श्रीकल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय का एमएसयू में विलय

 


निंबाहेड़ा (हलचल)। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय निंबाहेड़ा का विलय मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर में हो गया है, इसकी सूचना देने एवं पत्रकार संघ से वार्ता करने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह निंबाहेड़ा कल्लाजी मन्दिर पधारे। वहां श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के चेयर पर्सन कैलाशचंद्र मूंदड़ा एवं श्री कल्लाजी वेदापीठ एवं शोध संस्थान के अध्यक्ष एवं सचिव सहित अन्य न्यासीगणों ने प्रो अमेरिकासिंह एवं श्रीनाथ पीठ के अधिष्ठाता प्रो नीरज शर्मा का भव्य स्वागत किया। विश्वविद्यालय प्रवक्ता डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी ने बताया कि मंदिर में बटुकों द्वारा वैदिक ध्वनि के साथ ठाकुर श्री के विग्रह का पूजन अर्चन किया गया। तत्पश्चात पत्रकार वार्ता प्रारंभ हुई एवं वेदपीठ, मंदिर मंडल के न्यासियों सहित विश्वविद्यालय के स्वरूप को लेकर चिंतित लोगों के मनोगत प्रश्नों का समाधान करते हुए प्रो. अमेरिकासिंह ने कहा कि मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय का यह कल्लाजी परिसर बन रहा है एवं सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर से यही आ रहा है ऐसा निंबाहेड़ावासियों को समझना है और यह बहुत गर्व का विषय है कि भविष्य में निंबाहेड़ा शिक्षा के हब के रूप में अपनी पहचान बनाने जा रहा है। भविष्य में इस परिसर में जितने भी महाविद्यालय खोले जाएंगे वह सभी श्रीकल्लाजी के नाम पर होंगे, कुछ ही दिनों में यहां पर बीए, बीएससी, बीकॉम, लॉ, बी एड, बी एस टी सी आदि की पढ़ाई प्रारंभ होगी। इन पाठ्यक्रमों में अध्ययन लेने वालों को नई शिक्षा नीति के अनुरुप वेदों के बारे में एक प्रश्न पत्र पढ़ना अनिवार्य होगा। निंबाहेड़ा और चित्तौड़ में महिलाओं के लिए अलग से कोई उच्च शिक्षा संस्थान नहीं है यदि एक बालिका अशिक्षित होगी तो पूरा परिवार अशिक्षित होगा क्योंकि एक महिला शिक्षित होकर पूरे परिवार को शिक्षित कर सकती है इसीलिए यहां महिला महाविद्यालय की स्थापना सर्वप्रथम होगी। भविष्य की योजनाओं में श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के मूल उद्देश्यों को ध्यान में रखकर आयुर्वेद महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और तकनीक से संबंधित विषय भी पढ़ाए जाएंगे। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के वर्तमान स्वरूप को एवं वैदिक शिक्षा को अक्षुण्ण रखा जाएगा और विश्वव्यापी स्तर पर इसका प्रचार प्रसार हो इसके लिए हर संभव प्रयास करने के लिए सुखाड़िया विश्वविद्यालय संकल्पित है। प्रो अमेरिकासिंह ने चेयर पर्सन मूंदड़ा को आधुनिक मालवीय कहकर सम्मानित किया। प्रो नीरज शर्मा ने कहा कि शेष अवतार श्री कल्लाजी महाराज हम सभी के आराध्य हैं एवं उनके ही मार्गदर्शन एवं प्रेरणा को लेकर हम आगे भी कार्य करते रहेंगे। क्योंकि वैदिक विश्वविद्यालय जन-जन के सहयोग से स्थापित हुआ है और यह नगरवासियों ग्रामवासियों के श्रद्धा का केंद्र है इसलिए ठाकुर जी की प्रतिष्ठा और सम्मान रखना हमारे लिए प्राथमिकता होगी। भविष्य में समूचे विश्व से लोग यहां पर वैदिक शिक्षा के लिए आएंगे। भविष्य में निंबाहेड़ा अर्थात कल्याणनगरी काशी और हरिद्वार जैसे महान वैदिक केंद्रों के रूप में संपूर्ण विश्व में अपनी अलग पहचान बनाएगा। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के चेयर पर्सन कैलाशचंद्र मूंदड़ा ने सुखाड़िया विश्वविद्यालय से आए हुए अतिथियों का तुलसी माला एवं उपरना देकर धन्यवाद एवं कृतज्ञता ज्ञापित किया। इस पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से श्री कल्लाजी वेद पीठ एवं शोध संस्थान के अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास्तव एवं सचिव दिलीपसिंह, प्रधानाध्यापक गोपाल शर्मा अन्य पदाधिकारी मनोज न्याती, पुरुषोत्तम गुप्ता, श्याम अमेटा, लालचंद केशवानी, कैलाश बांगड़ आदि सहित मंदिर मंडल न्यास एवं वेदपीठ के पदाधिकारी, न्यासी एवं समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मधुसूदन शर्मा, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी गुणवंतलाल शर्मा आदि उपस्थित रहे। चेयर पर्सन कैलाश मूंदड़ा ने सभी कल्याण भक्तों को अभिनंदन करते हुए बताया कि निंबाहेड़ा अब तक सीमेंट उद्योग के लिए विख्यात था परंतु कल्याण नगरी आगामी समय में अपनी पहचान छोटी काशी के रूप में बनाने जा रहा है इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर सहयोग करने की आवश्यकता है।

 

 

 

 

Popular posts from this blog

वीडियो कोच ने स्कूटर को लिया चपेट में, दो बहनों की मौत, भाई घायल, बागौर में शोक

सिपाहियों के कातिल जोधपुर और बाड़मेर के, एक फौजी भी शामिल !

झटके पे झटका ... कांग्रेस का जिले में बनेगा बोर्ड ?