अगले 24 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, ठंड से राहत मिलने के आसार

 

नई दिल्ली । पहाड़ी राज्यों में जारी बर्फबारी और शीतलहर के चलते दिल्ली-एनसीआर में ठंड फिर से बढ़ गई है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट के साथ कंपकंपी भी बढ़ गई है। शनिवार को कोहरा नहीं था, लेकिन ठंड ने लोगों कोे परेशान किया। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक शनिवार को भी दिनभर आसमान साफ रहेगा। शीतलहर चलेगी और अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 21 और 4 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं स्काईमेट वेदर के अनुसार, रविवार के बाद मौसम करवट लेगा और ठिठुरन भरी सर्दी से कुछ राहत मिलनी शुरू होगी।

रिकॉर्ड तोड़ सर्दी का आलम यह है कि शुक्रवार को इस माह में शीतलहर का सातवां दिन रहा। अगर तीन दिन और शीतलहर जारी रही तो 2008 का नौ दिन शीतलहर चलने के रिकॉर्ड का रिकॉर्ड टूट जाएगा। फिलहाल, दो दिन और शीतलहर जारी रहने का अनुमान है। आमतौर पर 20 जनवरी के बाद दिल्ली के मौसम से सर्दियों का उतरना शुरू हो जाता है, लेकिन, इस बार जनवरी का महीना समाप्त होने को है और लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिलती नहीं दिख रही है।

शुक्रवार को भी न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 4.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से दो डिग्री कम है। लोधी रोड इलाके में सबसे ज्यादा ठंड रही। यहां का न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार जनवरी के महीने में शीतलहर वाले दिनों की संख्या पहले से ज्यादा है। वर्ष 2013 में जनवरी के महीने में छह दिन ऐसे रहे थे, जब शीतलहर जैसी स्थिति बनी थी। पिछले दो सालों में तो जनवरी में केवल एक-एक दिन शीतलहर जैसी स्थिति रही थी। इस साल सात दिन हो ही चुके हैं, दो दिन बाकी हैं। स्काईमेट वेदर के अनुसार जनवरी 2008 में नौ दिन शीतलहर की स्थिति बनी थी। मालूम हो कि जब न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम हो तो वह शीतलहर की स्थिति मानी जाती है।