मोदी बोले- रातों-रात नहीं आए कृषि कानून, सालों से हो रही थी चर्चा, यहां पढ़ें किसानों से संवाद की खास बातें

 

नई दिल्ली. कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसान 23 दिन आंदोलनरत हैं. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के किसानों को संबोधित किया. पीएम मोदी कहा कि बीते दिनों से देश में किसानों के लिए जो नए कानून बने, उनकी बहुत चर्चा है. ये कृषि सुधार कानून रातों-रात नहीं आए. पिछले 20-22 साल से हर सरकार ने इस पर व्यापक चर्चा की है. कम-अधिक सभी संगठनों ने इन पर विमर्श किया है.

पीएम मोदी ने कहा कि किसानों की उन मांगों को पूरा कर दिया गया है, जिन्हें बरसों से रोका गया था. किसानों के लिए जो नए कानून बने हैं, पिछले दो दशक से केंद्र, राज्य सरकार और संगठन इसपर मंथन कर रहे थे.

PM ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में भंडारण-कोल्ड स्टोरेज से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी हुआ है. ये बात सही है कि किसान कितनी भी मेहनत कर ले, लेकिन फल-सब्जियां-अनाज का अगर सही भंडारण न हो, सही तरीके से न हो, तो उसका बहुत बड़ा नुकसान होता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं देश के व्यापारी जगत, उद्योग जगत से आग्रह करूंगा कि भंडारण की आधुनिक व्यवस्थाएं बनाने में, कोल्ड स्टोरेज बनाने में, फूड प्रोसेसिंग के नए उपक्रम लगाने में अपना योगदान, अपना निवेश और बढ़ाएं. ये सच्चे अर्थ में किसान की सेवा करना होगा, देश की सेवा करना होगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि सुधारों से जुड़ा एक और झूठ फैलाया जा रहा है APMC यानि हमारी मंडियों को लेकर. हमने कानून में क्या किया है? हमने कानून में किसानों को आजादी दी है, नया विकल्प दिया है.

पीएम ने कहा कि तेजी से बदलते हुए वैश्विक परिदृष्य में भारत का किसान, सुविधाओं के अभाव में, आधुनिक तौर तरीकों के अभाव में असहाय होता जाए, ये स्थिति स्वीकार नहीं की जा सकती. पहले ही बहुत देर हो चुकी है. जो काम 25-30 साल पहले हो जाने चाहिए थे, वो अब हो रहे हैं.

PM ने कहा कि पिछले 6 साल में हमारी सरकार ने किसानों की एक-एक जरूरत को ध्यान में रखते हुए काम किया है.बीते कई दिनों से देश में किसानों के लिए जो नए कानून बने, उनकी बहुत चर्चा है. ये कृषि सुधार कानून रातों-रात नहीं आए.