साहित्य स्टॉल का हुआ उद्घाटन

 



 भीलवाड़ा( हलचल)।  गुरुवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार से देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ चिन्मय पंड्या गायत्री शक्तिपीठ भीलवाड़ा पधारे जिनका शक्तिपीठ व्यवस्थापक एवं स्थानीय कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। शक्तिपीठ परिसर पर नवनिर्मित साहित्य स्टॉल का उद्घाटन चिन्मय जी द्वारा किया गया इसमें गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा लिखित साहित्य स्थापित होगा जो आधे मूल्य पर उपलब्ध रहेगा। इसमें समाज निर्माण, परिवार निर्माण, बाल निर्माण, क्रांतिधर्मी सहित्य आदि साहित्य उपलब्ध रहेंगे। कार्यकर्ताओं को शांतिकुंज का विशेष संदेश सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हुआ जिसमें अगले वर्ष हरिद्वार में महाकुंभ होगा व गायत्री परिवार के हेड क्वार्टर “शांतिकुंज” की स्थापना के भी 50 वर्ष पूर्ण हो रहे है इस उत्सव के लिए "आपके द्वार पहुंचा हरिद्वार" अभियानके तहत युग तीर्थ और महाकुंभ हरिद्वार को घर-घर पहुंचाने का कार्य 5000 शक्तिपीठों के माध्यम से पूरा होगा। प्रत्येक शक्तिपीठ द्वारा न्यूनतम 11 गांव  और प्रत्येक गांव के न्यूनतम 24 घरों में देव स्थापना होगी। कोरोना काल में सभी कार्यकर्ताओं ने धैर्य और साहस के साथ सैनिटाइजर के साथ मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए भाग लिया। भीलवाड़ा शक्तिपीठ के व्यस्थापक द्वारिका प्रसाद कुंटल ने चिन्मय पंड्या को भीलवाडा में चल रहे कार्यक्रमों की जानकरी दी और सह व्यवस्थापक राजेश ओझा ने संस्था परिसर का अवलोकन करवाया।डॉ पंड्या अध्यात्म जगत के सर्वोच्च टेंपलटन पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह समय विशेष है जो वापस नहीं आएगाऔर इस समय में हर युग सैनिक को अपना मोर्चा संभालना चाहिए और जीवन को लोकमंगल के कार्य में झोंकना चाहिए।इस अवसर पर डॉ श्रोत्रिय, डॉ अर्जुन वैष्णव, अधिवक्ता कौशल शुक्ला, कान्ता झंवर, महावीर कोशिक, राकेश समदानी, सुमित इनानी, कैलाश नुवाल, कृष्णा गोपाल जगेटिया, प्रवीण शर्मा, अर्जुन सिंह, शंकर सोमानी, मनीष, राजेंद्र सोलंकी, केदार दास वैष्णव, श्याम योगी, बिंदु चौधरी, नरेन्द्र मिश्रा, अनीता व्यास, देवेन्द्र त्रिपाठी, रतन सोनी व राजकुमार तिवारी उपस्थित थे। प्रणव और दीनबंधु ने फोटोग्राफी की तथा नीलम और महिला मंडल ने परिसर की शानदार सजावट की।