प्राकृतिक कुल्हड़ परिवार चला रहा फिट इंडिया फिट भीलवाड़ा मुहिम

भीलवाड़ा। योग को पहली बार प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में मान्यता प्रदान करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फिट इंडिया की मुहिम में नववर्ष से पहले मिला देश को अनुपम उपहार है। इससे देश में शारीरिक व मानसिक सेहत के लिए अत्यंत लाभप्रद योग को बढ़ावा देेने और घर-घर तक पहुंचाने का मिशन पूरा हो सकेगा। कोरोना महामारी से बचाव के लिए इम्युनिटी बढ़ाने में भी योग सबसे कारगर साबित हो रहा है। कोरोना पीड़ितों को भी जल्द स्वस्थ होने के लिए ‘योग प्रोटोकॉल’ दिया जाता है। योग, प्रकृति व सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय प्राकृतिक कुल्हड़ परिवार प्रधानमंत्री के आह्वान से प्रेरित होकर ‘फिट इंडिया, फिट भीलवाड़ा’ मुहिम चला रहा है। इस मुहिम के तहत भीलवाड़ा के विभिन्न क्षेत्रों में शिविर लगा बच्चों व आमजन को योग शिक्षा प्रदान की जा रही है।
पिछले लंबे समय से योग से जुड़ी संस्थाएं व व्यक्ति सरकार से योग को खेल के रूप में मान्यता देने का आग्रह कर रहे थे। वर्तमान आपाधापी के युग में जीवन को सुव्यवस्थित रखने और स्वस्थ रहने के लिए खेलों की अहम भूमिका है। योग भी व्यक्ति के लिए एक प्रातःकालीन खेल समान है जिसे नियमित करने से व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। दैनिक जीवनचर्या में जिस तरह भोजन की आवश्यकता होती है उसी तरह स्वस्थ रहने के लिए नियमित योग आवश्यक है। कुल्हड़ परिवार के सचिव भूपेन्द्र मोगरा के अनुसार ये हमारा सौभाग्य है कि नरेन्द्र मोदी के रूप में देश में ऐसा प्रधानमंत्री आसीन है जो हर नागरिक कैसे स्वस्थ रहे इसके लिए चिंता कर ‘फिट इंडिया’ का नारा देशवासियों को देता है। देश के दो राज्य गुजरात व हरियाणा में योग बोर्ड का गठन हो चुका है। योग बोर्ड चेयरमैन को राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है। सेहत सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण योग बोर्ड चेयरमैन पद का दायित्व हरियाणा में डॉ श्री जयदीप आर्य जी एवं गुजरात में मूलतः अलवर निवासी श्री शीशपालजी संभाल रहे है। योग बोर्ड गठन के निर्णय से देश में अन्य राज्यों की अपेक्षाकृत हरियाणा एवं गुजरात में योग से जुड़ी गतिविधियां बढ़ी है। प्राकृतिक कुल्हड़ परिवार की भावना है कि योग बोर्ड का गठन राजस्थान सहित देश के सभी राज्यों में भी शीघ्र होना चाहिए ताकि योग के माध्यम से व्यक्ति को शारीरिक व मानसिक फिट रखने के साथ फिट इंडिया का सपना साकार कर सके। कुल्हड़ परिवार के अध्यक्ष अशोक कांठेड़,सचिव भूपेन्द्र मोगरा, सह सचिव लवकुश काबरा आदि पदाधिकारियों ने केन्द्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया है।
क्या होगा खेल के रूप में मान्यता मिलने का लाभ
हर किसी को जीने की कला सीखाने और सेहतमंद रखने वाले योग को प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में केन्द्र सरकार से मान्यता मिलने का बहुआयामी लाभ होंगे। इससे किसी भी तरह की योग प्रतिस्पर्धाओं के आयोजन में सरकार से सहायता मिल सकेगी। योग क्षेत्र के विशेषज्ञों से लंबे समय तक विचार-विर्मश के बाद मान्यता देने के इस निर्णय से योग से जुड़ी प्रतियोगिताएं बढ़ेगी एवं लोगों का योग से गहरा जुड़ाव हो सकेगा। योग को भी खेल के समकक्ष मान्यता मिलने से इसके बारे में शैक्षिक पाठ्यक्रमों में जानकारी दी जा सकेगी एवं विद्यालयों में नियमित योग गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। इससे योग के विस्तार के साथ विश्वपटल पर स्वीकार्यता भी बढ़ेगी।