VIDEO : छोटे भाई की प्रेमिका की हत्या के आरोपित व कथित धर्मबहन को आजीवन कारावास


 भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। छोटे भाई की प्रेमिका की पत्थर से कुचलकर हत्या के आरोपित ज्योतिनगर निवासी भैंरूलाल पुत्र कन्हैयालाल शर्मा व तख्तपुरा निवासी  कथित धर्म बहन पारस पत्नी रामलाल गाडरी को आजीवन कारावास व 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। फैसला, शुक्रवार को विशिष्ट न्यायाधीश (महिला उत्पीडऩ प्रकरण) हिमांकनी गौड़ ने सुनाया। 
विशिष्ट लोक अभियोजक संजू बापना ने हलचल को बताया कि 31 अगस्त 2009 को दौलपुरा ग्राम पंचायत सरपंच रतिराम रायका ने नाहरगढ़ के जंगल में झाडिय़ों में महिला की लाश होने की सूचना मांडलगढ़ थाने को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जहां एक महिला की लाश पड़ी थी। उसकी किसी ने पत्थर मारकर हत्या की थी। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया। जहां ज्योतिनगर निवासी भैंरूलाल शर्मा ने शव की पहचान अपने छोटे भाई मोनू के साथ अवैध संबंधों के चलते रह रही मधु शर्मा (22) के रूप में की। मधु, चपरासी कॉलोनी में जगदीश भाटी के मकान में किराये से रह रही थी। उसका भाई मोनू गाडी लेकर औंकारेश्वर गया था। मधु अकेली थी, जो बिना बताये निकल गई। उसकी गुमशुदगी प्रताप नगर थाने में दर्ज करवाई गई। मधु, खाचरोल निवासी रामलाल शर्मा की बेटी थी। पुलिस ने पिता को बुलाया, जिन्होंने मधु की लाश लेने से इनकार कर दिया। ऐसे में पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव का दाह-संस्कार करवा दिया। पुलिस ने हत्या कर सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज कर जांच की। जांच के बाद मधु की हत्या के आरोप में ज्योतिनगर निवासी भैंरूलाल पुत्र कन्हैयालाल व इसकी कथित धर्म बहन पारस पत्नी रामलाल गाडरी निवासी तख्तपुरा को गिरफ्तार किया था। 
पुलिस ने तफ्तीश की तो सामने आया कि मधु शादीशुदा थी, जो आरोपित भैंरूलाल शर्मा के भाई मोनू उर्फ राजेश से अवैध संबंध होने से साथ रहने लगी थी। मोनू भी शादीशुदा था। जिसकी पत्नी भैंरूलाल के मकान में रह रही थी। 28 अगस्त 09 को भैंरूलाल को मोनू की पत्नी से पता चला कि मधु,राजेश से गर्भवती है। इसे लेकर भैंरूलाल की परेशानी और बढ़ गई। भैंरूलाल ने उसे रास्ते से हटाने के लिए कथित धर्म बहन पारस को साथ लेकर मधु को भैंरूजी के धोक लगाने के लिए तैयार किया।
भैंरू ने षड्यंत्र के तहत अपने भाई मोनू को गाडी लेकर औंकारेश्वर भेज दिया। पारसी के जरिये मधु को बुलवाया। वह, मधु व पारसी को अपनी गाडी में साथ लेकर इधर-उधर गये। विजयपुर थाने में जानकार मुल्जिम से मिलने गये। इसके बाद 29 अगस्त की रात को ये आरोपित मधु को वारदातस्थल पर ले गये और पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी। लाश को छिपाकर 30 अगस्त को भैंरू खुद व उसकी पत्नी खाचरोल में तेजाजी के दर्शन करने गये। 31 अगस्त को सुबह ही भैंरूलाल को पता लगा कि पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है तो उसने 11.30 बजे प्रतापनगर थाने में मधु की गुमशुदगी दर्ज करवाई। 
पुलिस ने मामले में दोनों आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश की। न्यायालय ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को आरोपित भैंरूलाल व पारस गाडरी को आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।