बेटी को करोड़पति बनाने वाली स्कीम में नए खाता खोलने के लिए सरकार ने दी बड़ी छूट

 

नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी के चलते सरकार ने बच्चियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खाता  खोलने वालों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के लिए पात्रता मानदंडों में कुछ छूट की घोषणा की है. पोस्ट ऑफिस  के नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि खाता 31 जुलाई, 2020 को या उससे पहले उन बेटियों के नाम से खोला जा सकता है, जिनकी उम्र 25 मार्च, 2020 से 30 जून, 2020 तक लॉकडाउन की अवधि के दौरान 10 वर्ष पूरी हो चुकी है. इस छूट से उन बेटियों के पेरेंट्स को मदद मिलेगी जो लॉकडाउन के कारण सुकन्या समृद्धि खाता नहीं खोल सकते थे. अन्यथा, सुकन्या समृद्धि खाते केवल जन्म की तारीख से 10 वर्ष की आयु तक ही खोले जा सकते हैं.

सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर पेरेंट्स अपनी बेटी की उच्च शिक्षा और शादी के खर्चों को आसानी से पूरा कर सकते हैं. इस योजना में बेटी के 21 साल पूरे होने पर रिटर्न पाया जा सकता है. योजना के नियमों के अनुसार, पेरेंट्स अगर बेटी की कम आयु में ही योजना में निवेश करना शुरू कर देते हैं, तो वे 15 सालों तक योजना में निवेश कर सकते हैं. 
ब्याज दर

सुकन्या समृद्धि योजना में इस समय 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इस योजना में खाता खुलवाते समय जो ब्याज दर रहती है, उसी दर से पूरे निवेश काल के दौरान ब्याज मिलता है. सरकार ने पोस्‍ट ऑफिस सेविंग अकाउंट समेत सभी स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम (Small Saving Schemes) में किए गए निवेश पर जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए मिलने वाले ब्‍याज की दरों में कोई बदलाव नहीं (Interest Rates Unchanged) किया है.

एक साल में कितना कर सकते हैं निवेश
अगर आपने सुकन्या समृद्धि अकाउंट में एक वित्तीय वर्ष के दौरान अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किया जा सकते हैं. वहीं, एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम जमा राशि 250 रुपये है. इसका मतलब साफ है कि आप एक साल में डेढ़ लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं, वहीं अकाउंट को चालू रखने के लिए कम से कम 250 रुपये जमा करने होंगे. इस रकम को खाताधारक के खाते में रिटर्न कर दिया जाएगा. सुकन्या समृद्धि अकाउंट में 15 साल तक रुपये जमा किए जा सकते हैं.

इनकम टैक्स में छूट
सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर इनकम टैक्स में छूट का दावा भी किया जा सकता है. इस योजना में सालाना 1.5 लाख तक का निवेश इनकम टैक्स छूट के योग्य होता है. इस तरह पेरेंट्स इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 80C के तहत इस योजना में निवेश पर इनकम टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं. खास बात यह है कि इस योजना में ब्याज आय और मैच्योरिटी राशि भी टैक्स फ्री ही होती है. 

अकाउंट संचालन का नियम बदला
नये नियम के तहत 18 साल की आयु होने के बाद बच्ची खुद ही अपने अकाउंट का संचालन कर सकती है. पहले यह आयु 10 साल की थी. जब बच्ची 18 साल की हो जाएगी, तो अभिभावक को बच्ची से संबंधित दस्तावेज पोस्ट ऑफिस में जमा कराना होगा.

दो ​बच्चियों का अकाउंट खुलवाने के लिये जरूरी होंगे ये डॉक्युमेंट्स
अब दो से अधिक बच्चियों का सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलवाने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने की जरूरत पड़ेगी. नए नियम के मुताबिक, अगर दो से अधिक बच्ची का खाता खुलवाना है तो बर्थ सर्टिफिकेट के साथ-साथ एक हलफनामा देना भी जरूरी होगा. इससे पहले, गार्जियन को बच्ची का केवल मेडिकल सर्टिफिकेट देने की जरूरत होती थी.



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