Friday, February 12, 2021

शराब दुखांतिका को लेकर विपक्ष ने गहलोत सरकार को सदन में घेरा


जयपुर. प्रदेश में जहरीली शराब   से हुई मौतों के मामले में आज विपक्ष ने सरकार को घेरने को प्रयास किया. प्रश्नकाल के साथ ही शून्यकाल में भी विपक्ष के विधायकों ने पुरजोर तरीके से यह मामला सदन में उठाया. उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि शराब माफिया  आबकारी विभाग और पुलिस   की मिलीभगत से नकली शराब का व्यापार कुटीर उद्योग बन चुका है. मिथाइल एल्कोहल और स्प्रिट जो उद्योगों में काम आता है वहां से निकलकर नकली शराब उद्योग में काम लिया जा रहा है. राठौड़ ने कहा कि आखिर नींद की गोलियां और कीटनाशक इन नकली शराब बनाने वालों तक कैसे पहुंच रहे हैं.

उन्होंने कहा कि घटनाएं होने के बाद एक सप्ताह के अभियान में अवैध शराब की 10 फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं. 33 लाख लीटर से ज्यादा वॉश नष्ट की गई और 2682 अवैध शराब भट्टियां भी नष्ट की गई हैं. लेकिन, जब तक इनके उद्गम पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक नकेल नहीं कसी जा सकेगी. राठौड़ के साथ ही कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने भी स्थगन प्रस्ताव के जरिए यह मसला सदन में उठाया. संदीप शर्मा ने कहा कि विभागों को इस बात की पूरी जानकारी रहती है कि कहां कच्ची शराब बन रही है और कुछ विभाग ही उनसे जबर्दस्ती कच्ची शराब बनवाने का काम करते हैं.

उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि 3 साल पहले 18 जिलों में सर्वे हुआ था, जिसमें 70 हजार परिवार कच्ची शराब के कारोबार में लिप्त पाए गए थे. इन परिवारों को नवजीवन योजना से लाभान्वित किया जाना था. लेकिन, जब से सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग इसका नोडल बना है एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ.

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