मांडल में विवादित कुर्क जमीन मामले को लेकर जुटी भीड़, पुलिस ने लाठियां भांज कर दो किलोमीटर तक खदेड़ा,बाजार बंद

 

 मांडल चंद्रशेखर तिवाड़ी । मांडल स्थित विवादित कुर्क व रिसीवर संपत्ति के मामले को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर चल रहे मैसेज के बाद शुक्रवार को युवाओं की भीड़ जुट गई। समझाइश के दौरान उपद्रव करने के बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को करीब दो किलोमीटर तक खदेड़ दिया।  उपद्रवियों के द्वारा कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाये, इसे लेकर एहतियातन मांडल के बाजार व बस स्टैंड की दुकानें बंद करवा दी गई। इस दौरान करीब आधा दर्जन लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। इस घटनाक्रम से कस्बे के बाशिंदे सहम गये। पुलिस अधीक्षक सहित आला अधिकारी कस्बे में ही डेरा डाले हुये हैं। 
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंचल मिश्रा ने हलचल को बताया कि सोशल मीडिया पर कुछ दिनों से मैसेज वायरल हो रहा था।  यह मैसेज मांडल स्थित विवादित कुर्क व रिसीवर संपत्ति के विषय में था। इसी के तहत आज दोपहर कस्बे के दशहरा चौक में गुर्जर समाज के 500-700 लोग जुट गये। इसकी जानकारी मिलते ही वे, स्वयं और मांडल थाना प्रभारी व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जमा भीड़ को समझाने का प्रयास किया, तभी भीड़ में शामिल किसी युवक ने उपद्रव शुरू कर दिया। 
उधर, इस उपद्रव के बाद पुलिस ने भीड़ पर लाठियां भांजना शुरू की। करीब दो किलोमीटर दूर कीरखेड़ा प्राइमरी स्कूल तक भीड़ को पुलिस ने खदेड़ा। वहीं दूसरी और कस्बे में हुई इस घटना से आमजन में दहशत फैल गई। पुलिस ने करीब आधा दर्जन लोगों को भी हिरासत में लिया है। वहीं पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा भी मांडल पहुंच गये। 
सूत्रों का कहना है कि कस्बे में उपद्रवियों द्वारा किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाये, इसे लेकर कस्बे के बाजार और बस स्टैंड क्षेत्र की दुकानों को एहतियातन बंद करवा दिया गया। 

 भीड़ के नेतृत्व की आशंका में पहले हो चुके पाबंद
पुलिस सूत्रों के अनुसार, विवादित जमीन को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज को देखते हुये पुलिस ने केस दर्ज किया था। साथ ही भीड़ का नेतृत्व करने की आशंका में करीब 30  लोगों को पुलिस ने पहले ही पाबंद करवा दिया था। इसके चलते आज जुटी भीड़ का नेतृत्वकर्ता कोई नजर नहीं आया। यह भीड़ नेतृत्वहिन भीड़ थी। 

चप्पे-चप्पे पर पुलिस, हाइवे पर भी लगाया चेकपोस्ट
कस्बे में विवादित जमीन खोलने की आशंका के चलते पुलिस ने विवादित स्थल पर कड़ी सुरक्षा की है। साथ ही कस्बे में चप्पे-चप्पे पर पुलिस लगा दी गई। चेकपोस्ट बनाये गये हैं। हाइवे से आने वालों को रोकने के लिए पुलिस ने हाइवे पर भी चेकपोस्ट लगाकर वाहनों की जांच की। 

यह है मामला
थाना प्रभारी राजेंद्र गोदारा ने बताया कि जिस विवादित स्थल के संबंध में हिंदु/मुस्लिम संप्रदाय के युवकों द्वारा मैसेज वायरल किये जा रहे हैं वह स्थल 30 गुना26 का एक भूखंड है, जिसमें एक गुंबदनुमा निर्माण है, जो मांडल मुख्य बाजार में स्थित है। यह स्थान बरसों से ही वीरान पड़ा था। 1977 में दोनों ही समुदायों द्वारा अपना हक जताया गया, लेकिन किसी भी पक्ष के इस स्थल के स्वामित्व व कब्जा संबंधी सबूत पेश नहीं किये जाने से इस स्थान को विवादित मानकर न्यायालय ने कुर्क कर रिसीवर नियुक्त किया गया। विवादित स्थल को लेकर कई मैसेज वायरल हो रहे हैं, जबकि इस स्थलपर मुस्लिम या हिंदु समाज द्वारा बंद नहीं करवाया गया है। दोनों ही पक्षों के सवामित्व संबंधी विवाद के कारण व मौके पर मंदिर या दरगाह की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से न्यायालय, एसडीएम भीलवाड़ा ने 1977 में विवादित मानकर उक्त स्थान को कुर्क कर थाना अधिकारी मांडल को रिसीवर नियुक्त किया गया था। यह स्थल थाना प्रभारी के कब्जे में हैं।  

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