तस्करी के मामले में मुल्जिम को निकाला-तत्कालीन डीएसपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश

 


भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। डोडा-चूरा तस्करी के मामले में डीएसपी द्वारा निकाले गये आरोपित को  विशिष्ट न्यायाधीश (एनडीपीएस प्रकरण) ने मुल्जिम मानते हुये गिरफ्तारी वारंट जारी किये हैं। साथ ही मांडलगढ़ के तत्कालीन डीएसपी जीवन सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पुलिस महानिरीक्षक को लिखा है।  
 
विशिष्ट लोक अभियोजक कैलाश चौधरी ने हलचल को बताया कि तत्कालिन बिजौलियां थाना प्रभारी सूर्यभान सिंह ने 9 जनवरी 2014 को सतकुडिया चौराहे पर नाकाबंदी की। रात साढ़े नौ बजे एक पिकअप बिना रूके वहां से निकल गई। सिंह ने जाब्ते के साथ पिकअप का पीछा किया। उदपुरिया चौराहे से 50 मीटर पहले टायर बस्र्ट होने से पिकअप में सवार लोग पिकअप छोड़कर भाग छूटे। पुलिस ने पिकअप की तलाशी ली तो उसमें 673 किलो 500 ग्राम डोडा-चूरा मिला। पुलिस ने केस दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान तत्कालीन बीगोद थाना प्रभारी महावीर प्रसाद मीणा को दिया। 
थाना प्रभारी मीणा ने इस मामले में ओमप्रकाश, राजेंद्र उर्फ राजेश उर्फ विशाल, नटवर व रामधन कीर व  रामलाल को मुल्जिम माना। पुलिस ने ओमप्रकाश, राजेश व रामलाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि रामपाल भी उनके साथ था। इस बीच, उच्चाधिकारियों के आदेश से इस मामले की जांच तत्कालीन डीएसपी जीवन सिंह ने अपने जिम्मे ले ली।  
डीएसपी सिंह ने एक डायरी काटते हुये लिखा कि मामले को एक साल से ज्यादा हो गया है, ऐसे में कॉल डिटेल नहीं निकलवाई जा सकती है। ऐसे में रामपाल को मुल्जिम नहीं माना जा सकता है। 
न्यायालय में चार्जशीट पेश होने के बाद सुनवाई के दौरान अनुसंधान अधिकारी महावीरप्रसाद मीणा ने बयान दर्ज करवाते हुये सभी को मुल्जिम माना, जबकि डीएसपी जीवन सिंह ने न्यायालय में कथन के दौरान ऐसा कोई साक्ष्य पेश नहीं किया कि उन्होंने अनुसंधान में रामपाल को कैसे निकाला। 
इसे लेकर अभियोजक पक्ष के कैलाश चौधरी ने 6 अगस्त 2019 को प्रार्थना-पत्र न्यायालय में पेश किया। जिसमें बताया कि अनुसंधान अधिकारी महावीर प्रसाद मीणा ने रामपाल को मुल्जिम माना, जबकि डीएसपी सिंह ने रामपाल व रामलाल के साथ-साथ होन के बाद भी रामपाल को बिना दस्तावेज के डिलीट किया है। चौधरी ने प्रार्थना पत्र में डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 
न्यायालय ने उक्त प्रार्थना-पत्र पर रामपाल को 8/29 को मुल्जिम मानते हुये उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिये। साथ ही आदेश की प्रति पुलिस महानिरीक्षक को भेजने के आदेश देते हुये डीएसपी जीवन सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर न्यायालय को अवगत कराने के लिए लिखा है।