सिंधी समाज ने मनाया चांद उत्सव

 


  अजमेर हलचल। देहली गेट के बाहर किशन गुरनानी मौहल्ला स्थित सन्त हाथीराम धाम दरबार के महन्त सन्त स्वामी राधूराम ने चॉन्द उत्सव के अवसर पर अपने सत्संग प्रवचनो में कहा कि पूज्य झूलेलाल साहिब के जीवन से हमें प्रेम एवं भाईचारे की सीख मिलती है।भगत राधूराम ने कहा कि जब जब धरती पर अत्याचार बडते हैं तब तब परमात्मा सन्तो महापुरूषों के रूप में अवतार लेकर मानवता की रक्षा करते है।सिन्ध के अवतार पूज्य झूलेलाल और महान सन्त स्वामी हाथीराम ने जीवो को उनके कल्याण का मार्ग बताया और तपस्या करके लोगो को भक्ति का मार्ग बताया।सन्त भगत राधूराम ने बताया कि सन्तो का जीवन समस्त जीवो को शीतलता प्रदान करता है साथ ही जीवो के कल्याण हेतु ही सन्त महात्मा अवतार लेते है।उन्होने पूज्य झूलेलाल साहिब,सन्त हाथीराम,साघ्वी भक्तियाणी माता नवण बाई,भगत ताराचन्द और भगत झामनदास के जीवन के संस्मरण भी सुनाये और झूलेलाल की महिमा में अनेक भजन भी सुनाये।दरबार के प्रवक्ता और पूज्य सिन्धी पंचायत अजमेर के महासचिव रमेश लालवानी ने बताया कि इस अवसर पर बाबू भाई वासवानी,मनीष वासवानी,चेलाराम,चन्द्र खेमानी आदि के द्वारा सेवाऐ प्रदान की गई।इस अवसर पर झूलेलाल साहिब के बहिराणे की पवित्र ज्योत भी प्रज्जवलित करके महाआरती करके चॉन्द उत्सव के एक दिवसीय कार्यक्रम का समापन्न पल्ल्व प्रार्थना कार्यक्रम के पश्चात किया गया।