नकाबपोशों ने नहीं, किशन ने खुद काटा था गला और हाथ की नसें, बेरोजगारी और डिप्रेशन रहा कारण

 


 भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। हमीरगढ़ के युवक का गला व हाथ की नसें काटने के सनसनीखेज मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस का कहना है कि युवक पर यह हमला नकाबपोश लोगों ने नहीं, बल्कि युवक ने खुद किया था। इसका कारण बेरोजगारी और डिप्रेशन रहा।   
  हमीरगढ़ थाना प्रभारी सुरेंद्र गोदारा ने हलचल को बताया कि कस्बा निवासी किशनलाल (18)पुत्र नटवर शर्मा  9 सितंबर को  घायलावस्था में जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां उसने बताया कि दोपहर करीब दो बजे वह शौच के लिए घर के सामने ही जंगल में गया था। जहां किसी ने पीछे से उसके सिर में लाठी से वार किया। जब वह पीछे घूमा तो उसे चार से पांच लोग दिखाई दिये, जो नकाबपोश थे। इसके बाद उसने अज्ञात लोगों से सामना करना चाहा तो उन लोगों ने उसके हाथ पैर पकड़ लिये। चिल्लाया तो मुहं पर रुमाल रख दिया। इसके बाद वह बेहौश हो गया। काफी देर तक वह बेहौश पड़ा रहा। जब उसे हौश आया तो उसका गला और हाथ की नसें कटी मिली। खून बह रहा था। इतना ही नहीं, जहां उस पर पहली बार हमला हुआ, वहां से वह काफी दूर पड़ा था। 
पुलिस ने मामले की जांच व युवक से काउंसलिंग की। इस दौरान सामने आया कि किशन 12 वीं तक पढ़ा-लिखा है। वह भीलवाड़ा में काम सीखने के लिए कंप्यूटर शॉप पर जाता था। उसे कोई काम नहीं मिला। वह बेरोजगार था। कई बार लोग उसे यह कहकर कि तेरे पास अच्छा काम नहीं है। या काम नहीं जानता है। मजाक करते थे। इसे लेकर वह डिप्रेशन में आ गया था। युवक साफ दिल का है, ऐसे में उसने इन बातों को गंभीरता से ले ले लिया, जिससे वह डिप्रेशन में आ गया। इसके चलते खुद किशन ने अपने हाथ की नसें और गला ब्लेड से काट लिया था। 
उधर, थाना अधिकारी गोदारा ने अभिभावकों से अपील की है कि  वे, अपने बच्चों से समय-समय पर उनकी समस्याओं के बारे में बातचीत करते रहें। अगर उनके कोई अवसाद, चिंता या तनाव में होने जैसा कुछ लगे तो प्रोपर तरीके से उनकी काउंसलिंग करें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।