Saturday, April 17, 2021

भीलवाड़ा में कोरोना का महाब्लास्ट, 407 नये पॉजिटिव, मांडल, बापूनगर, मांडलगढ़ बने हॉट स्पॉट

 


 भीलवाड़ा हलचल। भीलवाड़ा में कोरोना का शनिवार को महाब्लास्ट हुआ है। कोरोना ने पुराने सभी रेकार्ड तोडते हुये अपना रौद्र रुप दिखाया है। शनिवार को 407 नये संक्रमित सामने आने के बाद आमजन के साथ ही चिकित्सा महकमा भी सकते में आ गया। जिले का मांडल, मांडलगढ़ और शहर का बापूनगर इलाका नये कोरोना हॉटस्पॉट के रूप में उभरे हैं। 
आरआरटी टीम प्रभारी डॉ. घनश्याम चावला ने बताया कि बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के चलते 2125 लोगों ने आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया। इस टेस्ट में 407 नये संक्रमित मिले हैं। 
शनिवार को जिले के मांडल कस्बे में सर्वाधिक 67, मांडलगढ़ 40 और शहर के बापूनगर में 46 संक्रमित मिलने से ये इलाके कोरोना हॉटस्पॉट के रूप में उभर कर सामने आये हैं। वहीं आसींद 15, बनेड़ा 5, चपरासी कॉलोनी 5, चंद्रशेखर आजाद नगर 16, गुलाबपुरा 27, जहाजपुर 11, काशीपुरी 5, कोटड़ी 35, पुर 4, रायपुर 1, सांगानेरी गेट 14, सहाड़ा 29, सांगानेर 13, शाहपुरा 24, शास्त्रीनगर 20, सुभाषनगर 9, सुवाणा में 23 संक्रमित मिले हैं। 

मंजू पोखरना महावीर इंटरनेशनल की अंतर्राष्ट्रीय सचिव मनोनीत

 

भीलवाड़ा (हलचल)। महावीर इंटरनेशनल के अंतर्राष्ट्रीय सह निदेशक अमित महता ने बताया कि पिछले 3 दशकों से सामाजिक संगठनों के माध्यम से समाजसेवा में समर्पित मंजू पोखरना को वर्ष 2021-23 हेतु महावीर इंटरनेशनल के रीज़न 3 का क्षेत्रीय सचिव मनोनीत किया गया है । इस रीज़न में अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तोड़गढ़, एव ब्यावर - विजयनगर संभाग के समावेश है। इसकी घोषणा महावीर इंटरनेशनल के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व आईपीएस अधिकारी एसके जैन ने की।

चित्तौडग़ढ़ -पांच कोरोना मरीजों की मौत, एक महिला ने घर पर दम तोड़ा, 283 पॉजिटिव


चित्तौडग़ढ़ (राजेश जोशी)। जिले में आइसोलेशन वार्ड में 5 लोगों की मौत हुई है जिनमें एक पुराना संदिग्ध था इसकी पुष्टि पीएमओ दिनेश वैष्णव ने की है। चित्तौडग़ढ़ सांवलिया चिकित्सालय में बस्सी क्षेत्र के 25 वर्षीय युवक, निंबाहेड़ा के जलोदा गांव के 42 वर्षीय युवक, कपासन के धूलिया गांव के 56 वर्षीय अधेड़, बेगू क्षेत्र के गोपालपुरा से 80 वर्षीय वृद्ध व निंबाहेड़ा के चंदन चौक की 50 वर्षीय महिला की मौत हुई है वहीं चित्तौडग़ढ़ के मधुबन कॉलोनी की रहने वाली एक महिला की भी मौत हुई है। कोरोना से 6 मौतें एक साथ होने से जिला प्रशासन में हड़कंप मचा है। इनमें से एक संदिग्ध था। चित्तौडग़ढ़ जिले में पिछले 24 घंटों में 283 कोरोना संक्रमित सामने आए हैं। इनमें बड़ी सादड़ी से 4, बेगूं 3, डूंगला 1, कपासन 16, निंबाहेड़ा 4, रावतभाटा 146, गंगरार 13, चित्तौडग़ढ़ ग्रामीण 6, चित्तौडग़ढ़ शहर के कुंभा नगर, गांधी नगर सेक्टर नंबर 4 व 5, पद्मनी नगर, बापू नगर, महावीर कॉलोनी, प्रताप नगर, शास्त्री नगर, मधुबन, तेजाजी चौक, पंचवटी, द्वारिका नगर व श्रीराम कॉलोनी से 90 कोरोना पॉजीटिव आए हैं।

चित्तौड़गढ़ जिले में 283 पॉजिटिव 

बडीसादडी-4

बैगू-3

डुंगला-1

कपासन-16

निम्बाहेडा-4

रावतभाटा-146

गंगरार-13

चित्तौडगढ ग्रामीण-6 

चितौडगढ शहर-90 (कुम्भानगर, गांधीनगर सेक्टर नम्बर 4, 5, पदमीनि नगर, बापूनगर, महावीर काॅलोनी, प्रतापनगर, शास्त्री नगर, मधुवन, तेजाजी का चैक, पंचवटी, द्वारिका नगर,  श्री राम काॅलोनी

 

पहली बार इस्तेमाल किए गए ‘बूथ एप‘ के जरिए मतदाताओं ने जाना रियल टाइम पोलिंग पर्सेन्टेज

 


 जयपुर । प्रदेश की सहाड़ा, राजसमंद और सुजानगढ़ विधानसभा में हुए उप चुनाव में मतदान के वास्तविक वोटर टर्नआउट का पता लगाने के लिए पहली बार ‘बूथ एप‘ का इस्तेमाल किया गया। इसके चलते मतदाताओं को मतदान का प्रतिशत जानने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ा और एक क्लिक पर सभी जरूरी जानकारी मिल गई। 

 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी  प्रवीण गुप्ता ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार ‘बूथ एप‘ राज्य की 3 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव के वास्तविक मतदान प्रतिशत जानने में खासा मददगार साबित हुआ। साथ ही फर्जी मतदान को रोकने में कारगर साबित हुआ।

 

  गुप्ता ने बताया कि ‘बूथ एप‘ के जरिए मतदान केंद्र पर आने वाले प्रत्येक मतदाता की वोटर पर्ची से सीरियल नंबर अपलोड करते ही मतदाता का डाटा निर्वाचन आयोग के सर्वर पर चला जाता है। यह सर्वर वोटर टर्न आउट एप से जुड़ा हुआ है, जिससे एप पर प्रति मतदाता के मतदान के साथ ही मतदान प्रतिशत में हुई बढ़ोतरी तुरंत दिखाता है। उन्होंने बताया कि कोई मतदाता उसी वोटर पर्ची को दोबारा लाकर मतदान की कोशिश करें तो इस एप के जरिए उसे भी रोका जा सकता है।

 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर विधानसभा उप चुनाव में कुछ मतदान केंद्रो पर बूथ एप लगाने की सहमति मांगी थी। निर्वाचन विभाग ने सभी मतदान केंद्रो और सहायक मतदान केंद्रो पर बूथ एप लगवाए। नतीजन मतदाताओं को वास्तविक वोटर टर्न आउट देखने के लिए खासे प्रयास नहीं करने पड़े और केवल एक क्लिक पर उन्हें सभी जानकारी उपलब्ध हो गई। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन विभाग की पहल को सराहा है। इस एप की सफलता के बाद आगामी चुनावों में बूथ एप के व्यापक इस्तेमाल की संभावना भी बढ़ी है।

 

उप चुनाव से जुड़े सेक्टर आफिसर्स की मानें तो इस एप ने घंटों का काम सैकंडों में करने का काम किया है। पहले मतदान दल के अधिकारी को प्रति दो घंटे में मतदान प्रतिशत की जानकारी मोबाइल या अन्य तरीकों से भेजनी पड़ती थी। इसमें देरी और गलती होने की आशंका सर्वाधिक रहती थी। अब केवल बूथ एप पर सीरियल नंबर अपलोड करते ही मतदान प्रतिशत से जुड़ी सभी जानकारी वोटर टर्न आउट एप पर पहुंच जाती है, जिसे पब्लिक डोमेन पर कोई भी देख सकता है।

 

पीठासीन अधिकारियों का मानना है कि इस एप के जरिए ज्यादा मतदान होने पर धमकाने या डराकर मतदान करवाने की आशंका को भांपा जा सकता है, तो कम मतदान होने पर भी तुरंत कार्यवाही की जा सकती है। इस एप से मॉनिटरिंग करना आसान हुआ है। यह एप आम मतदाताओं के साथ इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया को अपडेट करने में खासा मददगार साबित हुआ है।

लैब टेक्निशियन के 439 पदों पर नियुक्ति आदेश जारी


 जयपुर । चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा के निर्देश पर कोरोना को दृष्टिगत रखकर त्वरित कार्यवाही करते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लैब टेक्निशियन के 439 पदों पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिये गये हैं।

 

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 12 जून को लैब टेक्निशियन हेतु विज्ञप्ति जारी की गयी थी। इनमें से 439 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान कर दी गयी है।

आयुर्वेद विभाग के कार्यालयों में स्थापित होंगे कंट्रोल रूम, चिकित्साकर्मियों के अवकाश तुरंत प्रभाव से निरस्त


 जयपुर । चिकित्सा, स्वास्थ्य व आयुर्वेद मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा है कि राज्य का आयुर्वेद व भारतीय चिकित्सा विभाग कोराना महामारी से आमजन को बचाने के लिए पूर्ण रुप से प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि महामारी के चलते आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक स्तर के कार्यालयों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। जहां विभाग की ओर से किए जा रहे प्रतिदिन के कायोर्ं की जानकारी एकत्रित की जाएगी। उन्होंने कहा कि महामारी के चलते सभी चिकित्साकर्मियों के अवकाश तुरंत प्रभाव से निरस्त किए जाते है। 

 

डॉ. शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव व जागरुकता सबंधी सरल व घरेलू उपाय की जानकारी विभाग के चिकित्सा स्वास्थ्य केन्द्रों से दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आयुर्वेद, होम्यापैथी व यूनानी विभाग की ओर से आमजन की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए काढ़ा वितरित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से सबंधित औषधियों को खरीदने व उनकी सप्लाई को तुरंत सुनिश्चित करने के भी आधिकारियों को निर्देश दिए गए है।

 

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कोरोना का फैलाव अधिक है वहां आयुर्वेदीय बचाव, रोकथाम व चिकित्सा के लिए विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा आयुर्वेद, होम्योपैथी व यूनानी विभाग से सबंधित सभी दैनिक रिपोर्ट शाम छह बजे तक राज्य सरकार को भेजना अनिवार्य है। 

 

डॉ. शर्मा ने कहा कि राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर व राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय उदयपुर को अपने संभाग में चल चिकित्सा शिविर आयोजित करेंगे। जहां निःशुल्क औषधि वितरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग अपनी दोनों मोबाइल यूनिट के जरिए कैम्प आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि यह सभी कैम्प बिना किसी अवकाश के आयोजित किए जाएंगे।

वीकेंड कफ्र्यू के दौरान विद्यालयों में रहेगा पूर्ण अवकाश

 


 जयपुर, । शिक्षा राज्य मंत्री  गोविंद सिंह डोटासरा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में सरकार द्वारा शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक लगाए गए वीकेंड कफ्र्यू के अधीन आने वाले क्षेत्रों में शनिवार को समस्त विद्यालयों व शिक्षण संस्थाओं में पूर्ण अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया गया। बैठक उपरांत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निदेशक   सौरभ स्वामी ने इस संबंध में निर्देश जारी किए।

अरुण मिश्रा सीईओ ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित, हिंदुस्तान जिंक मोस्ट इनोवेटिव कंपनी ऑफ द ईयर

 

उदयपुर (हलचल)। वल्र्ड लीडरशिप कांग्रेस और अवाड्र्स की ओर से आयोजित बिजनेस लीडर ऑफ  द ईयर अवाड्र्स में हिन्दुस्तान जिंक ने दोहरे खिताब हासिल किए हैं। हिंदुस्तान जिंक को मोस्ट इनोवेटिव कंपनी ऑफ द ईयर के साथ ही कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा को सीईओ ऑफ  द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
बीते वर्ष खनन क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण और अप्रत्याशित समय के दौरान हिन्दुस्तान जिंक का अरूण मिश्रा ने कुशलतापूर्वक संचालन किया। साथ ही कोविड -19 महामारी और लॉकडाउन का सामना करने के बावजूद परिवर्तन के साथ नवाचार, प्रौद्योगिकी और डिजिटलाइजेशन पर ध्यान केंद्रित कर रिकार्ड उत्पादन में सफलता हासिल की। उनके नेतृत्व में हिंदुस्तान जिंक ने न केवल विशेष रूप से महामारी के दौरान परिचालन उत्कृष्टता हासिल की, बल्कि व्यापार, आमजन और समुदायों को लाभ पहुंचाने वाले स्थायी सामाजिक समाधान स्थापित करने में विश्व स्तर पर बेंचमार्क निर्धारित किया।
हिंदुस्तान जिंक के लिए द मोस्ट इनोवेटिव कंपनी अवार्ड अरूण मिश्रा के प्रयासों और नवीनतम तकनीकों के क्रियान्वयन का प्रमाण है। उनके मार्गदर्शन में, खनन उद्योग में प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करने और उसे बेहतर बनाने के लिए हिन्दुस्तान जिंक सर्वश्रेष्ठ तकनीकों को अपनाने के साथ ही दक्षता और उत्पादन में अग्रणी रहा है। कंपनी डिजिटलीकरण का लाभ उठाने और भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और ब्लॉक चेन क्षमताओं जैसी नई तकनीकों को अपनाने की ओर अग्रसर हुई है।
लीडरशिप अवाड्र्स अचीवर्स, सुपर अचीवर्स और फ्यूचर बिजनेस लीडर्स फोरम दुनियाभर के सर्वश्रेष्ठ संगठनों को अपने व्यवसायों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने और अपने मिशन को बनाए रखने, सर्वोत्तम मॉड्यूल लागू कर संचालन के लिए पुरस्कृत करता है।

कोरोना को हराने के लिए सबका मिला साथ

 


राशमी (कैलाश चन्द्र सेरसिया)। राजस्थान में वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए लगाए गए वीकेंड कर्फ्यू का असर शनिवार को उपखंड मुख्यालय सहित अन्य गांवों के बाजारों में दिखाई दिया और इस दौरान आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर शेष दुकानें बंद रही। क्षैत्र में आम लोग बेवजह घर के बाहर नहीं निकले। कोरोना के कारण लॉकडाउन के बाद प्रदेश में पहली बार वीकेंड कर्फ्यू लागू हुआ है और इससे लोग ज्यादा भयभीत नजर नहीं आए। यह दो दिन का कर्फ्यू होने से लोगों में विश्वास है कि दो दिन बाद फिर हालात सामान्य हो जाएंगे। पूरे राजस्थान में 19 अप्रैल सुबह 5 बजे तक वीकेंड कर्फ्यू रहेगा। एसडीएम सुनील शर्मा ने बताया कि इस दौरान अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य को बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। बैंक, सार्वजनिक परिवहन, आईटी, टेलीफोन कार्मिकों, वकील, न्यायिक सेवा, मीडिया, मंडियां, किराना, डेयरी, भोजन, सब्ज़ी को आवश्यक सेवाओं में शामिल किया गया है। कोविड वैक्सीन के लिए भी 45 वर्ष की आयु से अधिक के पात्र लोगों को टीकाकरण केंद्र जाने की अनुमति है। शनिवार को बाजारों की दुकानें बंद रही। वीकेंड कर्फ्यू के दौरान अनिवार्य सेवाओं को छोड़कर सभी क्षेत्र बंद रहे। पुलिस और प्रशासन ने न केवल लोगों की सुरक्षा साथ ही कोरोना से जागरूकता का भी मोर्चा संभाला । वीकेंड कर्फ्यू को जनसमर्थन मिलने से पुलिस को भी मशक्कत नहीं करनी पड़ी।

मदद के बहाने एटीएम बदल कर दी 17900 की ठगी, खाते में 19 रुपए बाकी छोड़े

बागौर (बरदीचंद जीनगर)। बागौर कस्बे के करेड़ा रोड़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में मदद के बहाने बदमाश ने एक व्यक्ति का एटीएम बदलकर उसके खाते से 17900 रुपए निकाल लिए। इस संबंध में पीडि़त ने बागौर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाना प्रभारी छोटूलाल रेगर ने बताया कि कापडिय़ास निवासी चंदू जाट ने रिपोर्ट दी कि वह कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक के लगे एटीएम में रकम निकालने गया। उसने तीन बार मशीन में एटीएम लगाया लेकिन प्रोसेस नहीं हुआ। एटीएम में तीन जने आए और एटीएम कार्ड को साफ करके फिर से मशीन में लगाने की बात कहते हुए उससे एटीएम ले लिया। बदमाशों ने चंदू का कार्ड एक अन्य कार्ड से बदल दिया और उसे कहा कि सर्वर डाउन चल रहा है इसलिए पैसे नहीं निकल रहे हैं। इस पर चंदू कार्ड लेकर आ गया और ई मित्र से आधार कार्ड के आधार पर 10 हजार रुपए निकलवाए। चंदू ने बताया कि उस समय उसके खाते में 17919 रुपए बैलेंस था। इसके बाद वह भीलवाड़ा के लिए रवाना हो गया। करीब एक घंटे बाद उसके मोबाइल पर तीन बार में 10 हजार, 6 हजार और 1900 रुपए निकलने का मैसेज आया। बदमाशों ने चंदू के खाते में केवल 19 रुपए बाकी छोड़े। इस पर चंदू बैंक पहुंचा और मैनेजर को जानकारी दी। मैनेजर ने चंदू का एटीएम कार्ड बंद करवाया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बैंक से चंदू का स्टेटमेंट मांगा है। साथ ही एटीएम में लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

 

यह कैसा कफ्र्यू: नेशनल हाइवे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खुली दुकानें, बिना मास्क आ रहे ग्राहकों को सामान दे रहे दुकानदार

 


बैरां (भैरूलाल गुर्जर)। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए सरकार चाहें 60 घंटे का कफ्र्यू लगाए या लॉकडाउन, लेकिन कुछ लोगों ने तो जैसे ठान रखा है कि वे कोरोना को नहीं जाने देंगे। तभी तो नेशनल हाइवे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कफ्र्यू ही नहीं बल्कि कोरोना गाइडलाइन तक की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं।
यहां पुलिस और प्रशासन को भी न तो सरकार के आदेशों की चिंता है और न ही लोगों की फिक्र। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जहां ग्राहक बिना मास्क आ रहे हैं वहीं दुकानदार भी बिना मास्क ही उन्हें सामान बेच रहे हैं। ऐसे में कोरोना का संक्रमण रोकने के सरकारी प्रयास बेमानी साबित हो रहे हैं।

सांसद और भाजपा प्रत्याशी के बाद अब मंत्री जी के स्टाफ के दो कर्मी कोरोना संक्रमित


भीलवाड़ा (हलचल )सहाड़ा विधानसभा उप चुनाव की कमान संभालने वाले मंत्री के स्टाफ के दो जने कोरोना संक्रमित हो गए हैं, जबकि एक की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों गंगापुर में रहकर चुनाव की कमान संभाल रहे मंत्री  जी के स्टाफ की भीलवाड़ा में कोरोना संक्रमण की जांच करवाई गई, जांच रिपोर्ट में सुरक्षाकर्मी सहित दो लोगों के पॉजिटिव आने की खबर है, जबकि एक अन्य नेगेटिव आया बताते है दोनों की तबीयत ठीक बताई गई है और वह जयपुर के लिए रवाना हो गए हैं।

उल्लेखनीय है कि चुनाव प्रचार के दौरान भीलवाड़ा के सांसद भाजपा के पार्टी प्रत्याशी और जिला प्रमुख भी कोरोना संक्रमित हो गए ।

वर्चुअल बैठक में प्रांतीय कार्यकारिणी का परिचय दिया

 


भीलवाड़ा (हलचल)। भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांतीय परिषद की वर्चुअल बैठक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं रीजनल अध्यक्ष डीडी शर्मा की अध्यक्षता, राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री त्रिभुवन शर्मा, राष्ट्रीय संपर्क प्रोजेक्ट सचिव मालचंद गर्ग, राष्ट्रीय मंत्री मुकन सिंह राठौड़, राष्ट्रीय संस्कृत प्रोजेक्ट सचिव बलराज आचार्य, राष्ट्रीय सेवा प्रोजेक्ट सदस्य कमल किशोर व्यास, रीजनल मंत्री दिनेश कोगटा, नृत्य गोपाल मित्तल विनोद आढ़ा, प्रमिला गहलोत के सानिध्य में हुई।
प्रांतीय महासचिव संदीप बाल्दी ने बैठक का संचालन किया। बैठक वन्देमातरम गायन के साथ प्रारंभ हुई, प्रांतीय महासचिव ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से सत्र 2021-22 की प्रांतीय कार्यकारिणी का परिचय कराया, अजमेर जिला सचिव आलोक गुप्ता ने अजमेर के सभी शाखा दायित्वधारियों का, भीलवाड़ा जिला सचिव मुकेश लाठी ने भीलवाड़ा जिले की शाखाओं का और राजसमंद जिला अध्यक्ष दिनेश मित्तल ने राजसमंद की शाखा के दायित्वधारियों का परिचय कराया। 
बैठक में राजस्थान मध्य प्रांत के 2020-21 के वित्तीय लेखों का अनुमोदन किया गया। प्रांतीय संयोजक किशोर राजपाल ने नव संवत्सर के कार्यक्रमो की जानकारी सदन के समक्ष रखी। प्रांतीय वित्तसचिव गोविन्द अग्रवाल ने 2021-22 का बजट प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय मंत्री मुकन सिंह राठौड़ ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब कोई दाहित्व की शपत लेता है उसको निस्वार्थ भाव से पूरा करें व परिषद के सदस्यों एवं अध्यक्ष सचिव कोषाध्यक्ष में जीवंत संपर्क रहना चाहिये। विवेकानंद भीलवाड़ा शाखा के अध्यक्ष रजनीकांत जी ने बताया कि रामनवमी से भीलवाड़ा में रियायती दर पर फिजियोथैरेपी सेंटर का संचालन भारत विकास परिषद द्वारा भारत विकास परिषद भवन शास्त्री नगर में किया जाएगा।
राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव डॉ त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि भारत विकास परिषद का एक वट वृक्ष के समान महत्व है और हम सभी कार्यकर्ता सेवा और संस्कार के भाव से कार्य करते हुए वटवृक्ष को और मजबूत करें। प्रांतीय अध्यक्ष पारस बोहरा ने परिषद में नई शाखाओं को खोलने की जिमेदारी संगठन मंत्री पवन बांगड़ को दी। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम रीजनल चैयरमेन डीडी शर्मा ने प्रांत को देश का सर्वश्रेष्ठ प्रांत बताया और सभी सदस्यों से जीवंत संपर्क बनाते हुए सेवा कार्य में लगे रहने को कहा।

कोरोना की दूसरी लहर का कहर- एक और महिला की मौत

 

  भीलवाड़ा हलचल। भीलवाड़ा में कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपा रही है। लगातार संक्रमित बढ़ रहे हैं, वहीं मौतों का सिलसिला भी थम नहीं रहा है। शनिवार को एक और महिला की मौत हो गई।  
जानकारी के अनुसार, बनेड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक 50 वर्षीय महिला को 15 दिन पहले बुखार आया था। इसके बाद वह घर पर ही थी। इसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया। उपचार के दौरान इस महिला ने शनिवार को दम तोड़ दिया। महिला के कोरोना जांच में पॉजिटिव आने की बात कही जा रही है।

सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव: दोपहर दो बजे तक 39.40 प्रतिशत मतदान

 


भीलवाड़ा (हलचल)। सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव के तहत शनिवार को मतदान प्रक्रिया जारी है। 2 लाख 47 हजार 230 मतदाताओं में से 97416 ने मताधिकार का प्रयोग किया है। यह प्रतिशत 39.40 प्रतिशत है। मतदान शाम को 6 बजे तक होना है। उम्मीद जताई जा रही है कि मतदान अब जोर पकड़ेगा और शाम तक मतदान प्रतिशत बढ़ेगा। सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होने के बाद दोपहर 2 बजे तक 39.40 प्रतिशत मतदान हुआ है। अब करीब 4 घंटे और बचे है। मतदान कम होने का प्रतिशत कोरोना के डर को भी माना जा सकता है। लोग सावधानी से घरों से निकल रहे हैं। हालांकि मतदान केंद्रों पर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सारी व्यवस्थाएं की गई हैं लेकिन फिर भी लोगों को कोरोना का डर सता रहा है।

चारा घोटाला में राहत: लालू को मिली जमानत

 


राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को बड़ी राहत मिली है। चारा घोटाले के दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने शनिवार को उन्हें शर्तों के साथ जमानत दे दी। करीब 40 माह बाद लालू प्रसाद जेल से बाहर आएंगे। फिलहाल लालू अस्वस्थ हैं और दिल्ली के एम्स में उनका इलाज चल रहा है।

5 मामलों में से 4 में पहले ही मिल चुकी है जमानत
लालू प्रसाद के खिलाफ झारखंड में पांच मामले चल रहे थे। चार मामलों में उन्हें जमानत मिल गयी है। पांचवा मामला डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित है। सीबीआई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई अभी चल रही है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने लालू प्रसाद को एक लाख के निजी मुचलके, दस लाख जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है। लालू प्रसाद को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा। बिना कोर्ट की अनुमति के वे विदेश नहीं जा सकेंगे। उन्हें अपना मोबाइल नंबर और पता भी नहीं बदलने का निर्देश अदालत ने दिया है।
 
लालू प्रसाद ने अपने स्वास्थ्य और दुमका कोषागार केस में मिली आधी सजा काट लेने के आधार पर जमानत मांगी थी। लालू की ओर से पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने  अदालत को बताया कि सीबीआई कोर्ट ने उन्हें सात साल की सजा सुनायी है। प्रसाद ने छह अप्रैल को ही 42 माह जेल में काट लिए हैं। उनकी आधी सजा पूरी हो गयी है। इस कारण उन्हें जमानत प्रदान की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने भी आधी सजा पूरी करने के बाद जमानत प्रदान करने का कई मामलों में आदेश दिया है। 

सीबीआई ने किया जमानत का विरोध
सीबीआई की ओर से लालू प्रसाद को जमानत का विरोध किया गया। सीबीआई का कहना था कि दुमका कोषागार में लालू प्रसाद को सीबीआई कोर्ट ने आईपीसी में सात और पीसी एक्ट के तहत सात साल की सजा सुनायी है। सीबीआई कोर्ट ने दोनों सजा अलग-अलग चलाने का आदेश दिया है। ऐसे में लालू प्रसाद को दुमका कोषागार से अवैध निकासी में कुल 14 साल की सजा मिली है। सात साल जेल में बिताने के बाद ही उनकी आधी सजा पूरी होगी। इस तरह उनकी आधी सजा पूरी नहीं हुई है। इसलिए वह जमानत के हकदार नहीं है। 

भीलवाड़ा सहित 9 जिलों में कोरोना का कहर, हालात बेकाबू, रेडजोन में आये

 


भीलवाड़ा / जयपुर/ राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, कोटा, राजसमंद, सिरोही, उदयपुर, भीलवाड़ा, डूंगरपुर और बारां ऐसे जिले है, जो रेड जोन में आ गए हैं। इन जिलों में अप्रैल में संक्रमण की दर 10% से ज्यादा दर्ज की गई है। सबसे खराब स्थिति उदयपुर में है। अप्रैल के शुरूआती 13 दिनों में यहां संक्रमण की दर 18% से ऊपर दर्ज हुई है।

जोधपुर में ऑक्सीजन की कमी से मरीज की मौत

 


 जोधपुर / मंडोज जिला अस्पताल में  ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया। वहां बाद में पता चला कि एक ऑक्सीजन सिलेंडर ओटी रूम में था, लेकिन किसी को ध्यान नहीं रहा। जोधपुर में  पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा 1144 मरीज मिले।

वीकेंड कफ्र्यू के पहले दिन सुनसान बाजार


सवाईपुर (सांवर वैष्णव)। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से लगाए गए 60 घंटे के वीकेंड कफ्र्यू के पहले दिन सवाईपुर सहित बन का खेड़ा, ढेलाणा, कुड़ी व चावंडिया आदि कई गांवों के बाजार सुबह से ही सुनसान हैं।

आईजी, कलक्टर व एसपी रायपुर-गंगापुर क्षेत्र के दौरे पर, मतदान केंद्रों का लिया जायजा


भीलवाड़ा (हलचल)। सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव को लेकर अजमेर रेंज आईजी एस सेंगाथिर, पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा और जिला कलक्टर शिवप्रसाद एम नकाते गंगापुर-रायपुर क्षेत्र के दौरे पर हैं और मतदान केंद्रों का जायजा लेकर स्थिति पर निगाह रखे हुए हैंं। इस दौरान कलक्टर नकाते ने मतदान केंद्रों का जायजा लिया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर पोलिंग एजेंटों व बीएलओ से बात कर उन्हें प्रोत्साहित किया।
इस मौके पर कलक्टर ने बातचीत में कहा कि सहाड़ा उपचुनाव को लेकर सभी मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्वक व निष्पक्ष चुनाव जारी है। रायपुर सहित अन्य मतदान केंद्रों की विजिट की गई। सभी जगह कोविड गाइडलाइन की पालना करते हुए मास्क, सैनिटाइजेशन व ग्लब्स भी प्रत्येक मतदाता को दिए जा रहे हैं ताकि वे बिना मशीन के संपर्क मे आए मतदान कर सकें। सभी तरह की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद है। अधिकारी व एरिया मजिस्ट्रेट लगे हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सीआरपीएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं।
उधर, गंगापुर संवाददाता सुरेश शर्मा के अनुसार अजमेर रेंज आईजी एस सेंगाथिर और पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा भी उपचुनाव को लेकर सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर हैं। पत्रकारों से बात करते हुए आईजी ने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान के लिए पर्याप्त जाब्ता लगाया गया है। इसके अलावा आरएसी व सीआरपीएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं। अभी तक सभी जगह शांतिपूर्वक मतदान चल रहा है। पुलिस मुस्तैदी से काम कर रही है। आईजी और एसपी ने गंगापुर व रायपुर क्षेत्र के मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

बैंक की लापरवाही से हुआ ऑनलाइन फ्रॉड तो 10 दिन में वापस मिलेंगे रुपये, हाईकोर्ट का आदेश

 

 

प्रयागराज. तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम और ऑनाइन बैंकिंग फ्राॅड के बीच बैंक ग्राहकों के लिये एक खुशखबरी है। अगर बैंक की गलती से आपके अकाउंट से ऑनलाइन फ्राॅड करके रुपये निकाले जाते हैं तो वो रकम बैंक लौटाएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर बैंक की लापरवाही के चलते ग्राहक के खाते से ऑनाइन फ्राॅड के जरिये रकम निकाली जाती है तो उस रकम की भरपाई बैंक Online Banking Fraud Refund Rule) को करनी होगी। प्रयागराज में पंजाब नेशनल बैंक की सूबेदारगंज शाखा के एक मामले में हाईकोर्ट ने ग्राहक के खाते से निकाली गई दो लाख रुपये की रकम 10 दिनों (कार्य दिवसों में) ग्राहक को लौटाने (Get Money Refund In 10 Days) को कहा है।सूबेदारगंज के अवधेश सिंह की याचिका पर यह आदेश जस्टिस एपी केसरवानी और जस्टिस आरएन तिलहरी की बेंच ने दिया। कोर्ट का कहना है कि अगर बैंक ग्राहक द्वारा फ्राॅड की सूचना दिये जाने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाता है तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइड लाइन के मुताबिक ग्राहक की शून्य जिम्मेदारी होगी। यानि ग्राह जिम्मेदार नहीं होगा। हालांकि कोर्ट के आदेशानुसार अगर रकम ग्राहक की लापरवाही के चलते निकाली गई है तो इसके लिये बैंक जिम्मेदार नहीं होगा।


याची आनंद केसरवानी के खाते से ऑनाइन फ्राॅड करके रुपये निकाले गए, जिसके बाद उन्होंने बैंक से शिकायत की, लेकिन उसके बाद भी उनके खाते से रुपये निकाले जाते रहे। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद के धूमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। याची के वकील आदर्श सिंह कहते के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक की सूबेदारगंज शाखा में याची के सैलेरे अकाउंट में 4 लाख रुपये से अधिक की रकम थी। 21 फरवरी 2019 को अज्ञात नंबर से आए फोन काॅल पर उनके खाते में पेंशन की रकम डालने के नाम पर ओटीपी मांग ली गई। इसके बाद खाते से चार किस्तों में एक लाख रुपये निकाले गए। बैंक के टाॅल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने और धूमनगंज थाने में मुकदाम दर्ज कराने के बाद भी बैंक की ओर से कोई कदम नहीं उठाा गया। इसके चलते खाते से 22 और 23 फरवरी 2019 को भी एक-एक लाख रुपये निकाले गए।


इस मामले में याची की ओर ऑनालाइन फ्राॅड कर निकाली गई रकम वापस दिलाने के लिये इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। हालांकि बैंक की ओर से इसका यह कहकर विरोध किया गया कि याची द्वारा ओटीपी बताए जाने के चलते एक लाख रुपये की रकम निकाली गई। हालांकि बैंक ने माना कि सिस्टम की गड़बड़ी के चलते खाता सीज नहीं हो सका। कोर्ट का कहना था कि शिकायत के बाद भी बैंक ने खाता सीज करने में देरी की। आरबीआई की गाइडलाइन के क्लाॅज नौ के तहत बैंक रकम वापस करने के लिये जिम्मेदार है

वीकेंड कफ्र्यू कम लॉकडाउन: सुनसान सड़कें, सन्नाटा तोड़ती वाहनों की आवाजाही, कहीं सख्ती तो कहीं सुस्ती

 

भीलवाड़ा (संपत माली/विजय गढ़वाल)। कोरोना के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण को रोकने के प्रयास की कड़ी में राजस्थान में शुक्रवार शाम 6 से सोमवार सुबह 5 बजे तक कफ्र्यू लगा है। भीलवाड़ा में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद है। सड़कें सुनसान पड़ी हैं। आते-जाते वाहनों का शोर इस सन्नाटे को चीर रहा है।
भीलवाड़ा में शुक्रवार शाम पांच बजे बाजार बंद हो गए और 6 बजे से कफ्र्यू लागू हो गया। शनिवार को पुलिस प्रशासन कफ्र्यू की पालना कराने को सख्त दिखा। हालांकि कई स्थानों पर सुस्ती भी नजर आई। कहीं-कहीं लोग सड़कों पर घूमते दिखाई दिए लेकिन उन्हें रोकने-टोकने के लिए पुलिस कहीं नहीं दिखी। लोग अस्पताल, बैंक व पेट्रोल पंप जाने के लिए निकले। दुकानें बंद रहीं। सरकार ने नई गाइडलाइन में रेस्टोरेंट्स से रात 8 बजे तक टेक अवे की अनुमति दी लेकिन शुक्रवार को पुलिस ने शाम 6 बजे ही रेस्टोरेंट बंद करवा दिए जिससे कई लोगों को खाने के लिए परेशान होते देखा गया।
दूध व अस्पताल के बहाने निकले लोग
कफ्र्यू के दौरान पुलिस ने रोका तो कई लोग दूध लेने या अस्पताल जाने का बहाना बनाने लगे। पुलिस ने उन्हें बेवजह घर से नहीं निकलने की हिदायत देते हुए जाने दिया।

पुलिस ने बनाए चालान
बेवजह घरों से निकले लोगों के पुलिस ने चालान भी बनाए। नाकाबंदी कर वाहन चालकों को रोका गया और पूछताछ की गई। वाजिब कारण बताने पर ही उन्हें आगे जाने दिया गया। पांसल चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड के बाहर सहित शहर के अनेक स्थानों पर नाकाबंदी की गई है। आने-जाने वालों को रोका जा रहा है। पूछताछ के बाद ही उन्हें आगे जाने दिया जा रहा है। बसों व ट्रेन से आए यात्रियों को टिकट दिखाने पर जाने दिया गया। बाहर से आए यात्रियों को टेंपो व अन्य साधनों के लिए परेशान होते देखा गया।

कोरोना मरीज ने अस्पताल की खिड़की से छलांग लगाकर आत्महत्या की

 

भिलाई। ट्विनसिटी से लगे जामुल के एक निजी अस्पताल में भर्ती  मरीज ने अस्पताल की खिड़की से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना बुधवार आधी रात की है। जब अस्पताल के कोविड वार्ड में मरीज नींद में सो रहे थे तब बीमारी से तंग आकर अधेड़ उम्र के मरीज ने आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना की सूचना मिलते ही जामुल पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है।

 

11 अप्रैल से भर्ती था मरीज
जामुल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आत्महत्या करने वाला कोरोना मरीज जामुल के सुविधा हॉस्पिटल में 11 अप्रैल से भर्ती था। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद मृतक धमधा निवासी ईश्वर विश्वकर्मा उम्र 43 साल का यहां उपचार चल रहा था। बुधवार रात करीब 1 बजे ईश्वर ने वार्ड के ही खिड़की से छलांग लगा दी। ऊंचाई से गिरने के कारण कुछ देर में ही उसकी मौत हो गई। टीआई विशाल सोम ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से घटना की सूचना मिली। जिसके बाद अस्पताल पहुंचकर मर्ग कायम करते हुए स्वास्थ्यकर्मियों और डॉक्टर्स से पूछताछ की गई है। मरीज के मौत की सूचना परिजनों को भी दे दी गई है।

हरिद्वार में कोरोना संक्रमित हुए महामंडलेश्वर का निधन


जबलपुर/ मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित नरसिंह मंदिर के प्रमुख महामंडलेश्वर जगतगुरु डॉक्टर स्वामी श्याम देवाचार्य कोरोना संक्रमण से ग्रस्त होने के बाद शुक्रवार को देहावसान हो गया। बता दें कि, वो हरिद्वार में चल रहे कुंभ में भाग लेने गए थे और वहीं कोरोना संक्रमण का शिकार हो गए थे। हैरानी की बात तो ये है कि, वो कोरोना वैक्सीन के दोनो डोज लगवा चुके थे, इसके बावजूद भी संक्रमण उनपर इस कदर हावी हुआ कि, उनकी जान ही चली गई। श्याम देवाचार्य महाराज के निधन से जहां संत समाज के संतों और उनके भक्तों में गहरी शोक की लहर है, तो वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत भाजपा के कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया

उपचुनाव में 12 बजे तक 30 फ़ीसदी वोट पड़े


जयपुर। प्रदेश में राजसमंद, भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा एवं चुरू जिले की सुजानगढ़ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए आज मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण जारी हैं और दोपहर 12 बजे तक लगभग 30 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। तीनों सीटों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। शुरुआत में मतदान की गति धीमी रही, लेकिन बाद में धीरे-धीरे बढ़ते हुए दोपहर 12 बजे तक 29.82 प्रतिशत तक पहुंच गया। इनमें राजसमंद में 31.87, सहाड़ा में 30.13 एवं सुजानगढ़ में 27.89 प्रतिशत मतदान हुआ। कोरोना की दूसरी लहर के भय के बावजूद मतदाताओं में मतदान के प्रति काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह 9 बजे तक 10.56 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 11 बजे तक 23 फीसदी के पार पहुंच गया।

मतदान केन्द्रों पर विकलांग मतदाताओं को व्हील चेयर की सहायता से मतदान कराया जा रहा है। इस दौरान सहाड़ा में पहली बार मतदान कर रही एक महिला मतदाता ने बताया कि उसे पहली बार वोट डालकर बहुत अच्छा लग रहा हैं और उसने अपने गांव की समस्या के समाधान के लिए वोट किया है। मतदान के शुरु में कुछ स्थानों पर इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में मामूली गड़बड़ी की शिकायतें मिली जिन्हें तुरंत दुरस्त कर दी गई। निर्वाचन विभाग द्वारा स्वतंत्र-निष्पक्ष-शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित चुनाव के सभी जरूरी उपाय एवं व्यवस्था की गई और कोरोना के मद्देनजर सभी 1145 मतदान केंद्रों को मतदान शुरू होने से पहले सैनिटाइज किया गया। मतदाताओं को मतदान से पहले उनके तापमान जांचकर, हाथ सैनिटाइज कराकर उनके हाथों में दस्ताने पहनाने के बाद मतदान केन्द्र में प्रवेश दिया जा रहा है। किसी भी मतदान केंद्र पर बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

सभी मतदान केंद्रों पर उचित दूरी पर गोले बनाए गए हैं, जहां मतदाता सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अपनी बारी का इंतजार करते देखे जा रहे हैं। मतदान के लिए कई जगहों पर आदर्श मतदान केन्द्र भी बनाए गए हैं, जहां मतदाता के वोट डालने से पहले बैठने के लिए तंबू लगाकर कुर्सियां लगाई गई हैं। इसी तरह सुजानगढ़ में एक मतदान केन्द्र पर मतदान कराने के लिए केवल महिलाओं को ही लगाया गया हैं और उस मतदान केन्द्र की सजावट करके उसे आकर्षित रूप दिया गया है। मतदान के दौरान कहीं से भी अप्रिय खबर प्राप्त नहीं हुई हैं।

प्रदेश की इन तीनों सीटों पर 27 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपना चुनावी भाग्य आजमा रहे हैं। जिनमें सहाड़ा से 8, सुजानगढ़ से 9 और राजसमंद से 10 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। तीनों जगहों पर उपचुनाव में 1145 मतदान केंद्रों पर 7 लाख 45 हजार 758 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इन सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में सीधा मुकाबला माना जा रहा है, लेकिन सहाड़ा एवं राजसमंद में रालोपा के प्रत्याशी दोनों प्रमुख दल कांग्रेस एवं भाजपा के उम्मीदवारों के चुनावी गणित को प्रभावित करता नजर आ रहा है। उल्लेखनीय है कि सुजानगढ सीट मंत्री रहते मास्टर भंवरलाल के निधन, राजसमंद सीट पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी तथा सहाड़ा सीट कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी के निधन के बाद खाली होने पर उपचुनाव हो रहा है। इनमें सुजानगढ़ एवं सहाड़ा में कांग्रेस जबकि राजसमंद में भाजपा का कब्जा था।

इलेक्शन पर भारी कोरोना इंफेक्शन: बागौर में दोपहर 2 बजे तक सिर्फ 36 प्रतिशत मतदान

 


बागौर (बरदीचंद जीनगर)। सहाड़ा उपचुनाव पर कोरोना का साया दिख रहा है। इसीका परिणाम है कि दोपहर 2 बजे तक सांगवा पंचायत  के बूथ नंबर 214 एवं 215 में दोपहर 2 बजे तक 36 प्रतिशत मतदान ही हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के अधिकांश युवा बाहर रोजगार के लिए चले गए और कोरोना संक्रमण को लेकर लगी पाबंदियों के बीच मतदान करने नहीं आ सके हैं जिससे मतदान का प्रतिशत कम रहा है। मतदान केंद्र पर प्रशासन की ओर से सैनिटाइजर और ग्लव्स की व्यवस्था की गई है।

कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले मतदाताओं को भेंट किए पौधे

 

गंगापुर (हलचल)। सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव में बूथ नंबर 101 व 102 को ईको फ्रेंडली बूथ बनाया गया है। यहां आने वाले ऐसे मतदाता जो कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं, को पौधा देकर ईको फ्रेंडली का संदेश दिया गया है।

महिला प्रबंधित मतदान केंद्र का जिला कलक्टर ने किया निरीक्षण

 


गंगापुर (हलचल)। सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव के तहत प्रशासन की ओर से बूथ संख्या 161-ए को महिला प्रबंधित मतदान केंद्र बनाया गया है। यहां मतदानकर्मियों में सभी महिलाएं हैं। पुलिसकर्मी से लेकर चुनाव अधिकारी तक महिलाओं को ही बनाया गया है। जिला कलक्टर शिवप्रसाद एम नकाते ने इस बूथ का निरीक्षण किया और मतदान की जानकारी ली। उन्होंने सभी कार्मिकों को कोरोना गाइडलाइन का पालन करने को कहा। कलक्टर ने कहा कि राजस्थान में पहली बार चुनाव में मतदाताओं को ब्लॉग दिया जा रहा है जिससे कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका नहीं रहे। मतदान शांतिपूर्ण चल रहा है और शाम तक मतदान प्रतिशत बढऩे की संभावना है। इसके अलावा शाम को एक घंटे कोरोना संक्रमित मरीजों के मतदान की व्यवस्था की गई है। 

अवैध शराब की दुकान चलाते सिपाही गिरफ्तार


कोटा। आबकारी विभाग का सिपाही सुरेन्द्र कुमार ने शराब ठेकेदार को लाभ पहुंचाने तथा दूसरे ठेकेदार को नुकसान पहुंचाने के लिए अवैध रूप से शराब का ठेका चला रहा था। सिपाही की अंग्रेजी दुकान के ठेकेदार के साथ साझेदारी की बात सामने आई है। इसकी विस्तृत जांच करवाई जा रही है। इस संबंध में एक ऑडियो भी पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस ने बुधवार देर रात अवैध देशी शराब के 183 कार्टून यानी 8 हजार 784 पव्वे, बेची गई शराब की तीन सौ रुपए की रकम के साथ आबकारी विभाग के सिफाही सुरेन्द्रकुमार को गिरफ्तार कर लिया है। कुन्हाड़ी थानाधिकारी गंगासहाय शर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर जारी की गई गाइडलाइन की पालना करवाने के लिए गश्त करते हुए कुन्हाड़ी पेट्रोल पम्प के सामने पहुंचे। जहां पर मुखबीर से सूचना मिली की रजत सिटी के सामने देशी व अंग्रेजी शराब के ठेके के पास बने मकान के गेट पर एक व्यक्ति शराब की अवैध बिक्री कर रहा है। थानाधिकारी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे, जहां दो- तीन व्यक्ति नजर आए। जिनको रोकने का प्रयास किया तो वह भागने में सफल हो गए। लेकिन एक युवक पकड़ में आ गया। पुलिस ने पकड़े गए व्यक्ति का नाम पूछा तो उसने सुरेन्द्र कुमार यादव पुत्र बनवारी लाल यादव निवासी गादवास थाना शाहजहापुर जिला अलवर बताया। उसके सामने रखे एक कागज के एक कार्टून को चैक किया तो उसमे देशी सादा मदिरा नींब के 48 पव्वे भरे मिले तथा सुरेन्द्रकुमार ने भी शराब बिक्री करना स्वीकार कर लिया। तलाशी में उसके पास तीन सौ रुपए मिले, जो शराब बिक्री की राशि थी। आरोपी सुरेन्द्र कुमार वर्तमान में आबकारी विीााग थाना कोटा दक्षिण में सिपाही के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने मकान को शराब के भण्डारण के लिए गोदाम बनाने की बात कबूल की। इस पर मकान की तलाशी ली गई। जिसमें एक कमरे में देशी शराब की कुल 182 पेटियां मिली। जिसमें 8 हजार 784 पव्वे रखे हुए थे, जिसे जब्त कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ एक्साइज एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया है। आरेापी सुरेन्द्र कुमार से इतनी अधिक मात्रा में अवैध शराब का किराये के मकान में भण्डारण कर बेचने के संबंध में गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है

सोशल मीडिया पर अफवाहे, सरकार ने किया खंडन

 


जयपुर।  कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद सरकार की ओर से हाल ही में प्रदेश में जारी  की गई नई गाइडलाइन को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर चल रहा है। गाइड लाइन को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, जिसका आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी ने भी खंडन किया है।

दरअसल सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट को वायरल किया जा रहा है, जिसमें नई गाइडलाइन के मुताबिक अंतिम संस्कार के लिए 4 दिन पहले एसडीएम को सूचना देने की बात कही जा रही है। स्क्रीनशॉट को भाजपा विधायक अविनाश गहलोत ने भी ट्वीट किया है। जिस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने ट्वीट करते हुए कहा कि

'आप जनप्रतिनिधि हैं आपसे आग्रह है कि इस महामारी के समय में गलत प्रचार कर जनता को भ्रमित नहीं करें' साथ ही लोकेश शर्मा ने गाइडलाइन की कॉपी भी ट्वीट की है जिसमें आधिकारिक गाइडलाइन में कहीं भी इस तरीके का बिंदु नहीं है।

ट्वीट करते हुए यह लिखा अविनाश गहलोत ने
कोरोना गाइडलाइन के वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट को लेकर ट्वीट करते हुए भाजपा विधायक अविनाश गहलोत ने ट्विटर पर लिखा कि 'राजस्थान की सत्ता में ज्योतिषियों की भारी मांग, 'राजस्थान सरकार का नोटिस पढ़िए और अंतिम संस्कार में 20 लोग शामिल हो सकते हैं इसकी सूचना 4 दिन पहले एसडीएम को देनी होगी जिसके बाद कई अन्य लोगों ने भी इसे लेकर अपनी राय ट्विटर पर रखिए,

मील का पत्थर दूरी को दर्शा रहा दो गुना अधिक

राशमी (कैलाश चन्द्र सेरसिया)। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा भी समय-समय पर ऐसी गलतियां की जाती हैं जिसे देखकर लोगों को आश्चर्य होता है। अब जगह-जगह लगाए गए मील के पत्थरों को ही ले लें। कहीं-कहीं तो इतनी गलती है कि लोग हैरत में पड़ जाएं। ऐसी ही एक गलती उपखंड मुख्यालय पर इंडेन गैस आफिस से कुछ दूरी पर लगे मील के पत्थर में भी दिखी। यहां से राशमी की दूरी महज एक किलोमीटर है जबकि मील के पत्थर पर इसे 3.5 किलोमीटर दिखाया गया है।  मील के पत्थर  पर अंकित 3.5 किलोमीटर की दूरी को देखकर वाहन चालक भ्रमित होते है।

 

बहाने बनाकर घरों से निकले लोग

 


बागौर (बरदीचंद जीनगर)। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए कफ्र्यू के दौरान भी लोग घरों में नहीं ठहर रहे हैं। दूध या दवाई लेने के बहाने लोग सड़कों पर घूम रहे हैं। 
बागौर में पिछले 5 दिन में कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद लोग कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन कर रहे हैं। अब कफ्र्यू लगने के बाद भी लोग घरों में नहीं ठहर रहे हैं।

कार व मोपेड की टक्कर में सब्जी विक्रेता चोटिल

 


सवाईपुर (सांवर वैष्णव)। बनकाखेड़ा के पास आज सुबह एक कार व मोपेड में टक्कर हो गई जिसमें मोपेड सवार को हल्की चोटें आई। सूचना पर सवाईपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। चौकी प्रभारी सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह बनकाखेड़ा के पास एक कार व सब्जी विक्रेता की मोपेड में टक्कर हो गई। हादसे में मोपेड सवार बीगोद निवासी मुशी मोहम्मद को हल्की चोटें आई। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई।

किराने की दुकानों को खोलने को लेकर भ्रम की स्थिति


भीलवाड़ा( हलचल) किराना की दुकानों को लेकर भीलवाड़ा में भ्रम की स्थिति बनी हुई है दुकानदारों ने बताया कि मॉल  व कृषि मंडी में किराने की दुकान खुली हुई हैं और प्रदेश के दूसरे शहरों में किराना की दुकान अभी खुली है जबकि भीलवाड़ा में ऐसा नहीं है इससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है एक दुकानदार ने हलचल को मॉल खुले होने के छायाचित्र भी भेजे हैं, दुकानदारों का कहना है कि कुछ लोगों ने दुकान खोली तो उन्हें बंद करवा दी गई उन्होंने गाइडलाइन के अनुसार दुकान खोलने की स्वीकृति देने की मांग की है

 

पिता के बाद शिक्षक बेटे की भी मौत, 6 घंटे तक पड़ी रही लाश, कंधा देने को 4 लोग भी नहीं मिले

 


गोरखपुर । शहर में पिता की मौत के बाद शिक्षक बेटे ने भी दम तोड़ दिया। शव अस्पताल से घर पहुंचा तो कोरोना के खौफ में पड़ोसियों ने दरवाजे बंद कर लिए। किसी ने झांका तक नहीं। शिक्षक के भाई और भतीजे भी संक्रमित हैं। एक भाई की हालत गंभीर है। कांधा देने वाले चार लोग भी नहीं मिले। अंतिम संस्कार का संकट खड़ा हो गया। ऐसे में पृथकवास में रहने वाले दूसरे मोहल्ले के एक व्यक्ति को जानकारी हुई। उसने फोन कर प्रशासन को सूचना दी तब करीब छह घंटे बाद शव वाहन पहुंचा। पिता को मुखाग्नि देने वाले संक्रमित भाई ने राप्ती तट पर शिक्षक का भी अंतिम संस्कार किया।

इंसानियत को झकझोर देने वाली यह घटना गोरखपुर शहर के रामजानकी नगर की है। 12 अप्रैल को कॉलोनी में रहने वाले रिटायर बिजली कर्मचारी के घर मौत ने दस्तक दी। रिटायर बिजलीकर्मी चल बसे। परिवार के मुताबिक उनकी रिपोर्ट निगेटिव थी लेकिन लक्षण कोरोना वाले ही थे। ऐसे में शिक्षक बेटे ने अपनी और दोनों भाइयों व बच्चों की 11 अप्रैल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जांच कराई जिनकी रिपोर्ट पिता की मौत के एक दिन बाद पॉजिटिव आई थी। पिता का अंतिम संस्कार करने के बाद परिवार होम आइसोलेशन में था। 

इस सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि गुरुवार की देर रात शिक्षक की हालत बिगड़ गई। शुक्रवार तड़के संक्रमित भाई और भतीजे उन्हें ऑटो से एचएन सिंह चौराहे के पास एक निजी अस्पताल पर ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत बताया। यहां से उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए जहां कोविड हॉस्पिटल के सामने एंबुलेंस ड्यूटी में तैनात टेक्नीशियन ने भी मृत बताया तब सुबह करीब 7 बजे शव लेकर घर आ गए। इसके बाद देखते ही देखते आसपास के घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद हो गईं। 

कोरोना का सबसे बड़ा अटैक, एक दिन में पहली बार 2 लाख 34 हजार नए केस, 1338 मौतों से हड़कंप


नई दिल्ली | 
कोरोना की दूसरी लहर हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है। भारत में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है और लगातार तीन दिनों से दो लाख से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, देश में शुक्रवार रात 12 बजे तक 24 घंटों में कोरोना के रिकॉर्ड 2,33,757 नए मामले सामने आए, जिससे बारत में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,45,21,683 हो गई। महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक एक दिन में नए संक्रमितों की यह सर्वाधिक संख्या है। लगातार तीसरे दिन नए मामले दो लाख से अधिक दर्ज किए गए। 

आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में 1338 मरीजों की मौत हो गई। महामारी से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,75,673 हो गई है। इसी के साथ कोरोना के इलाजरत मरीजों की संख्या साढ़े 16 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। उपचाराधीन मरीजों की संख्या 16,73,016 दर्ज की गई जो संक्रमण के कुल मामलों का करीब 11.52 प्रतिशत है। 
  
ठीक होने की दर घटकर 87.2 फीसदी हुई:
कोरोना से स्वस्थ होने वाले लोगों की दर घट कर 87.2 प्रतिशत हो गई है। कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,26,66,889 हो गई है और मृत्यु दर गिरकर 1.22 प्रतिशत हो गई है।

लोक डाउन शहर में पसरा सन्नाटा ,बेवजह घूमने वाले वाहन चालकों के काटे जा रहे हैं चालान

 

 भीलवाड़ा (संपत माली )। कोरोना के तेजी से फैल रहे संक्रमण को रोकने के लिए लगाये गये लॉक डाउन के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, वहीं गली मोहल्लों व बाहरी सड़कों पर लोगों की आवाजाही बनी रही। पुलिस प्रमुख चौराहों पर चेकपोस्ट लगाकर सख्ती से चैकिंग के साथ ही पूछताछ करती रही। बेवजह घूमने वालों के पुलिस ने चालान भी काटे हैं। 
बता दें कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए 60 घंटे के लोक डाउन के पहले दिन भीलवाड़ा के बाजारों में सन्नाटा पसरा है । पुलिस गश्त कर रही है । इस बीच अजमेर चौराहे पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जौधा और यातायात थाना प्रभारी मेघना त्रिपाठी ने वाहनों की चेकिंग की । इस दौरान बेवजह घूमने वाले वाहन चालकों के चालान बनाये और उन्हें हिदायत दी कि बेवजह घरों से बाहर नहीं निकले। उधर, मुख्य मार्गों को छोड़कर गली-मोहल्लों व अन्य सड़कों पर लोग बेखौफ होकर घूमते नजर आये। 

मतदान केंद्र के बाहर जमा हुई थैलियां ,फ़ैल सकता है कोरोना



रायपुर /भीलवाड़ा( अंकुर हलचल) उपचुनाव को लेकर इस बार मतदान के दौरान मतदाता को ग्लब्ज पहन कर मतदान करने अनिवार्य तो कर दिया लेकिन मतदान के बाद ग्लब्ज का ढेर बूथो के पास ही लग रहा है जिससे कोरोना संक्रमण फैलने से इनकार नहीं किया जा सकता !
रायपुर कस्बे मैं मतदान के बाद मतदाता ग्लब्ज यानी प्लास्टिक की थैलियां फेंक जा रहे हैं जिससे मतदान बूथ के बाहर ढेर लग गया है लोगों ने आशंका जताई कि इससे अगर कोई संक्रमित हुआ तो संक्रमण फैल सकता है बूथ पर सभी सुविधाएं की गई लेकिन कचरा एकत्रित करने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है जिसके चलते थैलियां इधर-उधर फैलती जा रही है

 

सहाड़ा उप चुनाव : 12 बजे तक 30.13 प्रतिशत वोट पड़े

 


भीलवाड़ा (अंकुर हलचल)जिले की विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ शनिवार सुबह सात बजे से शुरू हो गया। मतदान शाम छह बजे तक चलेगा।उपचुनाव में 12 बजे तक 30.13 प्रतिशत    मतदाताओं ने  मत का प्रयोग कर लिया ।

निर्वाचन विभाग ने स्वतंत्र-निष्पक्ष-शांतिपूर्ण के साथ 'सुरक्षित' चुनाव के सभी जरूरी उपाय एवं व्यवस्था की है। कांग्रेस प्रत्याशी गायत्री देवी आज सुबह सबसे पहले मंदिर पहुंचे उसके बाद रायपुर में मतदान किया महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष रेखा हीरोइन गंगापुर में अपने मत का उपयोग किया है वैश्विक महामारी कोरोना के मद्देनजर सभी मतदान केंद्रों पर सेनेटाइज करने एवं कोरोना गाइडलाइन की पूरी पालना के साथ शांतिपूर्ण मतदान की व्यवस्था की गई है। सभी मतदान केंद्र को हाइपोक्लोराइट से सेनेटाइज किय गया है। मतदान केंद्र में प्रवेश से पहले मतदाताओं का तापमान थर्मल स्कैनर से मापा जा रहा है। किसी भी मतदान केंद्र पर बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। मतदान के लिए सभी मतदान केंद्रों पर गोले बनाए गए हैं, जहां मतदाता सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अपनी बारी का इंतजार करने के लिए लाइन में खड़े हैं। इस सीट पर 8 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। मतदान केंद्रों पर आधारभूत सुविधाएं मसलन छाया, पानी, रैंप आदि की व्यवस्था भी सुचारू करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आयोग ने मतदान के अंतिम घंटो सायं 5 से 6 बजे के मध्य कोरोना संक्रमित, कोरोना संदिग्ध और क्वारंटीन में रह रहे मतदाताओं को उनकी सहमति पर पूरे प्रोटोकॉल के साथ मतदान करवाने की व्यवस्था की गई है।

भाजपा के टिकट के दावेदार रहे बाबूलाल मेहता ने परिवार से मतदान किया है

राशिफल 17 अप्रैल : मेष राशि में सूर्य, बुध और शुक्र, वृश्चिक न शुरू करें नया काम, जानिए अन्य राशियों की स्थिति

 

मेष - ओजस्‍वी-तेजस्‍वी बने रहेंगे आप। हर तरह से ग्रहों की स्थिति अच्‍छी होती जा रही है। बस आज के दिन कुटुम्‍बजनों और रुपए-पैसे को लेकर कोई रिस्‍क न लें। बाकी व्‍यापारिक, प्रेम और स्‍वास्‍थ्‍य की स्थिति अच्‍छी है। मुख और नेत्र रोग से थोड़े परेशान हो सकते हैं। इस बात का जरूर ध्‍यान दें।

वृषभ - ऊर्जा का स्‍तर ऊपर-नीचे होता रहेगा। ध्‍यान दें। प्रेम में दूरी बनी रहेगी। व्‍यवसायिक स्थिति अच्‍छी चलती रहेगी। स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान दें। कोई भी हरी वस्‍तु पास रखें।

 

 

मिथुन - साझेदारी में थोड़ी समस्‍या दिख रही है। अक्रामकता पर काबू रखें। स्‍वास्‍थ्‍य पहले से सुधार की ओर है। प्रेम की स्थिति लाभप्रद है। व्‍यवसायिक स्थिति भी सही चलती रहेगी। लाल वस्‍तु का दान करें।

कर्क - स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान दें। यात्रा में तकलीफ संभव है। आर्थिक मामले सुलझेंगे। प्रेम की स्थिति काफी बेहतर हो चुकी है। व्‍यापारिक दृष्टिकोण से भी आप सही चलते जा रहे हैं। काली वस्‍तु का दान करें।

सिंह - शासन-सत्‍ता पक्ष का कुछ सशर्त लाभ मिलेगा आपको। सीने में विकार की आशंका है। पिता के स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान दें। स्‍वयं का स्‍वास्‍थ्‍य भी प्रभावित दिख रहा है। व्‍यापार और प्रेम की स्थिति अच्‍छी दिख रही है। काली वस्‍तु का दान करें।

कन्‍या - भाग्‍य पर भरोसा न करें लेकिन जितना करेंगे उतना निश्चित मिलेगा आपको। स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार है। प्रेम की स्थिति भी सही चल रही है। व्‍यवसायिक स्थिति भी ठीक है। लाल वस्‍तु का दान करें।

तुला - जोखिम बना हुआ है। किसी तरह का कोई रिस्‍क न लें। स्‍वास्‍थ्‍य प्रभावित दिख रहा है। प्रेम की स्थ्‍िाति ठीक है। व्‍यापार धीरे-धीरे चलता रहेगा। भगवान शिव की अराधना करें।

वृश्चिक - अपने और जीवनसाथी के स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान दें। नए रोजगार की शुरुआत न करें। स्‍वास्‍थ्‍य मध्‍यम, प्रेम की स्थिति अच्‍छी और व्‍यापारिक दृष्टिकोण से भी मध्‍यम समय है। काली वस्‍तु का दान करें।

धनु - विरोधी हावी होने की कोशिश करेंगे लेकिन कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे। स्‍वास्‍थ्‍य मध्‍यम रहेगा। प्रेम की स्थिति सुधार की ओर है। व्‍यवसायिक स्थिति भी अच्‍छी चलती रहेगी। लाल वस्‍तु का पास रखें।

मकर - बच्‍चों की सेहत पर ध्‍यान दें। महत्‍वपूर्ण निर्णय न लें। भावुकता पर काबू रखें। प्रेम में न उलझें। स्‍वास्‍थ्‍य ठीक-ठाक रहेगा लेकिन मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य प्रभावित हो सकता है। व्‍यापार ठीक-ठाक चलता रहेगा। भगवान शिव की अराधना करते रहें।

कुंभ - घरेलू सुख बाधित है। मां के स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान दें। आपके भी सीने में विकार की आशंका है। स्‍वास्‍थ्‍य मध्‍यम, प्रेम की स्थिति सुधार की ओर है। व्‍यापारिक दृष्टिकोण से आप सही चलते रहेंगे। काली वस्‍तु का दान करें।

मीन - ऊर्जा आपकी जाती-आती रहेगी। नाक-कान-गले में थोड़ी परेशानी हो सकती है। व्‍यापार आपका चलता रहेगा रुकावट के साथ। स्‍वास्‍थ्‍य मध्‍यम है। प्रेम में बहुत बचाकर चलें। काली वस्‍तु का दान करें।

जय श्री कोटड़ी श्याम दरबार मंगला श्रृंगार आरती दर्शन


17/4/2021 श्री कोटडी चारभुजा नाथ के मंगला आरती श्रृंगार दर्शन
जय हो मोरमुकुट बंशी वाले की

प्रदेश में कोरोना से 31 की गईं जान,7359 नए केस

 


जयपुर। राजस्थान में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के 7359 नए मामले सामने आने के साथ ही इसकी संख्या आज बढ़कर तीन लाख 95 हजार 309 हो गई वहीं 31 लोगों की मौत हो गई।

चिकित्सा एवं स्वासथ्य निदेशालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार सर्वाधिक 1201 नए मामले राजधानी जयपुर में मिले। इसके अलावा जोधपुर में 1144, उदयपुर में 792, कोटा में 664 नए मामले सामने आए।

धौलपुर में 355, अजमेर में 342, अलवर में 271, भीलवाडा में 254, डूंगरपुर में 257, भीलवाडा में 254, बांसवाड़ा में 25, बारां में 152, बाड़मेर में 26, भरतपुर में 95, बीकानेर में 186, बूंदी में 48, चित्तौडगढ़ में 100, चूरू में दस, दौसा में 55, श्रीगंगानगर में 79, हनुमानगढ़ में 110, जैसलमेर में 28, जालोर में 18, झालावाड़ में 90, झुंझुनूं में 45, करौली में 42,नागौर में 78, पाली 149, प्रतापगढ़ में 73, राजसमंद में 149, सवाई माधोपुर में 87, सीकर में 142, सिरोही में 204, टोंक में 88 नये मामले सामने आए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में शुक्रवार को एक्टिव केस की संख्या 53 हजार 813 हो गई। प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान 31 संक्रमितों की मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 3072 हो गया।

शुक्रवार को जोधपुर-उदयपुर में पांच-पांच, अजमेर में तीन, बाडमेर-जयपुर-करौली-सीकर में दो दो और चित्तौडगढ़, चूरू, दौसा, धौलपुर, जालौर, झालावाड, झुंझुनूं, नागौर, राजसमंद और सवाईमाधोपुर में एक-एक संक्रमित की मौत हो गई।

सन्त पोस्टर देख भडके हिन्दूवादी संगठन

 

अजमेर। सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह शरीफ के पास पन्नीग्राम चौक के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में असामाजिक तत्वों ने सडकों पर कई जगह संत नरसिंहानंद सरस्वती के फोटो लगे विवादित पोस्टर चस्पा कर दिए। यह मामला जानकारी में आने के बाद स्थानीय हिंदुवादी संगठनों ने जमकर विरोध किया। दरगाह थाना पुलिस ने भी तत्परता पूर्वक कार्यवाही करते हुए पोस्टरों को हटा दिया।

इस बीच विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री एडवोकेट शशिप्रकाश इंदौरा ने पुलिस से पोस्टर चिपकाने वाले तथा माहौल को खराब करने वाले लोगों पर कार्यवाही की मांग की है और कहा है कि पुलिस सीसीटीवी कैमरे के आधार पर ऐसा कृत्य करने वालों को सामने लाए और सजा दे।

उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज अजमेर की पावन धरती पर अपने साधु संतों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। पूज्य संतों को सर कलम करने की धमकी देने वालों पर कानूनी शिकंजा कसना ही चाहिए। सौहार्द बिगाडने वालों की गिरफ्तारी होने तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।

तुलसी सोनी ने कहा कि शांति प्रिय शहर में सभी मिलजुल कर रहते हैं लेकिन कुछ समाजकंटकों की इस हरकत को माफ नहीं किया जाना चाहिए। इस प्रकार के तत्वों के कारण माहौल बिगड सकता है। उन्होंने कहा कि ​योजनाबद्ध तरीके से शरारती तत्वों ने डिग्गी चौक, पन्नी ग्राम चौक समेत कई जगहों पर ये पोस्टर चस्पा किए हैं।

दुकानें बंद कराने पहुंचा पुलिस प्रशासन

 


मांडल (चंद्रशेखर तिवाड़ी)। शाम पांच बजते ही तहसीलदार अजीतसिंह व उपनिरीक्षक अयूब मोहम्मद जाब्ते के साथ कस्बे के बाजारों में पहुंचे और व्यापारियों से दुकानें बंद करने की अपील की तो बाजार में अफरा-तफरी मच गई। कस्बे के मुख्य बाजार की दुकानें प्रशासन के आने से पहले ही बंद कर दी गई थी। 
प्रशासन की आंखों में झोंकी धूल
एक तरफ  प्रशासन आमजन से अपील कर रहा था कि सरकार की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन का पालन कर जनजीवन को सुरक्षित बनाने में सहयोग करें वहीं कुछ दुकानदार दुकानों के शटर डाउन कर ग्राहकों को सामान देते नजर आए। कुछ दुकानदार अधिकारियों के बाजार से जाते ही दुकानों में बिना मास्क ही ग्राहकों को सामान बेचते दिखाई दिए।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का सन्देश:

 

मेरे प्यारे प्रदेशवासियों, कोरोना की जंग से पिछले 13 महीने से हम लोग जूझ रहे हैं, 12 महीने लगातार जूझने के बाद में लगने लगा था कि अब कोरोना चला जाएगा और हमने कोई कमी नहीं रखी थी उस वक्त में हम लोग टैस्टिंग के लिए पुणे और दिल्ली सैंपल भेजते थे, आज 70 हजार टैस्टिंग पर डे की कैपेसिटी हमने यहां पर बना ली, आईसीयू बेड्स तैयार कर लिए, वैंटिलेटर तैयार कर लिए, ऑक्सीजन के लिए जनरेशन प्लांट लगा दिए, कहने का मतलब है कि आधारभूत ढांचा पूरा तैयार किया और आप सबके सहयोग से, पूरे प्रदेशवासियों से सहयोग से, उनके आशीर्वाद से, जितने धर्मगुरु थे, एक्टिविस्ट थे, एनजीओ थे, व्यापारी थे, मजदूर संगठनों के लोग थे, कर्मचारी संगठनों के लोग थे, या चाहे राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता थे, सब लोगों ने मिलकर वो जंग लड़ी थी और हम लोग वो जंग जीत गए थे। भीलवाड़ा मॉडल का भी और राजस्थान का भी पूरे देश में ही नहीं, बल्कि देश के बाहर दुनिया के मुल्कों के अंदर भी प्रचार हुआ कि राजस्थान में बहुत शानदार कोरोना का प्रबंधन हो रहा है, हम लोगों के लिए गर्व करने की बात थी। अचानक जो दूसरी लहर आई है पिछले 1 महीने से पूरी तरह तबाही मचा दी, 15 मार्च को 250 केस आ रहे थे, अब साढ़े 6 हजार केस प्रतिदिन आ गए हैं, 7 हजार आ रहे हैं। मृत्युदर जीरो हो गई थी, 15 मार्च को प्रतिदिन कोई मृत्यु हो नहीं रही थी उन दिनों के अंदर, आज 31 लोगों की जान चली गयी, कभी 30, कभी 32, कभी 33 आंकड़े आ रहे हैं प्रतिदिन के। ये कोरोना भी अलग तरह के मिजाज़ का है ये और बहुत ही खतरनाक है ये। दूसरी लहर विशेषज्ञ कहते हैं कि खतरनाक होती है हमेशा, इस लहर के अंदर एक तो बहुत फास्ट ये फैल रहा है नंबर 1, नंबर 2 ये बच्चों में भी जा रहा है, युवाओं में भी जा रहा है, जो पहले खाली बुजुर्गों में जाता था, वो संक्रमित होते थे और नंबर 3 ये कोरोना घातक रूप ले रहा है, इतनी मृत्युदर तो पूरे सालभर में कभी भी नहीं हुई थी। उस वक्त पूरे सालभर के आंकड़े देखें, तो 20 मृत्यु पर डे मैक्सिमम हुई थी कुछ दिनों के लिए, पूरे प्रदेश के अंदर और अब कभी 25, कभी 30, कभी 33 मैंने कहा आपको। तो ये जो स्थिति बनी है, घातक ये है, तेजी से फैल ये रहा है, नौजवानों, बच्चों तक में ये जा रहा है, आप टीवी देखते होंगे, किस प्रकार के दृश्य देखने को मिल रहे हैं? श्मशान गृहों में जगह नहीं है, वेटिंग लिस्ट लगी हुई है, खुले में दाह संस्कार हो रहे हैं, अस्पतालों के बाहर एंबुलेंसों की लाइनें लगी हुई हैं और जो टीवी बता रहा है पूरे देश का पिक्चर, वो बहुत ही डरावना है। तो आप सोच सकते हो कि अभी तो हम उससे बचे हुए हैं, हमारे पड़ोसी राज्यों में जो स्थिति है, चाहे दिल्ली हो, चाहे पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, यूपी, उस सबसे हम लोग बेहतर स्थिति के अंदर हैं। महाराष्ट्र की तो आप देख ही रहे हो कि बहुत ही हालात खराब हो चुके हैं वहां तो, 50 हजार से अधिक प्रतिदिन वहां पर संक्रमित लोग आ रहे हैं, मर रहे हैं काफी बड़ी संख्या के अंदर। ये डरावना जो दृश्य बना है देश के अंदर, दुनिया के दूसरे मुल्कों में भी जहां-जहां दूसरी लहर आई थी, वहां खतरनाक मामले हुए थे, यूके के अंदर तो उन्होंने बहुत कड़ा लॉकडाउन लगा दिया 4 महीने लगातार और दूसरी तरफ वैक्सीन बहुत भयंकर संख्या में लगाई वहां पर सबको वैक्सीन लगाई, अब जाकर हालात वहां काबू में आ गए हैं, नाममात्र के मरीज आ रहे हैं और इक्का-दुक्का मौत हो रही है। हम नहीं चाहते थे कि यहां पर वीकएंड का लॉकडाउन लगाएं, या कर्फ्यू लगाएं क्योंकि कोरोना जब चला जा रहा था तो लोग भी लापरवाह हो गए थे, मास्क लगा नहीं रहे थे, सोशल डिस्टेंसिंग हम कर नहीं रहे थे, हाथ धो नहीं रहे थे, शादी-ब्याह में 500-1000 तो मामूली बात थी, समझाने के बावजूद भी नहीं मान रहे थे और आप देख रहे हो कि इलेक्शन के अंदर तो सारी हदें पार हो गईं। ज्यूडीशियरी ने भी इलेक्शन अलाऊ कर दिए मना करने के बावजूद भी, हमने मना किया था, पर हमारी बात नहीं सुनी गई, उनका अपना फैसला है, इलेक्शन कमीशन को अपनी ड्यूटी अदा करनी थी, वो भी इलेक्शन करवाने लग गए और हम लोगों ने भी गलतियां कीं। जिस प्रकार से बिहार के चुनाव शुरू हुए थे, लाखों की रैलियां हो रही थीं, अब 5 राज्यों में चुनाव हो रहे हैं तो देख लिया आपने कि क्या-क्या हो रहा है। बाय इलेक्शन हुए राजस्थान में, तब भी रैलियां हो रही थीं, कुछ हद तक तो हम भी जिम्मेदार हैं। पर सवाल है कि हमें परवाह है जनता की, उनको आजीविका भी मिले और उनकी जान नहीं जाए, उनकी जान की रक्षा करना हमारा कर्त्तव्य है, जान है तो जहान है, तो जान की रक्षा करना हम सबका कर्त्तव्य है और सरकार भी कोई कमी नहीं रख रही है, न कमी रखेगी, न पहले रखी थी। पहले भी हमने एनजीओ की सहायता से और प्रदेशवासियों के सहयोग से, हमने कहा कि कोई भूखा नहीं सोएगा। मुझे खुशी है, कहते हुए गर्व है कि प्रदेशवासियों ने वही व्यवहार किया, आगे बढ़-बढ़कर कच्चा खाना, पक्का खाना सबको खिलाया गया, पैकेट बांटे गए। विधायकगणों को हमने कहा, उन्होंने अपने फंड से पैकेट दिए परिवारों को। सरकार ने भी गेहूं भी, दालें भी दीं फ्री और 35 लाख लोगों को मैंने बार-बार उनके खाते के अंदर हम लोगों ने पहले 1 हजार, फिर 1 हजार और, फिर 1500 उनके खाते में हमने ट्रांसफर किए हैं, एक किश्त और हम देंगे उनको। परंतु फिर भी आजीविका की जो चुनौती हमारे सामने है, वो सब जानते हैं। तो हमें ये भी देखना पड़ेगा कि किस प्रकार आजीविका चलती रहे, उनको तकलीफ नहीं हो क्योंकि तकलीफ उसको होती है जो सुबह-शाम कमाकर खाता है, बाकी लोग तो फिर भी बर्दाश्त कर सकते हैं, खर्चे कम कर सकते हैं, कुछ भी कर सकते हैं इस संकट की घड़ी के अंदर, सहयोग सबने किया है, पर गरीब आदमी की स्थिति बहुत खराब होती है। हमारा पूरा ध्यान प्रदेशवासियों की समस्याओं पर है, आप निश्चिंत रहें, हमारी तैयारी पूरी अब भी है। आप देख रहे हो ऑक्सीजन की मांग महाराष्ट्र कर रहा है केंद्र सरकार से कि आप हवाई जहाज से ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट करो महाराष्ट्र के अंदर और केंद्र सरकार ने भी फैसला किया है आज कि बाहर के मुल्कों से इम्पोर्ट करेंगे ऑक्सीजन को, बाहर के मुल्कों से आयात करेंगे, तो बिना ऑक्सीजन तो आप सोच सकते हो कि क्या स्थिति बन सकती है? जो दवाइयां हैं, वो दवाइयां पूरी मिल नहीं पा रही हैं, इतनी मांग बढ़ गई है और दवाइयों के साथ में जो हालात बने हैं, तो चाहे दवाइयां हों, चाहे ऑक्सीजन हो, कितनी हम बढ़ा लें संख्या, उसके बाद में भी अगर संख्या बढ़ती जाएगी मरीजों की, तो एक तरफ तो कैजुअल्टी ज्यादा होगी, लोग तकलीफ पाएंगे क्योंकि पोस्ट कोविड भी स्थिति अच्छी नहीं रहती है, कोविड ठीक होने के बाद भी काफी महीनों तक तकलीफ रहती है व्यक्ति को, सांस लेने के अंदर भी, चलने के अंदर भी, कई तरह की प्रॉब्लम रहती है। तो ये कोरोना हो ही क्यों? बचाव ही उपाय है, ये दिमाग में रखें हम सब लोग और किसी विशेषज्ञ ने तो ये कहा है कि कोरोना की लड़ाई जो है, महामारी की लड़ाई अस्पतालों में नहीं लड़ी जाती है, ये मैदानों में लड़ी जाती है, उसके मायने हैं, मैदान में, घरों में हम सब जो हैं, किस प्रकार से जो प्रोटोकॉल है कोरोना का, बचाव का, किस प्रकार से हम लोग मास्क लगाएं, किस प्रकार से हम लोग हाथों को बार-बार धोएं, किस प्रकार से सोशल डिस्टेंसिंग रखें, इलाज है ये, वैक्सीन की तरह ही ये प्रभावशाली होता है, मास्क लगाना। वैक्सीन की कुछ कमी हो गई केंद्र में, वो भेज नहीं रहे हैं राज्यों को, हमारे लिए बहुत बड़ी चिंता का विषय है, हम संपर्क में हैं केंद्र सरकार के, उम्मीद करते हैं कि वैक्सीन आती जाएगी, हम लगाते जाएंगे। वैक्सीन लगने के बाद में कम से कम जिंदगी जाने का खतरा खत्म हो जाता है। हर व्यक्ति को वैक्सीन लगानी है, मैंने भी पहली डोज, दूसरी डोज लगवा ली है, आप सबको लगवानी है। सरकार पूरी व्यवस्था करने में लगी हुई है, चाहे वो इलाज हो, चाहे वो वैक्सीन हो, चाहे सोशल सिक्योरिटी के माध्यम से हम क्या कर सकते हैं, कैसे हम सब लोग मिलकर, मैं तो आह्वान करना चाहूंगा प्रदेशवासियों को, सभी तबकों को, सभी वर्गों को, सभी संगठनों को, पिछली बार 12 महीने 11 महीने आप लोगों जो साथ दिया जिस रूप में, एक-दूसरे के काम आए आप लोग, इम्दाद की, उसके कारण से राजस्थान कामयाब हुआ कोरोना की जंग को जीतने के अंदर, अब भी जंग जीतेंगे हम लोग, मुझे पूरा यक़ीन है। आप सबका कॉन्फिडेंस बना रहे, हौसला बुलंद रखें, सरकार आपके साथ खड़ी मिलेगी, सारी व्यवस्था हमने की है, आने वाले वक्त में और हम करेंगे। पूरी तरह हम लोग लगातार गांव के सरपंच-पंच तक संपर्क में रहना चाहते हैं, प्रदेशवासियों के तमाम संगठनों से मैंने बातचीत की है, धर्मगुरुओं से बात की है, जिससे भी बात की है, सब लोगों ने विश्वास दिलाया कि हमें जो माहौल बन गया है, हालात बन गए हैं, उसके लिए हमें सख्त कार्रवाई करनी पड़ेगी, उसके बगैर काम नहीं चलेगा। मैं आपसे अपील करूंगा अंत में कि कृपा करके आप लोग जो फैसले किए हैं सरकार ने, उनको इम्प्लीमेंट करने में आप सहयोग करें, ये नौबत ही नहीं आए कि पुलिस को सख्ती करनी पड़े क्योंकि हमें जान बचानी है लोगों की और जान बचाने के लिए अगर सख्ती करनी पड़ेगी, तो वो भी करेंगे, तब जाकर हम लोग इसको काबू में कर पाएंगे, वरना ये महामारी है, फैलते हुए वक्त नहीं लगता है। 1 अप्रैल से 15 अप्रैल के आंकड़े देखेंगे तो आप देखोगे कि ये हो क्या गया 15 दिन के अंदर? 30-35 लोग मरना प्रतिदिन, कभी सुना ही नहीं था हम लोगों ने राजस्थान के अंदर, वो स्थिति बन गई है। यही बात कहता हुआ आपको, मैं विश्वास रखता हूं कि आप लोग कमी नहीं रखेंगे, पूरा सहयोग करने में, धन्यवाद, जयहिंद, धन्यवाद।

 

ग्रांम पंचायतो में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया

   निम्बाहेड़ा हलचल। निकटवर्ती ग्रांम पंचायत टाई एवं बरड़ा के अरनिया माली, बोरखेड़ी, ढावलिया,  पेमडीया गाव में बुधवार को कारोना महामारी सेे बचा...