भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह का निधन, पत्नी की मौत की खबर सुनते ही पड़ा दिल का दौरा

गोंडा : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह का गुरुग्राम स्थित एक अस्पताल में बुधवार रात निधन हो गया। वह 75 साल के थे।इससे पूर्व, बीते पांच दिसम्बर को पीजीआई लखनऊ में उनकी पत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सरोज रानी सिंह का भी निधन हो गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने पूर्व सांसद सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।       पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि सिंह, उनकी पत्नी एवं बेटे कुछ दिन पहले कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद उन्हें लखनऊ स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीते पांच दिसम्बर को उपचार के दौरान उनकी पत्नी का निधन हो गया था। उन्होंने बताया कि सिंह बाद में कराई गई जांच में संक्रमणमुक्त पाए गए थे, लेकिन तबियत खराब होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुरुग्राम स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।    

पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह

सूत्रों ने बताया कि उनकी हालत में थोड़ा सुधार हुआ था, लेकिन बुधवार को जैसे ही उन्हें अपनी पत्नी के निधन की खबर मिली, उन्हें दिल का दौरा पड़ गया और बुधवार रात्रि करीब 10 बजे उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर लखनऊ लाया जा रहा है, जहां उसे उनके आवास पर अपराह्न दो बजे अंतिम दर्शनार्थ रखा जाएगा। इसके बाद गुरूवार को ही चार बजे लखनऊ में उनका अंतिम संस्कार होगा।  

पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कोर कमेटी तक में शामिल रहे थे।  

सिंह का 27 फरवरी 1945 को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में जन्म हुआ था। वह पहली बार गोंडा सीट से 1977 में भारतीय लोकदल के टिकट पर सांसद चुने गए थे। इसके बाद वह 1991 और 1996 में भाजपा के सदस्य के रूप में बलरामपुर सीट से लोकसभा के लिए चुने गए। वह 1980 से 1985 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। वह भाजपा अनुशासन समिति के प्रदेश अध्यक्ष तथा पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य थे। इसके अलावा वह लाल बहादुर शास्त्री पीजी कालेज के उपाध्यक्ष भी थे।