आधी रात को हिस्ट्रीशीटर सिकंदर ने फिर की फायरिंग, घर लौट रहे भूरिया को लगी गोली, दिन में पीडि़त के बेटे व पिता पर चलाई थी गोलियां



 भीलवाड़ा (प्रेमकुमार गढ़वाल)। शहर की कावांखेड़ा कच्ची बस्ती में आधी रात को एक बार फिर गोली चली। इस बार भी हिस्ट्रीशीटर सिकंदर उर्फ लॉटरी ने ही दो साथियों के साथ मिलकर घर लौट रहे अब्दुल हकीम उर्फ भूरिया पर फायरिंग की। गोली, भूरिया के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर मौके से भाग छूटे। घायल को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे उदयपुर रैफर कर दिया गया। वहीं  रात के सन्नाटे में चली गोली की आवाज ने कावांखेड़ा बस्ती के बाशिंदों की नींद उड़ा।  पुलिस के आला अधिकारियों के साथ ही कोतवाली पुलिस व अतिरिक्त पुलिस बल कावांखेड़ा पहुंचा और फरार हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। खबर लिखे जाने तक हमलावरों का पता नहीं चल पाया। पुलिस टीमें इलाके में ही डेरा डाले हुये थी।  
शहर कोतवाल डीपी दाधीच ने बताया कि कावांखेड़ा निवासी अयूब खां पुत्र कमास खां पठान का बेटा अब्दुल हकीम उर्फ भूरिया  45 शुक्रवार देर रात कावांखेड़ा स्थित पार्क वाली गली के रास्ते अपने घर जा रहा था। भवानी चक्की के नजदीक पहले से टोह लगाये बैठे सिकंदर उर्फ लॉटरी व उसके दो साथियों ने अब्दुल हकीम पर गोली चलाई। यह गोली अब्दुल हकीम के पेट में लगी, जिससे वह लहूलुहान हो गया। वहीं हमलावर मौके से फरार हो गये। घायल को उसके परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे उदयपुर रैफर कर दिया गया। उधर, सर्द रात के सन्नाटे में चली गोली की आवाज से क्षेत्रीय लोगों की नींद उड़ गई। उन्हें जब फायरिंग का पता चला तो दहशत फैल गई।  वारदात की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारियों के साथ ही कोतवाल दाधीच व अतिरिक्त पुलिस जाब्ता कावांखेड़ा पहुंचा। पुलिस की टीमें संभावित स्थानों पर दबिशें देकर हमलावरों को पकडऩे का प्रयास कर रही है। फिल्हाल उनका कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। कोतवाल दाधीच का कहना है कि गोली मारने वाला सिकंदर उर्फ लॉटरी व अब्दुल हकीम, जिसे गोली लगी, ये दोनों ही कोतवाली थाने के हिस्ट्रीशीटर है। 

दोपहर में भूरिया के बेटे व पिता पर की थी फायरिंग

शुक्रवार अब्दुल हकीम उर्फ भूरिया को गोली मारने से पहले दोपहर में भी सिकंदर उर्फ  लॉटरी ने भूरिया के घर फायरिंग की थी।पुलिस का कहना है कि सिकंदर व उसके दो अन्य साथियों ने पहले भूरिया के बेटे शेरखान के साथ मारपीट की। इसके बाद शेरखान व उसके दादा अयूब खां पर इन बदमाशों ने फायरिंग की। अयूब ने नीचे झुककर खुद को गोली लगने से बचाया, जबकि निशाना चूकने से शेरखान बच गया था। गोली, अयूब की परचूनी दुकान के काउंडर में जा लगी थी। इस वारदात के बाद हमलावर मौके से भाग छूटे थे। 
फायरिंग के बाद धमकी देकर गये थे बदमाश
अयूब खां ने फायरिंग को लेकर कोतवाली में दी रिपोर्ट में बताया कि सिकंदर व उसके साथियों ने दो फायर किये थे। गोली किसी को नहीं लगी।  इसके बाद तीनों आरोपी यह कहते हुए कि आज तो बच गया, देखता हूं कब तक बचेगा, बुलेट लेकर भाग गए। पुलिस ने अयूब खां की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया है।  

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