पुलिस की हिरासत में आरोपी की मौत , छावनी बना इलाका

 

उदयपुर। जिले के सायरा थाने में एक नाबालिग के अपहरण के आरोपी आदिवासी व्यक्ति की बुधवार को पुलिस हिरासत में मौत हो गई। जिसको लेकर आदिवासियों ने थाने को घेर लिया तथा हंगामा करने लगे। मामला बढ़ता इससे पहले आसपास चार थानों की पुलिस तथा उदयपुर से रिजर्व पुलिस बल को भेजा गया तथा तैनात कर दिया गया। आदिवासी समूह का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना से उनके आदमी की मौत हो गई, जबकि पुलिस का कहना है कि अचानक बिगड़ी तबियत के बाद उसे अस्पताल ले जा रहा था और उसकी मौत हुई। 

आदिवासी समूह मुआवजा दिलाए जाने की मांग पर अड़ा

हालांकि मामले की जांच सायरा के उपखंड अधिकारी को सौंपी गई है और मेडिकल बोर्ड के जरिए आरोपी का पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस का कहना है कि मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आ जाएगा लेकिन आदिवासी समूह इसे मानने को तैयार नहीं। उनकी मांग मुआवजा दिलाए जाने की है।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही लालाराम ने दम तोड़ दिया

पुलिस अधीक्षक कैलाश विश्नोई ने बताया कि सायरा थाना क्षेत्र के गोडारा निवासी लालाराम गरासिया को सायरा थाना पुलिस नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में पाली से गिरफ्तार करके लाई थी। उससे प्रकरण को लेकर पूछताछ की जा रही थी। बुधवार सुबह लालाराम की तबियत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही लालाराम ने दम तोड़ दिया। 

जानकारी मिलते ही आदिवासी ग्रामीणों में फैला आक्रोश

इधर, आदिवासियों का आरोप है कि आरोपी को पिछले तीन दिन से हिरासत में रखा हुआ था और उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस प्रताड़ना के चलते उसकी मौत हुई। पुलिस कस्टडी में मौत की जानकारी आदिवासियों को मिली तो ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।

चार थानों की पुलिस बुलाई, रिजर्व पुलिस बल को भेजा 

आदिवासियों ने सायरा थाने को घेर लिया। वह पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। मामला बिगड़ता देखा तो आसपास के चार थानों से पुलिस बल बुला लिया गया। करीबी थाने बेकरिया, ओगणा और गोगुंदा से आधे घंटे में पुलिस पहुंच गई और जबकि उदयपुर से भी रिजर्व पुलिस बल को भेजा गया।

ग्रामीणों का आरोप अवैध रूप से रखा गया हिरासत में 

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लालाराम गरासिया को थाने के रिकॉर्ड में गिरफ्तार नहीं बताया गया था। उसे अवैध रूप से हिरासत में रखकर बुरी तरह से पीटा, जिससे उसके शरीर पर चोटें आई और उसकी मौत हो गई। 

लालाराम से की थी पूछताछ, अचानक तबीयत बिगड़ी 

जबकि पुलिस उपाधीक्षक प्रेम धणदे का कहना है कि लालाराम से पूछताछ अवश्य की जा रही थी। उसकी तबियत बिगड़ी तो उसे अस्पताल लेकर जा रहे थे और उसकी मौत हो गई। उसे प्रताड़ित नहीं किया गया।