वर्षभर हरा चारा उत्पादन हेतु नेपियर घास लगाएं: डॉ. कौशिक

 

भीलवाड़ा (हलचल)। कृषि विज्ञान केन्द्र भीलवाड़ा पर मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मन्त्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित  लाभप्रद डेयरी, कृषि एवं पशुधन प्रबन्धन के अन्तर्गत पशुओं में स्वस्थ्य एवं वर्षभर हरा चारा उत्पादन विषय पर तीन दिवसीय कृषक प्रशिक्षण दिनांक 13 से 15 जनवरी 2022 को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में डा.ॅ आर. ए. कौशिक, निदेशक प्रसार शिक्षा निदेशालय, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर ने पशुओं के उत्तम स्वास्थ्य एवं वर्षभर हरा चारा उत्पादन हेतु नेपियर घास लगाने की आवश्यकता प्रतिपादित की। डॉ. कौशिक ने बताया कि किसान भाई कृषि में नवीनतम तकनीकों का समावेश कर उच्च कीमतन फसलों के उत्पादन द्वारा अधिक आमदनी अर्जित करें साथ ही किसानों हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा अपनाई जा रही नवीनतम तकनीकों से अवगत करवाया। 
केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सी.एम. यादव ने वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन, आवास एवं आहार प्रबन्धन के साथ मुर्गीपालन करने की तकनीकी जानकारी दी। डॉ. यादव ने पशुपालन हेतु पशुओं की उन्नत नस्लें, नस्ल सुधार, प्रमुख रोग एवं रोकथाम के बारे में बताया। 
शस्य वैज्ञानिक डॉ. के. सी. नागर ने उन्नत बीज उत्पादन, प्रमुख किस्में, खरपतवार नियन्त्रण, समन्वित पोषक तत्त्व प्रबन्धन की तकनीकी के साथ कृषक उत्पादक संगठन की स्थापना एवं कृषि उपज के भण्ड़ारण एवं विपणन की जानकारी दी। 
फार्म मैनेजर महेन्द्र सिंह चुण्ड़ावत ने जैविक खेती अपनाने, जैव उर्वरकों का उपयोग एवं वर्मीकम्पोस्ट उत्पादन की तकनीकी बताई। सहायक कृषि अधिकारी नन्द लाल सेन ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों को प्याज एवं गोभी की पौघ का वितरण किया गया। प्रशिक्षण में 40 कृषक एवं कृषक महिलाओं ने भाग लिया।
 



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