राहुल गांधी बोले- ‘भारत जोड़ो यात्रा’ अन्याय के खिलाफ, नहीं करेंगे राजा के ये ‘दो हिंदुस्तान’ स्वीकार

 


कांग्रेस  की ‘भारत जोड़ो यात्रा के 419 किलोमीटर का सफर तय करने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी  ने कहा कि यह पदयात्रा अमीर उद्योगपतियों द्वारा लिए अरबों रुपये के कर्ज को माफ करने जबकि किसानों या छोटे व्यापारियों को कर्ज न चुकाने पर सजा देने जैसे अन्याय के खिलाफ है. यहां कोप्पम में 19वें दिन की यात्रा खत्म होने पर गांधी ने कहा कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार कुछ अमीर कारोबारियों के कर्ज माफ करके उन्हें लाभ पहुंचा रही है जबकि किसानों, छोटे व्यापारियों और अन्य कारोबारियों के साथ ऐसा नहीं किया जा रहा है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आज बड़े उद्योगपतियों का अरबों का कर्ज माफ किया जा रहा है. लेकिन अगर एक किसान या छोटा व्यापारी, छोटा-सा भी कर्ज न लौटा पाए तो उसे ‘डिफॉल्टर’ बता कर जेल में डाल देते हैं. भारत जोड़ो यात्रा, हर अन्याय के खिलाफ है. राजा के ये ‘दो हिंदुस्तान’ भारत स्वीकार नहीं करेगा.’’ कोप्पम में राहुल गांधी को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी. वायनाड से  सांसद गांधी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि एलपीजी सिलेंडर खरीदते हुए या अपनी गाड़ियों में पेट्रोल भरवाते वक्त लोगों को यह सवाल करना चाहिए कि उन पर लगाया जा रहा अतिरिक्त शुल्क कहां जा रहा है.

 उन्होंने कहा, ‘‘पैसा गायब नहीं होता है. यह देश में पांच या छह अमीर उद्योगपतियों की जेबों में जा रहा है. हम इस अन्याय को स्वीकार नहीं करेंगे.’’ इससे पहले, सुबह के दौरान गांधी से मिलने के लिए यात्रा के मार्ग में सड़क के दोनों ओर सैकड़ों लोग खड़े रहे. युवतियों के एक समूह ने कांग्रेस नेता को फ्रेम की हुई उनकी एक तस्वीर भेंट की.

पार्टी ने एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें युवतियां गांधी का चित्र थामे दिख रही हैं. कांग्रेस ने कहा, ‘‘पदयात्रा की इससे बेहतर शुरुआत नहीं हो सकती थी. राहुल गांधी जी और सभी पदयात्रियों को शुभकामनाएं देने के लिए बड़ी संख्या में युवा बाहर आ रहे हैं. उनका उज्ज्वल भविष्य हमारी जिम्मेदारी है. अपना लक्ष्य हासिल करने की ओर आगे बढ़ते हुए.’’

कांग्रेस की 3,570 किलोमीटर लंबी और 150 दिनों तक चलने वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई थी. यह यात्रा जम्मू-कश्मीर में संपन्न होगी. ‘भारत जोड़ो यात्रा’ 10 सितंबर की शाम को केरल पहुंची थी. एक अक्टूबर को कर्नाटक पहुंचने से पहले यह 19 दिनों में केरल के सात जिलों से गुजरते हुए 450 किलोमीटर की दूरी तय करेगी.

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