एसीबी ने खंगाला लॉकर-5 भूखंडों के दस्तावेज और लाखों रुपये के जेवर मिले

 

  भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। एक दिन पहले 51 हजार रुपये की रिश्वत लेत पकड़े गये  उप महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक कार्यालय के सहायक लेखा अधिकारी द्वितीय भगवत सिंह चौधरी के पीएनबी बैंक स्थित लॉकर को गुरुवार को एसीबी ने खंगाला है।  लॉकर में 5 भूखंडों के दस्तावेज और लाखों रुपये के जेवरात मिले हैं। इससे पहले घर की तलाशी में भी सोने-चांदी के जेवर मिले थे। 

एसीबी सूत्रों ने बताया कि शहर में सेशन कोर्ट के पास रहने वाले शिकायतकर्ता ने 15 दिसंबर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें बताया कि उसने अपनी पत्नी के नाम से स्टांप लाइसेंस जारी करवाने के लिए उप महानिरीक्षक उप पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग में करीब दो वर्ष पहले आवेदन किया था।  
शिकायतकर्ता ने इसके लिए सहायक लेखाधिकारी द्वितीय भगवत सिंह से संपर्क किया। इस पर उसने लाइसेंस जारी करने के लिए 51 हजार रुपए की मांग की तो मंगलवार को इसकी एसीबी में शिकायत की गई।

जिसका एसीबी ने सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत की पुष्टि होने पर बुधवार को ट्रेप की कार्रवाई करते हुये भगवत सिंह को कुवाड़ा रोड़ स्थित कार्यालय में बंद लिफाफे में शिकायतकर्ता से 51 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।  इसके बाद एसीबी टीम ने सहायक लेखा अधिकारी भगवत सिंह के घर की तलाशी ली, जहां 3 लाख 80 हजार रुपये के जेवरात, बैंकों में आठ खातों के दस्तावेज व वाहन मिले थे। 
इसके अलावा घर के चार सदस्यों के चार पासपोर्ट भी मिले। साथ ही घर में ओरियंटल बैंक ऑफ  कॉमर्स जो अब पंजाब नेशनल बैंक में मर्ज हो गया के लॉकर की चाबी मिली।
इस मामले में  गुरुवार को एसीबी ने लॉकर खुलवाया। लॉकर में 8 लाख 12 हजार कीमत के 5 भूखंड मिले हैं। इनमें 2 भूखंड लक्ष्मी नगर योजना  व एक-एक भूखंड श्रीजी कॉलोनी, स्टार नेट व पंचवटी योजना के हैं। इसके अलावा लॉकर में 5 लाख 80 हजार के सोने-चांदी के जेवर भी मिले। एसीबी सूत्रों का कहना है कि आरोपित ने  वैभव नगर स्थित मकान के दस्तावेज बैंक से लिये गये लोन के एवज में गिरवी रखे हुये हैं। लॉकर की तलाशी एसीबी डीएसपी लक्ष्मणराम भाखर, दीवान रामपाल व कांस्टेबल जयंत ने ली है।