आबो-हवा में जहर घोल रही कपड़ा इकाइयां

 


भीलवाड़ा/ पाली। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की सख्ती के बावजूद शहर की औद्योगिक इकाइयां आबो-हवा दूषित कर रही है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल की जांच में खुलासा हुआ है कि औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों की सफाई नियमित रूप से नहीं हो रही है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि चिमनियों पर जाने के लिए सीढिय़ां तक नहीं है। अब ऐसी इकाइयों पर गाज गिर सकती है। भीलवाड़ा के हालात भी कुछ इसी तरह बताए जा रहे हैं!

प्रदूषण नियंत्रण मंडल जयपुर के निर्देश पर किशनगढ़ और चित्तौडगढ़़ की दो टीमें कपड़ा इकाइयों का निरीक्षण कर रही है। सोमवार और मंगलवार को शहर की करीब एक दर्जन कपड़ा इकाइयों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 8 इकाइयों की चिमनियों में खामियां पाई गईं। चिमनी की जांच के लिए सीढिय़ां जरूरी है। बिना सीढ़ी चिमनी की जांच करना संभव नहीं है। मंडल ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए सभी इकाइयों को नोटिस जारी करने का निर्णय किया है। मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी आर के बोड़ा ने बताया कि सभी इकाइयों को नोटिस जारी किया जाएगा।

कपड़ा उद्योग में खलबली
प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से शहर की 14 कपड़ा इकाइयों पर 10-10 लाख रुपए की पैनल्टी लगाने से कपड़ा उद्योग में खलबली मची हुई है। इसके अलावा मंडल की टीमों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है।

 

भीलवाड़ा में भी हालात ऐसे ही जानकार सूत्रों की माने तो पाली की तरह ही भीलवाड़ा में भी कपड़ा इकाइयों की हालत हालत है यहां इंजीनियर की सफाई नियमित रूप से नहीं होती है वही आए दिन काला पानी नालों और नदियों में छोड़ा जाता है सड़क से गुजरने पर जबरदस्त बुजुर्गों का सामना करना पड़ता है और जी मिचलाने लगता है प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी इस मामले में उदासीनता बरते हुए है ।

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