Friday, February 5, 2021

एसडीएम के नाम पर उसकी गाड़ी को पुलिस चेक नहीं करती थी, इसलिए कार में रखकर करता था गांजे की सप्लाई

 


कोटा । झालावाड़ जिले में असनावर के एसडीएम रतन योगी के ड्राइवर ओमप्रकाश को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गुरुवार रात को झालरापाटन स्थित ड्राइवर ओमप्रकाश के घर से कोटा पुलिस ने गांजा बरामद किया। पता चला है कि ओमप्रकाश गांजा सप्लाई के लिए गाड़ी का इस्तेमाल करता था। एसडीएम का ड्राइवर होने के चलते स्थानीय पुलिस वाले उसको पहचानते थे और उसकी कार को चेक नहीं करते थे। हालांकि, एडीएम के ड्राइवर से मामला जुड़ा होने के चलते पुलिस अभी इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता रही है। कोटा पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को कोर्ट में पेश किया है।

ऐसे ड्राइवर तक पहुंची पुलिस
2 फरवरी को कोटा के कुल्हाड़ी इलाके में पुलिस ने इरशाद नाम के युवक को चेकिंग के दौरान पकड़ा। उसके पास एक बोरी में साढ़े तीन किलो गांजा बरामद हुआ। इरशाद झालावाड़ जिले के बकानी कस्बे के रीछवा गांव का रहने वाला है। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि वह यह गांजा झालारापाटन में ओमप्रकाश के पास से लेकर आया है। कोटा में कई जगह उसे इस गांजे की सप्लाई करनी थी।

गांजा सप्लाई में ओमप्रकाश का नाम पता चलने के बाद गुरुवार रात को पुलिस ने झालरापटन स्थित ओमप्रकाश के घर में छापेमारी की। उसके घर से गांजा बरामद होने की बात कही जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। छापेमारी के दौरान ओमप्रकाश ने शुरू में पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ा। लेकिन, पुलिस की सख्ती के बाद वह शांत हो गया। पूछताछ में पता चला कि वह 2014 से सरकारी नौकरी कर रहा है। वर्तमान में असनावर के एसडीएम की सरकारी गाड़ी चलाता है।

कर्ज चुकाने के लिए शुरू की गांजा तस्करी
कोटा पुलिस ने बताया कि पूछताछ में ओमप्रकाश ने इरशाद को गांजा देने की बात कबूल कर ली है। उसने यह भी बताया कि पिछले कुछ सालों में उसने काफी कर्ज ले रखा था। इसे चुकाने के लिए ही उसने गांजा तस्करी शुरू कर दी। ओमप्रकाश गांजा कहां से लेकर आता था? फिलहाल, इस बारे में पुलिस पूछताछ कर रही है। यही नहीं, उसने सरकारी गाड़ी से गांजा सप्लाई या नहीं? इस बारे में भी पुलिस पूछताछ कर रही है।

अब आगे के रैकेट को तलाशेगी पुलिस
पुलिस का कहना है कि कोटा में बड़ी संख्या में बाहर के स्टूडेंट्स रहते हैं, जो मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करते हैं। गांजा सप्लायर इन छात्रों को निशाना बनाते हैं और धीरे-धीरे इन्हें गांजे का लती बनाते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, इस स्टूडेंट्स से गांजे की अच्छी-खासी कीमत भी उनको मिल जाती है। पुलिस का मानना है कि ओमप्रकाश से पूछताछ में इस रैकेट से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं।