निम्बाहेड़ा में एक ही दिन में 40 नये संक्रमित, पार्षद, आठ माह का बच्चा और दो साल की बालिका भी शामिल

 भीलवाड़ा हलचल। पिछले सप्ताह तक कोरोना संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित चित्तौडग़ढ़ जिले का निम्बाहेड़ा कस्बा कोरोना हब बनता जा रहा है। रविवार को एक ही दिन में यहां 40 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं, जिनमें आठ माह का एक बच्चा, दो साल की बालिका और एक पार्षद भी शामिल हैं। इस तरह निम्बाहेड़ा में कोरोना संक्रमितों की संख्या 68 हो चुकी है। जबकि 41 संदिग्धों की रिपोर्ट मिलना बाकी है। इस तरह चित्तौडग़ढ़ जिला संभाग में कोरोना का सबसे बड़ा गढ़ बन चुका है। इसके बाद बांसवाड़ा तथा उदयपुर जिले शामिल हैं, जहां क्रमश: 62 तथा 14 संक्रमित मिले हैं। निम्बाहेड़ा में पिछले सप्ताह से कफ्र्यू लगा हुआ है, लेकिन एक साथ चालीस से अधिक कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद वहां महाकफ्र्यू  लगाए जाने की तैयारी में प्रशासन जुटा हुआ है।


उदयपुर के रविन्द्रनाथ मेडिकल कॉलेज की लैब से रविवार रात मिली जानकारी के अनुसार चित्तौडग़ढ़ जिले के निम्बाहेड़ा में रविवार सुबह तीन नए रोगियों का पता चला जो कस्बे के नया बाजार इलाके के हैं। जबकि शाम छह बजे तेरह तथा रात को मिली रिपोर्ट में 24 और पॉजीटिव पाए गए। इस तरह यहां एक ही दिन में चालीस कोरोना संक्रमित रोगी पाए गए। जिनमें से एक आठ माह का एक बालक है। इस तरह अभी तक निम्बाहेड़ा से कोरोना पॉजीटिव लोगों की संख्या 68 पहुंच चुकी है। ये सभी कस्बे की लखारा गली तथा उसके आसपास के क्षेत्र के हैं। यहां से मिला पहला कोरोना पॉजिटिव सर्राफा व्यापारी की मौत तीन दिन पहले उदयपुर के एमबी अस्पताल में हो चुकी है। जबकि उसकी पत्नी और बेटी भी आईसीयू में भर्ती हैं।


निम्बाहेड़ा के सभी कोरोना संक्रमितों का उपचार उदयपुर के एमबी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में किया जा रहा है। यहां से पता चला है कि अभी निम्बाहेड़ा के 41 अन्य लोगों की कोरोना जांच की रिपोर्ट मिलना बाकी है। हालांकि संदिग्धों का उपचार यहां किया जा रहा है, जबकि साठ लोगों को यहां क्वारेनटाइन किया गया है। चित्तौडग़ढ़ जिला सात दिन पहले तक पूरी तरह सुरक्षित था, जहां एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला। पहला कोरोना संक्रमित निम्बाहेड़ा में मिला जो दो बार कारोबार को लेकर इंदौर जाकर आया था। जबकि प्रशासन ने उसके इंदौर जाने की प्रार्थना पत्र खारिज कर दी थी। इसके बावजूद वह वहां गया तथा यह बात छिपाए रखी। जिसके चलते वह खुद कोरोना संक्रमित हुआ और बाकी लोग भी उसके संपर्क में आने से कोरोना संक्रमित हुए।


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