कारणों से ऐसे श्रमिकों को भिजवाया जाना अतिआवश्यक होने पर मेडिकल स्क्रिनिंग की कार्रवाई और संक्रमण मुक्त प्रमाण पत्र के बाद ही कलेक्टर की अनुमति से भिजवाया जा सकेगा। 
 दूसरी और यह जानकारी भी मिली है कि प्रदेश के अन्य जिलों में फंसे हुये लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के प्रबंध भी सरकार करने जा रही है, जबकि जो जहां है, वहां रहे। ऐसी व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। बाहरी श्रमिकों के रहने और खाने की व्यवस्था पुख्ता करने के प्रयास किये जा रहे हैं। 


कोरोना का कहर- प्रदेशों में फंसे भीलवाड़ा के लोग, रास्तों में अटके, रो-रोकर बुरा हाल, लगाई मदद की गुहार

  भीलवाड़ा हलचल। कोरोना वायरस के कहर के चलते लॉक डाउन के बाद प्रवासी मजदूरों का पलायन पिछले तीन दिनों से जारी है। ऐसे लोग अपने ठिकाने छोड़कर अपने गांवों के लिए निकल पड़े हैं, लेकिन पुलिस की सख्ती से ये लोग बीच में फंस चुके हैं। इनके पास अब न रहने का ठिकाना है और न खाने-पीने की वस्तुयें। ऐसे में इनके सामने भारी संकट आ खड़ा हुआ है। भीलवाड़ा जिले की मांडल तहसील के 8 ऐसे ही लोग कर्नाटक के कर्नाटक के हासपेट इलाके के बलारी में फंसे हैं और राजस्थान सरकारी व भीलवाड़ा प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। इन लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। 
जानकारी के अनुसार, देशभर में कोराना संक्रमण का कहर फैल रहा है। इसे रोकने के लिए पिछले दिनों देशभर में लॉक डाउन कर दिया गया। इसके चलते मजदूर व गरीब तबके के लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हो गया। इतना ही नहीं ऐसे लोगों को अपने घर परिवार की चिंता भी सताने लगी है। ऐसे हालात में ये बेबस लोग अपने ठिकाने छोड़कर साधन नहीं मिलने के कारण पैदल ही अपने घरों की ओर निकल पड़े हैं, लेकिन पुलिस ने ऐसे लोगों को बीच में ही रोक लिया और अब आगे नहीं बढऩे दे रही है। इन लोगों में भीलवाड़ा जिले की मांडल तहसील के विभिन्न गांवों के नारायण बैरवा, सुवालाल लुहार, भंवर बलाई, महावीर बैरवा, पप्पू लुहार, पप्पू बैरवा, विनोद बैरवा व कन्हैयालाल बैरवा शामिल हैं। इन लोगों ने शनिवार रात अपनी पीड़ा भीलवाड़ा हलचल के समक्ष दूरभाष पर बयां की। बिलखते लोगों ने हलचल को बताया कि वे, 4 माह पहले कमाने-खाने के लिए कर्नाटक के अनंतापुर में गन्ना ज्यूस की लॉरियां लेकर गये थे। वे, तभी से वहां रखकर अपना गुजर-बसर कर रहे थे। इस बीच, अचानक करोना का कहर बरपने लगा। इसके चलते उन्हें अपने साथ ही भीलवाड़ा में रह रहे परिजनों की चिंता सताने लगी। 
कोरोना कहर से भयभित होकर 3 दिन पहले उन्होंने अंतापुर छोड़ दिया और पैदल ही अपने गांव के लिए निकल पड़े। जैसे-तैसे भूखे-प्यासे रहकर उन्होंने पैदल ही करीब ढाई सौ किलोमीटर का सफर तय कर लिया और आज वे, हॉसपेट जिले के बलारी तक पहुंच गये, जहां पुलिस ने उन्हें घेर लिया और आगे बढऩे नहीं दिया। पुलिस उन्हें पुन: कर्नाटक में ही अपने ठिकाने पर लौटने की हिदायत दे रही है। ऐसे में सुबह से वे, सभी आठ लोग वहीं बैठकर मदद की गुहार लगा रहे हैं। होटल ढाबे बंद होने से वे खाना भी नहीं खा सके। इन लोगों ने बिलखते हुये राजस्थान सरकार और भीलवाड़ा प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई है। 
ऐसे ही कुछ और लोग उत्तराखंड में भी फंसे है। ये लोग पोटलां और सहाड़ा क्षेत्र के हैं, जो रोजगार के लिए वहां गये थे और अब बूरी तरह फंस चुके हैं। इन लोगों को सरकार व जिला प्रशासन से मदद मिलने का इंतजार है। 
आपकों बता दें कि भीलवाड़ा जिले के सैकड़ों लोग देश के विभिन्न प्रदेशों में आईस्क्रीम, भेल-पूड़ी सहित अन्य काम-धंधों के लिए गये हुये हैं, जो भय, भूख और भविष्य की अनिश्चितता में वहां से अपने इलाकों को छोड़कर अपने गांव लौट रहे हैं। पहले कुछ लोग पैदल ही अपने गांवों की तरफ लौटने लगे हैं। लगातार लोगों के आने का सिलसिला जारी है। लेकिन संशाधन नहीं मिलने से इनकी हालत दयनीय हो चुकी है। 


लोक डाउन के चलते नहीं गई बारात तो सोशल मीडिया पर दुल्हा-दूल्हन बोले निकाह कबूल है...

बागौर मुबारिक शेख। कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन के चलते देश थम सा गया है। इसके चलते सभी सामाजिक कार्यक्रम और शादी समारोह अटक गये हैं। ऐसे में एक दुल्हा-दूल्हन को सोशल मीडिया के जरिये निकाह करना पड़ा। दोनों ने वाट्सएप्प पर वीडियो कॉलिंग कर एक-दूसरे से कहा निकाह कबूल है। यह निकाह भीलवाड़ा जिले के बागौर कस्बे में 25 मार्च को हुआ। 
दरअसल बागौर निवासी आफताब पुत्र बाबू खां पठान का निकाह अजमेर की शहनाज के साथ 25 मार्च को होना था। इस बीच कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भीलवाड़ा के साथ ही प्रदेश और देशभर में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। ऐसे में आफताब की बारात भी अजमेर ले जाना संभव नहीं हो सका। इसके चलते दुल्हा-दूल्हन के परिवारों ने इस निकाह को सोशल मीडिया के जरिये संपन्न कराने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों ही परिवारों के लोगों ने इस निकाह को सोशल मीडिया के वाट्सएप्प वीडियो कॉलिंग के जरिये संपन्न करवाया। दुल्हा-दूल्हन ने वीडियो कॉलिंग से एक-दूसरे से कहा निकाह कबूल है।  दूल्हन अभी पीहर में ही है। 


कोरोना फाइटर्स रखेंगे संदिग्धों पर नजर, जिला प्रशासन ने की नई पहल

भीलवाड़ा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने नई पहल की है। इसके तहत अब हर गांव में तीन-तीन कोरोना फाइटर्स बनाए जाएंगे। वे होम क्वारंटाइन में मरीजों की मॉनीटरिंग करेंगे। गांव के सरकारी कर्मचारी उनकी नियमित रिपोर्ट देंगे। वे रोज पंचायत स्तर पर इसकी जानकारी देंगे। पंचायत के कोरोना फाइटर्स ब्लॉक पर सूचना देेंगे। इसके आधार पर चिकित्सा विभाग आगे की तैयारी करेगा। इस संबंध में जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने आज वीडियो कांफ्रेंस कर निर्देश दिए हैं।
त्रिस्तरीय व्यवस्था
ग्राम, पंचायत व ब्लॉक स्तर पर कोरोना फाइटर्स सूचनाएं एकत्र करेंगे। उपखंड अधिकारी कोरोना कैप्टन कहलाएंगे। इससे कोरोना का कोई भी संदिग्ध नजर से नहीं बच पाएगा। इससे क्वारंटाइन किए गए लोगों के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी और उनकी मॉनीटरिंग की जा सकेगी।
कोरोना पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी
दूसरे लेवल पर होने वाली स्क्रीनिंग के बाद तस्वीर साफ हो पाएगी। पहले चरण में 7 दिन में 24 लाख ग्रामीणों की स्क्रींनिग की गई। इसमें करीब 18000 सर्दी जुकाम के सामान्य रोगी मिले, जिन्हें घर में रहने की हिदायत दी गई। दूसरे चरण में इन्हीं लोगों पर विशेष फोकस रहेगा। इन रोगियों में ठीक नहीं होने वालों को क्वारंटाइन में रखा जाएगा। आवश्यकता होने पर उनका कोरोना टेस्ट करवाया जाएगा। शहर में सर्वे का दूसरा चरण जारी है।
भामाशाह कर रहे आर्थिक सहयोग



कोतवाली थाने के कांस्टेबल राजेश कुमार व एवीवीएनएल के ठेकेदार रामदयाल ने आज जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट को 51-51 हजार रुपए की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे। अब तक कई संगठन आर्थिक सहायता दे चुके हैं।


महादेव कॉटन मिल अपने कर्मचारियों को देगा वेतन

भीलवाड़ा हलचल। महादेव कॉटन मिल अपने कर्मचारियों को लोक डाउन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए वेतन देगा। प्रबंधक दीपक मानसिंहका ने यह जानकारी देते हुये बताया कि सोमवार को सभी कर्मचारियों के खातों में भुगतान ट्रांसफर कर दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि महादेव कॉटन मिल प्रबंधन ही सबसे पहले मजदूरों की दुख तकलिफ समझते हुये यह कदम उठाने आगे आया है। 


 भीलवाड़ा:  कम्यूनिटी इंफेक्शन का खतरा, अब और कड़ी होगी सुरक्षा 

 भीलवाड़ा हलचल ।  कोरोना वायरस संक्रमण फैलने से रोकने के जिला प्रशासन व पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम किये, लेकिन बेपरवाह लोग अब भी घरों से निकलने में बाज नहीं  आ रहे हैं और आमजन के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। ऐसे लोगों से निबटने के अब भीलवाड़ा में सुरक्षा और कड़ी की जा सकती है। संभावना है कि पुलिस के साथ अब सैना की मदद भी ली जा सकती है।  



रायला की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के सामने खाने के लाले

मेघरास। रायला क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले बाहरी प्रदेशों के सैकड़ों मजदूरों व परिवारों के लिए भूखे मरने की नौबत आ गई है। आज लॉकडाउन के आठवें दिन तक उनके पास एक-दो दिन का ही राशन बचा है, न उनके पास पैसे बचे हैं। न ही खाने पीने का सामान बचा है और वे चाहकर भी अपने घर नहीं लौट सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से सहायता मांगी है कि उन्हें राशन उपलब्ध कराया जाए। क्षेत्र के रेलवे स्टेशन खेड़ा, बापू नगर चौराहा, जनता कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी व हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले बाहरी मजदूर परिवारों को राशन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए या उन्हें अपने घर जाने की छूट दी जाए।


जरूरतमंदों के लिए चौधरी बंधुओं ने जिला कलेक्टर सहायता कोष में दिया पांच लाख का चेक


भीलवाड़ा। कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते संक्रमण के बीच जहां दानदाता व भामाशाह आगे आ रहे हैं वहीं रत्नाकर इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक चौधरी बंधुओं की ओर से आज जिला कलेक्टर सहायता राशि कोष में पांच लाख रुपए का चेक जमा करवाया गया।
रत्नाकर इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शंकरलाल चौधरी व डालचंद चौधरी (गुगड़) ने जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट को पांच लाख रुपए का चेक सौंपा। शंकरलाल चौधरी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते चल रहे लॉकडाउन में गरीब व असहाय लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए पांच लाख रुपए का चेक सौंपा गया। यह जिला कलेक्टर सहायता कोष में जमा करवाया गया है जिससे भीलवाड़ा के जरूरतमंद लोगों को भूखा नहीं सोना पड़े। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में सभी सक्षम लोगों को दिल खोलकर मदद के लिए आगे आना चाहिए जिससे कि भीलवाड़ा के लोगों को भोजन व दवा जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए परेशान नहीं होना पड़े। उन्होंने जिला कलेक्टर को विश्वास दिलाया कि आगे भी वे भीलवाड़ा के लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें जिससे कि वे कोरोना के संक्रमण से स्वयं व परिवार के लोगों को बचा सकें। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन व चिकित्सा विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।


कोरोना के प्रति जागरूकता: दाह संस्कार में भी रखा सोशल डिस्टेंस


मांडल। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आज दाह संस्कार में भी शामिल लोगों ने सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखा। इससे लगा कि लोग अब जागरूक होने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार नीमकाखेड़ा गांव में लंबे समय से बीमार चल रहे भंवरलाल माली का आज निधन हो गया। अंतिम यात्रा में भी बहुत कम लोग शामिल हुए और कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते मोक्षधाम में दाह संस्कार के दौरान सोशल डिस्टेंस रखा। सभी लोग एक-एक मीटर की दूरी पर बैठे। इससे पता चलता है कि अब लोग कोरोना से बचाव के लिए जागरूक होने लगे हैं।


पीएफआई ने जरूरतमंदों को बांटी राशन सामग्री


भीलवाड़ा। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की ओर से हमीरगढ़ कस्बे में ज़रूरतमंद लोगों को राशन सामग्री बांटी गई। अब तक कई परिवारों को राशन किट वितरित किए गए हैं और यह कार्य आगे भी जारी रहेगा।


कोरोना वायरस- बांगड़ अस्पताल की एक और महिलाकर्मी सहित 3 और पॉजिटिव केस आये सामने

भीलवाड़ा हलचल। कोरोना वायरस संक्रमित मरिजों की संख्या शनिवार को 24 तक पहुंच गई। नये केस भी बांगड़ अस्पताल से ही सामने आये हैं। इस केस में अस्पताल की महिलाकर्मी सहित 3 और कर्मचारी संक्रमित पाये गये है। शहर में स्थिति तीसरे फेज में पहुंच चुकी है और अब भीलवाड़ा में कम्यूनिटी इंफेक्शन का डर सताने लगा है। आमजन दहशत में हैं और डर इतना सता रहा है कि लोग रात में सो भी नहीं पा रहे हैं। वहीं बेपरवाह लोग संक्रमण बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वे, पुलिस प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद घरों से निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। यह स्थिति भीलवाड़ा के लिए विस्फोटक हो सकती है। आपकों बता दें कि यहां अब तक दो संक्रमित लोगों की जान जा चुकी है। सैकड़ों लोग चिकित्सकीय निगरानी में हैं। ऐसे में भीलवाड़ा हलचल की आमजन से अपील है कि वे, अपने घरों में रहे और गर्वनमेंट की गाइडलाइन का पालन कर अपने, अपने परिवार व शहर को सुरक्षित बनायें रखें। यह लापरवाही का ही नतीजा है कि प्रदेश में भीलवाड़ा अकेला जिला है, जहां पॉजिटिव केसों की संख्या 24 तक पहुंच चुकी है, जबकि प्रदेश में ही कुल पॉजिटिव केस 54 है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां के लोग इस संक्रमण को रोकने के लिए कितने जागरुक है। भीलवाड़ा में अब तक 858 मरिजों के सैंपल लिये जा चुके हैं, जिनमें से 664 की नेगेटिव रिपोर्ट आ चुकी है, जबकि आज 3 और नये लोगों पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। 170लोगों की रिपोर्ट का इंतजार है। प्रदेश में झुंझुनू में 6, जयपुर 10, पाली एक, प्रतापगढ़ 2, सीकर 1, जौधपुर 6, डूंगरपुर 2, चूरू और अजमेर में 1-1 लोग पॉजिटिव आये हैं। प्रदेश में अब तक 2389 संक्रमित लोगों की जांचें करवाई गई। इनमें से 2108 नेगेटिव निकले हैं, जबकि 257 की रिपोर्ट आनी शेष है। 


 बांगड़ अस्पताल की लापरवाही ने  भीलवाड़ा को पहुंचाया तबाही के कगार पर

भीलवाड़ा अनिल-विजय। बृजेश बांगड़ मेमोरियल हॉस्पिटल की लापरवाही से भीलवाड़ा में फैले कोरोना संक्रमण जनजीवन के लिए तो खतरनाक साबित हो ही रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में भीलवाड़ा का कपड़ा कारोबार चौपट हो जायेगा और लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने की आशंका बन गई है। 
भीलवाड़ा का नाम देश में कपड़े के बाद चिकित्सा के क्षेत्र में भी पहचाना जाने लगा था, लेकिन बृजेश बांगड़ मेमोरियल हॉस्पिटल की लापरवाही के चलते भीलवाड़ा शहर में ही नहीं आस-पास के जिलों के साथ-साथ चार अन्य प्रदेशों में भी जानलेवा कोरोना वायरस फैल गया। अभी तक इस बात का खुलासा कोई नहीं कर पाया कि वायरस स्त्रोत कौन है। सबसे पहले इस हॉस्पिटल के एक चिकित्सक सहित दो कर्मचारियों को उपचार के लिए जयपुर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन इसे गोपनीय रखा गया। इससे अस्पताल का पूरा स्टॉफ संक्रमण की जद में नहीं आया, बल्कि यहां उपचार करा रहे मरिज और ओपीडी में आये करीब 6 हजार लोग संक्रमण के दायरे में आ गये। यहां भर्ती रहे कई रोगी भीलवाड़ा के अलावा, राजसमंद, उदयपुर, चित्तौडग़ढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात आदि राज्यों के लोग भी चपेट में आ गये। समय रहते अगर संक्रमण की सूचना दे दी गई होती तो भीलवाड़ा का नाम न तो देश-विदेश में बदनाम होता और न ही यहां के लोगों की जान जोखिम में आती। यहां उपचार कराने वाले दो मरिजों की तो अब तक जान तक जा चुकी है और यहां उपचार कराने वाले लोगों व कर्मचारियों की संक्रमण के चलते सांसे फूली है। 
प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने भी कह दिया कि अस्पताल में बड़ी लापरवाही हुई है। जांच तो होगी, लेकिन जांच में क्या आयेगा और कौन दोषी होगा, इसे लेकर अभी से ही चर्चायें शुरू हो गई है। यह बाद की बात है, लेकिन पूरे शहर और चार प्रदेशों के लोगों की जान सांसत में लाने वाले बांगड़ हॉस्पिटल के कर्मचारी होटलों में इलाज ले रहे हैं, लेकिन शहर के मजदूर वर्ग भूखे मर रहा है। उनकी मजदूरी चली गई। खाने के लिये सामग्री नहीं। प्रशासन मदद पहुंचाने का हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक कई ऐसे लोग भी है, जिन तक कोई पहुंच नहीं पाया। प्रशासन के कंट्रोल रूम के नंबर पर कई लोगों ने अपनी पीड़ा बताई, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। कांवाखेड़ा के हिरालाल नामक दिव्यांग ने बताया कि उसके यहां खाने के लिए कुछ नहीं बचा और उसकी मदद को कोई आगे नहीं आया है। ज्योतिनगर के विनोद वर्मा ने बताया कि आठ दिन में एक भी बार सामग्री वितरण के लिए कोई नहीं आया। ऐसी ही पीड़ा मालोला रोड़ और मालोला ग्राम के लोगों ने भी बयां की है। कावांखेड़ा कच्ची बस्ती, बीलिया, बंजारा बस्ति और शहर के बाहरी इलाकों में कृषि भूमि पर बनी कॉलोनियों में इक्का-दुक्का मकानों में रहने वाले लोगों के सामने भी ऐसा ही संकट आ खड़ा हुआ है। 
बांगड़ अस्पताल की तरह ही भीलवाड़ा के कई लोग भी इस जानलेवा बीमारी को गंभीरता से नहीं लेकर लापरवाही बरत रहे हैं, इसे लेकर जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने यहां तक कहा कि भीलवाड़ा बारुद के ढेर पर है, नहीं चेते तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।  इसके बावजूद इतनी बड़ी विपत्ति के बाद प्रशासन ने तो चाक-चौबंद प्रबंध करने के तो पूरे प्रयास किये हैं, लेकिन कलेक्टर का कहना था कि निजी अस्पताल इस मामले में अभी तक आगे नहीं आये है। किसी ने पहल नहीं की कि वे इस रोग के मरिजों की देखरेख के लिए अपने चिकित्सक और सुविधा दें। अब सरकार ही इन्हें पाबंद करने जा रही है। 
  अस्पताल की लापरवाही के चलते अरबों रुपये के तले दबने के साथ ही भीलवाड़ा के लोगों की जान सांसत में आई हुई है। बच्चे हो या बुजुर्ग सभी घरों में कैद है। कोई दुग्ध के लिए तो कोई सब्जी के लिए तरस रहा है। पैसे जमा नहीं होने से किसी का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। यानि हालात बिगड़ते जा रहे हैं और सहायता के नाम पर कई उद्योग बढ़ चढ़कर आगे आये हैं, लेकिन बांगड़ अस्पताल को संचालित कर रहे कंचन ग्रुप ने 25 लाख देखकर सहानुभूति बटोरने का प्रयास किया, जिसे लेकर भी लोगों में खासा गुस्सा है कि भीलवाड़ा को आग में झोंकने वाले इस अस्पताल की इस राशि से उनकी मदद नहीं की जाये। 
उधर, कपड़ा व्यापारियों को यह चिंता सता रही है कि कफ्र्यू के बाद जब मंडी खुलेंगी तब भी संभलना आसान नहीं होगा। कपड़ा खरीदने के लिए बाहर से व्यापारी नहीं आयेंगे और संक्रमण के डर से इस कपड़ा मंडी को संक्रमण लग सकता है। 380 कपड़ा फैक्ट्रियों के सामने अगर संकट आया तो भीलवाड़ा बर्बाद हो जायेगा। भीलवाड़ा में आय का मुख्य स्त्रोत भी कपड़ा मंडी है। कपड़ा व्यापारियों के साथ-साथ हजारों मजदूर भी बेरोजगारी की कगार पर आ गये हैं। सरकार ने उद्योगपतियों को यह निर्देश तो दिया है कि वे लॉक डाउन के दौरान मजदूरों को भुगतान करें, लेकिन भीलवाड़ा के अधिकांश व्यापारियों की ऐसी स्थिति नहीं है कि वे कर्मचारियों को घर बैठे भुगतान कर सके।


 हलचल ने सहयोगियों के जरिये उपलब्ध करवाई 1268  लोगों को खाद्य सामग्री  

भीलवाड़ा हलचल। कोरोना वायरस के चलते गरीब तबके के लोगों के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। फै  क्ट्री मजदूरों के सामने खाने के लाले पड़े हैं, लेकिन मालिक इनकी सूध तक नहीं ले रहे हैं। भीलवाड़ा हलचल ने ऐसे ही गरीब तबके के 1268 लोगों को अब तक आटा-दाल, चाय, तेल आदि सामग्री विभिन्न सहयोगियों के माध्यम से उपलब्ध करवाई है। 
भीलवाड़ा हलचल के विज्ञापन प्रबंधक अनिल मलिक ने बताया कि इंडो फूड, भदेसर डीएसपी अदिती चौधरी, मानसी रेस्टोरेंट के सहयोग से 5 किलो आटा, नमक, दाल, तेल, चाय पत्ति जरुरत मंदों को उपलब्ध करवाया है। मलिक ने बताया कि जरुरत पडऩे पर जरुरतमंदों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई जायेगी। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि फैक्ट्री मजदूरों को न तो राशन मिल पा रहा है और न ही उनके पास पैसे है। कई श्रमिकों ने मांग की है कि उन्हें ऑन लाइन सैलरी की व्यवस्था करवाये, ताकि वे खरीदारी कर परिवार का गुजारा कर सके। 


 दो करोड़ 64 लाख रुपये की लागत से भीलवाड़ा में स्थापित होगी कोरोना जांच लैब

कोरोना की जांच जल्द ही अब भीलवाड़ा में भी होने लगेगी। इसके लिए सरकार ने दो करोड़ 64 लाख रुपये स्वीकृत किये हैं। 
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजन नंदा ने भीलवाड़ा हलचल को यह जानकारी देते हुये बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को सरकार ने गंभीरता से लेते हुये भीलवाड़ा में लैब स्थापित करने के लिए 2 करोड़ 64 लाख रुपये मंजूर किये हैं। इनमें से दस लाख रुपये भवन पर, जबकि शेष राशि मशीनों और उपकरणों पर खर्च की जायेगी। यह मशीन जल्द ही यहां स्थापित होकर जांच होने लगेंगी। 


   कोरोना संक्रमित पांच मरिज हुये नेगेटिव, 11 उपचाररत 


मोतीपुर पंचायत के गांवों में 500 लीटर सेनेटाइजर का छिड़काव किया


जबरकिया। आसींद क्षेत्र के मोतीपुर पंचायत के धोली, मोतीपुर, बड़ला व जबरकिया गांव में 500 लीटर सेनेटाइजर का छिड़काव किया गया। सांवरलाल जाट, सहायक सचिव रामेश्वरलाल जाट, हरफूल रायका, सत्यनारायण प्रजापत, पूरणमल जाट व युवा मौजूद थे।


पुलिस ने बांटा असहायों को आटा


भीलवाड़ा। एक ओर पुलिस जहां लॉकडाउन की पालना कराने के लिए जनता के साथ सख्ती से पेश आ रही है वहीं असहायों को खाद्य सामग्री भी वितरित कर रही है। इससे कठोर मानी जाने वाली पुलिस का दूसरा चेहरा भी सामने आया है। कोतवाली पुलिस के दीवान रामप्रसाद मीणा, कांस्टेबल सुरेंद्र, शिव सिंह व देशराज आदि मौजूद थे।


गजब है... नकली रेमडेसिविर लेने से ठीक हो गए 90 फीसदी कोरोना मरीज, पुलिस भी हैरान

  भोपाल ।कोरोना की दूसरी लहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग में एका-एक बढ़ोतरी हो गई है। हालांकि, इस बीच कई राज्यों में नकली रेमडेसिविर बेच...