महाराष्ट्र से 2400 प्रवासी राजस्थानियों को लेकर दो रेलगाड़ियां जयपुर पहुंचीं

  लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में फंसे करीब 2400 प्रवासी राजस्थानियों को लेकर दो रेलगाड़ियां मंगलवार को जयपुर रेलवे जंक्शन पहुंचीं।जिला प्रशासन ने यात्रियों के यहां पहुंचने पर सभी यात्रियों की समुचित जांच, भोजन उपलब्ध कराकर उन्हें राजस्थान रोडवेज की बसों से गंतव्य स्थान के लिये रवाना किया।जिला कलेक्टर जोगाराम ने बताया कि महाराष्ट्र से करीब 2400 यात्रियों के पहुंचने की पूर्व सूचना के आधार पर जिला प्रशासन ने रेलवे अधिकारियों से समन्वय कर यात्रियों को सामाजिक दूरी बनाने और सभी चिकित्सा नियमों का पालन करते हुए इनके गंतव्य के लिए रेलवे स्टेशन से ही बसों में बैठाने की व्यवस्था कर रखी थी।उन्होंने बताया कि जयपुर स्टेशन के प्लेटफार्म पर यात्रियों के उतरने के बाद सामाजिक दूरी बनाने के लिए चार लाइनें बनाई गईं। उतरते ही उनकी छह मेडिकल टीमों द्वारा स्क्रीनिंग की गई और उन्हें खाने के पैकेट प्रदान किए गए। सभी यात्री समुचित स्क्रीनिंग के बाद बसों में अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।जोगाराम ने बताया कि सुबह पहुंची पहली ट्रेन में 1207 यात्री थे। जो अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बाडमेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, चूरू, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमन्द, सीकर, सिरोही, उदयपुर जिलों के थे। इनमें जयपुर के 13 यात्री भी शामिल थे।इसी प्रकार दोपहर को पहुंची दूसरी ट्रेन में 1194 यात्री थे। जो बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, चूरू, धौलपुर, डूंगरपुर, हनुमानगढ, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झुंझुनू, जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, रासमन्द, सीकर, सिरोही, उदयपुर के रहने वाले थे। इस ट्रेन में जयपुर के 278 यात्री सवार थे।जिला कलेक्टर ने बताया कि दोनों रेलगाड़ियों में पहुंचें जयपुर जिले के 291 लोगों को आवश्यकतानुसार पृथक किए जाने के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारियों तथा अन्य अधिकारियों को निर्देश दिये गये है। अन्य जिलों के यात्रियों के बारे में भी सम्बन्धित जिलों के कलेक्टरों को जानकारी दे दी गई है।लॉकडाउन के कारण लम्बे समय तक फंसे रहने के बाद अपने घर लौटने की खुशी यात्रियों की आंखों में नजर आ रही थी। कई यात्रियों ने इस खुशी को तालिया बजाकर जाहिर किया। यात्रियों में छोटे बच्चों से लेकर कई बुजुर्ग भी शामिल थे।


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