सर्वर डाउन होने से पंजीयन को लेकर भटक रहे लोगभाग

  राजसमन्द (राव दिलीप सिंह ) कोरोना प्रभावित मजदूरों के लिए सरकार द्वारा अपनाई गई ऑनलाइन प्रक्रिया में  ई- मित्र केंद्रों पर 3 दिन से चल रहे सर्वर डाउन में लोग भाग भटकते रहे हैं । ई मित्र केंद्र पर ज्यादा रुपये लेने कि शिकायत करते हुए दिनेश प्रजापत ने बताया कि ई मित्र पर मजदुर पंजियन कराने पर  मर्जिनुसार सो सो  रूपये ई मित्र द्वारा लिये जा रहे हैं । वहीं  दो दिन पुर्व  जिला कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कोरोना से प्रभावित मजदूरों के लिए बड़ी राहत भरा कदम उठाया गया है जिसके तहत प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को 5-5 किलो गेंहूँ दो माह के लिए निःशुल्क दिए जाएंगे। 


     जिला कलक्टर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित परिवारों को छोड़कर ऐसे व्यक्तियों जिनके द्वारा दैनिक रूप से अपनी आजीविका कमाने के लिए कार्य यथा हेयर सैलून वर्कर, कपड़े धुलाई एवं प्रेस करने वाले वर्कर, फूटवेयर मरम्मत/पाॅलिश करने वाले वर्कर, घरों मे साफ-सफाई व खाना बनाने वाले कार्मिक, ऐसे व्यक्ति जो चैराहों पर सामान बेचते हंै तथा अपना भोजन किसी स्थान पर पकाकर खाते हंै, रिक्शा/आॅटो चलाने वाले चालक, पान दुकान के वर्कर, रेस्टोरन्ट, होटल में वेटर, रसोईया वर्कर, रद्दी बिनने वाले वर्कर, भवन निर्माण कार्याे में नियोजित निर्माण श्रमिक, कोरोना के कारण बंद हुए उद्योगों में लगे हुए श्रमिक, प्राईवेट पब्लिक ट्रांसपोर्ट में कार्यरत ड्राईवर, कन्डक्टर, ठेला, रेहड़ी वाले, स्ट्रीट वेण्डर, धार्मिक संस्थाओं में पूजा/इबादत, कर्मकाण्ड एवं धार्मिक कार्य कराने वाले व्यक्ति, मैरिज पैलेस/केटरिंग में कार्य करने वाले वर्कर, सिनेमा हाॅल में काम करने वाले कार्मिक, कोचिंग संस्थाओं के सफाई/सहायक कार्य करने वाले कार्मिक/घोड़ी वाले/बैंण्ड बाजा वाले, नगीनों/आभूषण/चुड़ियों के काम में लगे श्रमिक, फर्नीचर के काम में लगे वर्कर, बुक बाईण्डर/प्रिन्टिंग प्रेस कार्य में लगे वर्कर, सभी प्रकार की रंगाई/पुताई (ड्राईंग/कलरिंग आदि) के काम में लगे वर्कर, पर्यटन गाईड का काम करने वाले वर्कर, कठपुतली का खेल दिखाने वाले एवं बनाने वाले वर्करर्, इंट-भट्टो में लगे वर्कर, फूल-मालाओं का काम करने वाले वर्कर, टायर पंचर बनाने वाले वर्कर, पत्तल-दोनें बनाने के काम में लगे वर्कर, घुमन्तु/अर्द्धघुमन्तु व्यक्ति, गाड़िया-लुहार, झुले वाले, खेल तमाशा दिखाने वाले/जादू करतब दिखाने वाले, लोक कलाकार-कालबेलिया, मांगणियार, कुली/हमाल, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले एवं प्रवासी व्यक्तियों जो जिले में, जिले के बाहर अथवा अन्य राज्य में आजीविका कमाने के लिए गये हुए थे किन्तु कोरोना वायरस में लाॅकडाउन के चलते उनका रोजगार छीन गया है। ऐसे परिवारों को राज्य सरकार द्वारा माह मई एवं जून, 2020  के लिए 5 किलो गेहूं प्रति व्यक्ति प्रति परिवार प्रतिमाह उपलब्ध करवाया जायेगा, जो केवल दो माह के लिये होगा।


     जिला कलक्टर ने अपील की है कि उक्त श्रेणी के अन्तर्गत आने वाले व्यक्ति अधिक से अधिक इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी ई-मित्र पर आधार एवं भामाशाह कार्ड के साथ उपस्थित होवें ताकि पंजीयन होने पर लाभान्वित किया जा सके। पंजीयन नहीं होने की स्थिति में लाभ लेना संभव नहीं होगा। आॅनलाईन रजिस्ट्रेशन पोर्टल 31 मई तक ही क्रियान्वित रहेगा। इस हेतु जिले के समस्त उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी, तहसीलदार, नगरीय निकाय के अधिकारी, उचित मूल्य दुकानदार, प्रधानाध्यापक, ग्राम पंचायत, बीएलओ एवं समस्त जनप्रतिनिधि शहरी ग्रामीण क्षेत्र अपने-अपने क्षेत्र के ऐसे परिावारों को लाभान्वित करने हेतु अपने स्तर से भी नजदीकी ई-मित्र पर आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने हेतु प्रेरित करेंगे।


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