सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव: पीतलिया के मन में अभी भी टीस, समर्थक प्रभावित करेंगे परिणाम


भीलवाड़ा (हलचल)। सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा है। कांग्रेस, भाजपा व आरएलपी सहित निर्दलीय प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। कुल आठ उम्मीदवार मैदान में है। भीलवाड़ा जिले की सहाडा विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर इस क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ रही है। कांग्रेस में राज्य सरकार के मंत्री और नेताओं के मुकाबले भाजपा संगठन ने भी अपनी पूरी ताकत लगा दी है। लेकिन इस बार चुनाव में कौन उम्मीदवार जीतेगा उसका भाग्य भाजपा से बागी हुए और चुनाव मैदान को अलविदा कहने वाले लादूलाल पीतलिया के समर्थक तय करेंगे। यह तय है कि उनके समर्थकों ने जिसका हाथ पकड़ा, उसके सिर जीत का ताज होगा।
परिसीमन के बाद सहाड़ा पंचायत समिति की 28, रायपुर की 22 और सुवाणा की 15 कुल 65 ग्राम पंचायतों से बने सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र से 2018 के चुनाव में कांग्रेस से कैलाश त्रिवेदी तीसरी बार चुनाव जीते थे। इससे पहले त्रिवेदी 2003 और 2008 में चुनाव जीते वहीं 2013 के चुनाव में उन्हें भाजपा के बद्रीलाल जाट ने हराया था।
सहाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस से गायत्री देवी, भाजपा से रतनलाल जाट और आरएलपी से बद्रीलाल जाट चुनावी मैदान में हैं। इनके अलावा पांच और प्रत्याशी निर्दलीय व अन्य पार्टी के बैनर तले भाग्य आजमा रहे हैं। यानि कुल 8 प्रत्याशी मैदान में हैं।
जातिगत आंकड़ों पर एक नजर
एससी- 44000, एसटी- 16000, जाट- 37000, ब्राह्मण- 28000, गाडरी- 23000, गुर्जर- 13000, राजपूत- 10000, मुसलमान- 8000 व ओबीसी- 40000
सरकार के विकास के मुद्दे को भुनाने का प्रयास कर रही कांग्रेस
सहाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस अपनी सरकार के विकास के मुद्दे को लेकर चुनावी मैदान में है। चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा व बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ चुनावी कमान संभाले हुए है।
किसानों की ऋण माफी व बेरोजगारी भत्ता सहित अन्य को बनाया भाजपा ने दावेदारी का आधार
भाजपा कांग्रेस सरकार की असफलता, बेरोजगारी भत्ता व किसानों की ऋण माफी जैसे मुद्दों के साथ दावेदारी कर रही है। प्रदेश भाजपा के श्रवण सिंह बगड़ी व विधायक मदन दिलावर के साथ चुनावी मैदान तैयार करने में लगी है। प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र सिंह राठौड़, सांसद सीपी जोशी और भाजपा के संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर दौरा कर चुके हैं।
हनुमान बेनीवाल भी सक्रिय
आरएलपी प्रत्याशी के समर्थन में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल लगातार जनसभाएं कर रहे हैं और उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को खुली चुनौती भी दी है। वैसे माना जा रहा है कि आरएलपी प्रत्याशी को जितने वोट मिलेंगे, उसका अधिकांश नुकसान भाजपा को होगा।
पीतलिया के समर्थक करेंगे परिणाम को प्रभावित
भाजपा से बागी होकर नामांकन करने वाले लादूलाल पीतलिया प्रताडऩा के बाद चुनाव मैदान से तो हट गए लेकिन चुनाव परिणाम को उनके समर्थक प्रभावित करेंगे। उनके समर्थक जिसे समर्थन देंगे, उसका जीतना तय है। हालांकि पीतलिया के भाजपा के पक्ष में प्रचार करने की घोषणा करने के बाद पीतलिया को बाहर से आना बताकर क्वारंटाइन कर दिया गया लेकिन कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी पीतलिया प्रचार के लिए नहीं निकल रहे हैं। इससे यह तो तय है कि अभी पीतलिया के मन में टीस कहीं न कहीं बाकी है और यह चुनाव परिणाम को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने वाली है।

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