Thursday, April 15, 2021

कोरोना का खौफ: भीलवाड़ा से भी प्रवासी मजदूर करने लगे घरों की ओर रुख

 



भीलवाड़ा (हलचल)। कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लोगों में लॉकडाउन का खौफ देखा जा रहा है। इसीके चलते भीलवाड़ा में रह रहे प्रवासी मजदूर घरों की ओर रुख करने लगे हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के सामने दो वक्त की रोटी का भी संकट पैदा हो गया था। बाद में प्रदर्शन करने के बाद सरकार की ओर से उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की गई थी।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच बढ़ रहीं सख्तियों को देखते हुए लोगों को आशंका है कि फिर लॉकडाउन लग सकता है। प्रवासी मजदूरों का कहना है कि पिछले साल तो फिर भी उनके पास बचत किए हुए पैसे थे जिससे उन्होंने कुछ समय तो निकाल लिया लेकिन जब पैसे खत्म हो गए तो बच्चों के दूध सहित दो वक्त की रोटी का भी टोटा हो गया था। उन दिनों को याद करके उनके बदन में सिहरन दौड़ जाती है। पैदल लौटते प्रवासी, भूख से बिलखते बच्चे, ट्रेन में जाने के लिए सारी रात लाइन में खड़े रहना... वे नहीं भूले हैं।
इस बार रिस्क नहीं लेना चाहते...
बिहार के मोहनलाल ने बताया कि पिछली बार तो जैसे-तैसे घर पहुंच गए थे लेकिन इस बार तो बचत भी नहीं है कि लॉकडाउन की स्थिति में गुजर-बसर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भगवान भी पता नहीं क्या चाहता है, आखिर यह कोरोना जाता क्यों नहीं। मोहनलाल ने कहा कि लॉकडाउन के बाद गांव से लौटते वक्त घर वालों ने समझाया था कि गांव में ही रह ले, कम मिले तो भी गुजारा कर लेंगे, लेकिन फैक्ट्री मालिकों के बुलाने व ज्यादा पैसे मिलने की आस में लौट आए। पता नहीं था कि कोरोना फिर फैलने लगेगा, नहीं तो आते ही नहीं। दो-चार दिन देख लेते हैं, हालात नहीं सुधरे तो परिवार को लेकर गांव लौट जाएंगे और वापस नहीं आएंगे। वहीं कई लोग यहां से जा चुके हैं और कुछ जा रहे हैं तो कुछ जाने की तैयारी कर रहे हैं।
 
 

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