Wednesday, January 27, 2021

बाघिन टी-118 ने दो शावकों को दिया जन्म

जयपुर।: राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ने की खुशखबरी हाई है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व के कैलादेवी रेंज के तहत नाका राहर इलाके में बाघिन टी-118 ने दो शावकों को जन्म दिया है। यह बाघिन 23 और 26 जनवरी को दो शावकों के साथ नजर आई। बाघिन और शावकों की फोटो कैमरे की ट्रैप में आई है। वन विभाग द्वारा वन्यजीवों पर निगरानी के लिए लगाए गए कैमरों में ये फोटो नजर आई है। बाघिन टी-118 द्वारा दो शावकों को जन्म देने की सूचना वनकर्मियों ने दी है। मुख्य वन संरक्षक टीसी वर्मा ने बताया कि करीब साढ़े तीन साल में टी-118 द्वारा पहली बार दो शावकों को जन्म दिया गया है।

बाघिन टी-118 टी-92 की बेटी है। बाघिन टी-118 का जन्म भी कैवलादेवी रेंज में ही हुआ था। दो शावकों के पैदा होने के बाद रणथंभौर टाइगर रिजर्व में वनकर्मियों द्वारा सधन गश्त की जा रही है। इसके साथ ही यहां कैमरा ट्रैप लगाकर मॉनिटरिंग भी विभाग की ओर से की जा रही है। उल्लेखनीय है कि बाघिन टी-118 और बाघ टी-80 के रिजर्व के नाका राहर, नाका कसेड़ा व नाका श्यामपुर में विचरण करते हुए कई बार कैमरा ट्रैप में फोटे मिले थे।गौरतलब है कि सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघिन एसटी-14 दो शावकों के साथ वन विभाग की ओर से लगाए गए कैमरों में कैद हुई है। दिसंबर, 2020 दो नए शावक आने के बाद सरिस्का रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर 22 हो गया है। इससे पहले एसटी-14 ने एसटी-17 व एसटी-18 को जन्म दिया था। बाघिन एसटी-14 करीब 6 साल पहले सरिस्का रिजर्व में ही पैदा हुई थी। इसकी मां का नाम एसटी-2 था। एसटी-2 ने बाघ एसटी-13 को भी जन्म दिया था। साल, 2004 से पहले सरिस्का रिवर्ज बाघ विहिन हो गया था। शिकारियों की नजर इस रिजर्व पर काफी थी। यहां कभी बाघों का शिकार हुआ तो कभी बीमारी से मौत हुई। इसके बाद सरकार ने इस रिजर्व को फिर से आबाद करने की योजना बनाई।

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