दिगंबर जैन समाज के पर्युषण 23 अगस्त से शुरू होंगे

 

भीलवाड़ा (हलचल) दिगंबर जैन समाज के पर्युषण 23 अगस्त से शुरू होंगे। इस बार कोरोना के चलते धार्मिक कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं ऑनलाइन होंगी। पर्यूषण के दौरान मंदिरों में विशेष पूजन भी होगा। इन दिनों श्रावक-श्राविकाएं सामायिक के साथ ही स्वाध्याय, अंतगढ़, कल्पसूत्र का वाचन करते हैं। प्रतिदिन शाम को आत्मा के कल्याण के लिए प्रतिक्रमण क्रिया भी होगी।
मूर्तिपूजक संघ के ट्रस्टी अनिल गुगलिया ने बताया कि शहर में समाज के करीब 9 मंदिरों में रोज सनात्र पूजा के साथ भगवान की आंगी सजाई जाएगी। आरती के साथ ही मंगल दीपक होगा। जैन श्वेतांबर दादावाड़ी में चल रहे साध्वी गुणरंजना श्री के चातुर्मास में सोशल डिस्टेंस रखते हुए कुछ लोगों की धर्म चर्चा भी होगी। इसके अलावा तप, त्याग, व्रत, उपवास व ऑनलाइन धार्मिक प्रतियोगिताएं भी कराई जाएगी। इसी तरह दिगंबर जैन समाज के पर्युषण पर्व में शहर के 17 मंदिरों में सुबह 5 बजे से पूजा-पाठ, पर्युषण पवर्: जैन श्वेतांबर समाज के 15 व दिगंबर के 23 अगस्त से अभिषेक, शांतिधारा एवं दसलक्षण पर्व विधान होंगे। दिगंबर जैन समाज कल्पद्रुम मन्दिर के प्रवक्ता पवन अजमेरा ने बताया कि कोरोना को देखते हुए सभी मंदिरों ने अलग-अलग व्यवस्था की हैं। एक साथ नहीं आने के प्रशासनिक आदेश के चलते कई मंदिरों ने भक्तों को अलग-अलग समय पर बुलाया है, ताकि सोशल डिस्टेंस हो सके। इसके अलावा दिगंबर संत ऑनलाइन कार्यक्रम भी शुरू करेंगे। संत अपने अपने स्थान पर जहां चातुर्मास कर रहे हैं वहां सुबह से पूजा पाठ
करेंगे। उसको ऑनलाइन देख कर समाजजन भी अपने घरों में पूजा करेंगे। दिन में ऑनलाइन स्वाध्याय की कक्षाएं होगी तथा शाम को ऑनलाइन प्रवचन होगा।



टिप्पणियाँ

समाज की हलचल

डांग के हनुमान मंदि‍र के सरजूदास दुष्‍कर्म के आरोप में गि‍रफ्तार, खाये संदि‍ग्‍ध बीज, आईसीयू में भर्ती

एलन कोचिंग की एक और छात्रा ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

शीतलाष्टमी की पूजा आज देर रात से, रंगोत्सव (festival of colors) कल लेकिन फैली है यह अफवाह ...!

21 जोड़े बने हमसफर, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा

ब्याजखोरों की धमकियों से परेशान ग्रामीण ने खाया जहर, ससुाइड नोट में 5 लोगों पर लगाया परेशान करने का आरोप

मुंडन संस्कार से पहले आई मौत- बेकाबू बोलेरो की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत, पत्नी घायल, भादू में शोक

छोटे भाई की पत्नी ने जान दी तो बड़े भाई से पंचों ने की 3 लाख रुपये मौताणे की मांग, परिवार को समाज से किया बहिष्कृत