कई दिनों बाद भी कोरोना पीड़ित के शव से हो सकता है संक्रमण, शोध में आया सामने

 


नई दिल्ली. मरने के बाद भी कोरोना वायरस के शिकार हुए व्यक्ति  का शरीर कई दिनों तक संक्रामक हो सकता है. जर्मनी में हुए एक शोध  में यह बात सामने आई. हालांकि यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर हैम्बर्ग  में हुए इस शोध के नतीजे गंभीर रूप से कोरोना पीड़ित व्यक्तियों के एक छोटे से सैंपल पर आधारित है. शोधकर्ताओं ने इसे लेकर व्यापक स्तर पर रिसर्च करने करने की जरूरत पर जोर दिया है.

कोविड-19 से मरने वाले 11 लोगों के पार्थिव शरीर का टेस्ट किया गया
इमर्जिंग इन्फ्रेक्सियस डिसीज नाम के मशहूर जरनल में प्रकाशित इस शोध में लगी शोधकर्ताओं की टीम ने अस्पताल में कोविड-19 से मरने वाले 11 लोगों के पार्थिव शरीर का टेस्ट किया. और नाक के स्वैब का टेस्ट सात दिनों तक नियमित तौर पर हर 12 घंटे में किया गया. हर बार मृतक के आरएनए में SARS-CoV-2का समान स्तर पाया गया. शोधकर्ताओं ने बताया कि मृतक के शरीर के ऊतकों में SARS-CoV-2 का संक्रमण सात दिनों तक ज्यों का त्यों बना रहा. शोधकर्ताओं की टीम ने इसे महामारी के खतरनाक चरण कहा है. लिहाजा इस पर व्यापक स्तर पर शोध करने की जरूरत है.

कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति के अंतिम संस्कार से पहले भी फैल चुका संक्रमण
महाराष्ट्र (Maharashtra) के ठाणे जिले (Thane) में मई में कोविड-19 (Covid-19) से 40 वर्षीय एक महिला की मौत होने के बाद उसकी अंत्येष्टि में शामिल हुए 18 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी. मामला जिले की उल्हासनगर नगरपालिका परिषद का था. तब नगरपालिका के प्रवक्ता के बताया था, नियमों का उल्लंघन करते हुए करीब 70 लोग एक महिला की अंत्येष्टि में शामिल हुए थे. मौत से पहले ही महिला जांच में कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी.