निजी अस्पताल की महिलाकर्मी से ज्यादती की कोशिश व मारपीट के मामले में तीन आरोपितों को 5-5 साल की सजा

 


  भीलवाड़ा विजय गढ़वाल। एक निजी अस्पताल की महिलाकर्मी के साथ मारपीट और दुष्कर्म की कोशिश करने के मामले में शनिवार को तीन आरोपितों राजू जाट, धन्ना उर्फ कमलेश जाट व जमना लाल जाट को 5-5 साल की सजा और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। फैसला शनिवार को विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो (एक) बन्नालाल जाट ने सुनाया। 
विशिष्ट लोक अभियोजक हर्ष रांका ने हलचल को बताया कि निजी हॉस्पीटल में कार्यरत महिलाकर्मी ने 11 अक्टूबर 2011 को सदर थाने में एक रिपोर्ट दर्ज करवाई। महिला ने बताया कि आज उसकी निजी हॉस्पीटल में ड्यूटी थी। वह घर से रवाना होकर चौराहे पर टेंपो का इंतजार कर रही थी। शाम सात बजे एक व्यक्ति, जिसे वह नहीं जानती। उसने आकर वहां खड़े रहने का कारण पूछा। इस पर महिलाकर्मी ने उसे कहा कि आपको क्या मतलब है। उसकी मोटर साइकिल पर एक और था। उसने परिवादिया को खाई में गिरा दिया और जबरदस्ती करने लगा। चिल्लाने पर दो आदमी जो सड़क से गुजर रहे थे, उन्होंने सदर थाने में फोन किया । मौके पर आकर उसे बचाया और आरोपित को मौके पर ही पकड़ लिया। उसने खुद को राजू बताया। दूसरा मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया। अंधेरा होने से वह उसे पहचान नहीं सकी। आरोपित ने महिलाकर्मी के चेहरे व हाथ को भी काट खय। आंख पर भी चोट आई। 
पुलिस ने मारपीट व दुष्कर्म की कोशिश का मामला दर्ज कर जांच की। इसके बाद इस मामले में सुवाणा निवासी राजू पुत्र जगदीश जाट, धन्नालाल उर्फ कमलेश पुत्र रामेश्वर जाट निवासी सांगानेर व सुवाणा निवासी जमना लाल पुत्र सोहनलाल जाट को गिरफ्तार कर न्यायालय में चार्जशीट पेश की।  न्यायालय महिला उत्पीडऩ प्रकरण की यह फाइल पोक्सो न्यायालय में सुनवाई के लिए स्थानांतरित हुई थी। इस मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह और 30 दस्तावेज पेश कर आरोपितों पर लगे आरोप सिद्ध करवाये। सुनवाई पूरी होने पर आज इन तीनों आरोपितों को 5-5 साल की सजा और 3-3 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया।  

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