17 चिकित्सा संस्थानों के भवनों का लोकार्पण और 9 चिकित्सा संस्थानों के निर्माण कार्य का किया शिलान्यास

 


 जयपुर । प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश की लगभग 11 लाख की आबादी को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का वर्चुअली लोकार्पण व शिलान्यास किया।  

 

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का पूरा ध्यान स्वास्थ्य सेवाओं को समृद्ध और बेहतर करने पर है। यही वजह है कि व्यापक स्तर पर चिकित्सा संस्थानों के आधारभूत ढांचे का मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में 12 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से 9 चिकित्सा संस्थान भवनों के निर्माण कार्य का शिलान्यास और 23 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से 17 चिकित्सा संस्थान भवनों के निर्माण कार्य का लोकार्पण किया गया है। 

 

डॉ. शर्मा ने बताया कि शिलान्यास होने वाले चिकित्सा संस्थानों में से 11 करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से 6 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 65 लाख रुपए की लागत से 2 उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं 70 लाख रुपए की लागत से राजकीय जनाना चिकित्सालय, अजमेर में कॉम्प्रहेन्सिव लैक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर का शिलान्यास शामिल है। 

 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चिकित्सा संस्थानों नवनिर्मित भवनों में से 17 करोड़ 65 लाख की लागत से 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का कार्य, 1 करोड़ 50 लाख की लागत से 2 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का कार्य, 60 लाख की लागत से 2 उप स्वास्थ्य केन्द्रों का कार्य, 1 करोड़ 10 लाख की लागत से 1 एसएनसीयू का निर्माण कार्य, 1 करोड़ 50 लाख की लागत से जिला अस्पताल अलवर में अपरेशन थियेटर का विस्तार, 1 करोड़ की लागत से रामगंज, जिला जयपुर में 50 बैडेड शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रिनोवेशन एवं अपग्रेडेशन का कार्य, 1 करोड़ 54 लाख की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र विजयनगर में 100 बैडेड वार्ड का निर्माण कार्य एवं 25 लाख की लागत से राजकीय चिकित्सालय केकड़ी में एनबीएसयू से एसएनसीयू में अपग्रेडेशन का कार्य पूर्ण किया गया है।

 

डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की आशंका को देखते हुए प्रदेश की 332 चयनित सामुदायिक केंद्रों के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इन केंद्रों पर 4-5 लोगों के लिए आईसीयू, सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन सहित आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आमजन को उनके आसपास के क्षेत्रों में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल जाए ताकि शहरों के चिकित्सा संस्थानों पर बोझ कम रहे।

 

चिकित्सा सचिव  सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान चिकित्सा व्यवस्थाओं के सुदृढिकरण पर है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दिसम्बर 2018 से जनवरी 2021 तक 932 करोड़ रुपए की राशि निर्माण कार्यों पर व्यय कर 69 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 212 पीएचसी एवं 479 उपस्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण कर स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने का काम किया है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त 214 उपस्वास्थ्य केन्द्र, 302 पीएचसी, 103 सीएचसी और 9 चिकित्सालयों पर आवासीय भवन निर्माण कार्य भी करवाए गए हैं। 

 

डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की आशंका को देखते हुए प्रदेश की 332 चयनित सामुदायिक केंद्रों के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इन केंद्रों पर 4-5 लोगों के लिए आईसीयू, सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन सहित आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आमजन को उनके आसपास के क्षेत्रों में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल जाए ताकि शहरों के चिकित्सा संस्थानों पर बोझ कम रहे।

 

कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से जनप्रतिनिधिगण व निदेशालय से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक सुधीर कुमार, जन स्वास्थ्य निदेशक डॉ. केके शर्मा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक   गोविंद पारीक ने किया। 

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