चार हजार की रिश्वत लेने वाले सहायक निदेशक को चार साल की कैद

 


 भीलवाड़ा विजय गढ़वाल। एसीबी कोर्ट ने दस साल पुराने रिश्वत के एक मामले में  कोटड़ी कृषि विभाग के तत्कालिन सहायक निदेशक (कृषि विस्तार) विनोदकुमार पांडे को सोमवार को चार साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। आरोपित ने यह रिश्वत बीज और कीटनाशक विक्रेता से कार्रवाई नहीं करने की एवज में ली थी। 
विशिष्ट लोक अभियोजक केके शर्मा ने हलचल को बताया कि वर्ष 2011 में  बीड़ का खेड़ा निवासी विनोद कुमार पारीक ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई कि उसकी अनुज कृषि सेवा केंद्र के नाम से मानपुरा में दुकान है। इस दुकान का कृषि विभाग कोटड़ी के सहायक निदेशक कृषि विस्तार विनोद कुमार पांडे ने निरीक्षण किया। इस दौरान दुकान में बीज की एक थैली मिली, जो अवधि पार थी। इसे लेकर पांडे ने पारीक को नोटिस दिया और कहा कि कल कोटड़ी आ जाना, नोटिस फाइल करवा दूंगा और आगे कार्रवाई नहीं करुंगा। 
इसे लेकर परिवादी पारीक, पांडे से मिले। पांडे ने पारीक से नोटिस फाइल करने और आगे कार्रवाई नहीं करने की एवज में 6 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। परिवादी ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि वह, पांडे को रिश्वत नहीं देना चाहता है। इस शिकायत का एसीबी ने सत्यापन करवाया।   इसके बाद एसीबी ने 10 मार्च 2011 को आरके कॉनोनी निवासी विनोदकुमार पांडे को चार हजार रुपये की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था। एसीबी ने तफ्तीश पूरी कर मामले में न्यायालय में पांडे के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी।
शर्मा ने बीएच को बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 13 गवाहों के बयान दर्ज करवाते हुये 22 दस्तावेज पेश कर पांडे पर लगे आरोप सिद्ध किये। न्यायालय ने सुनवाई पूरी होने के बाद सोमवार को पांडे को 4 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।