रोल मॉडल बनाने और अब कोरोना से 100 प्रतिशत मुक्ति में भीलवाड़ा के लोगों की  अहम भूमिका: कलेक्टर

 भीलवाड़ा (हलचल)। भीलवाड़ा को कोरोना के संक्रमण से बचाने व रोल मॉडल बनाने में यहां के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहां के लोगों ने पुलिस प्रशासन का सहयोग करते हुए अपनी योद्धा वाली भूमिका निभाई है। अब यह भी यहां के लोगों पर ही निर्भर करता है कि वे भीलवाड़ा को कोरोना से पूरी तरह मुक्त कर ग्रीन जोन में लाएं। 
यह बात जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने आज भीलवाड़ा हलचल से बातचीत के दौरान कही। जिला कलेक्टर भट्ट ने कहा कि कफ्र्यू में छूट दी गई है। इस छूट को और बढ़ाना और भीलवाड़ा को ग्रीन जोन में लाने का काम भी यहां के लोगों को ही करना है। उन्होंने कोरोना से बचाव के उपाय बताते हुये कहा कि घर पर सामान देने आने वाले लोग या दुकानों से सामान लाते समय मास्क लगाए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। नंगे हाथों से सामान नहीं लें। ग्लव्स पहनें और प्लास्टिक या किसी बरतन में सामान लें। सामान को सीधा घर में न ले जाएं। उसे बाहर ही गरम पानी से धोएं ताकि कोरोना के संक्रमण का खतरा नहीं रहे।
 सब्जी या दूध की थैली को गरम पानी से धोने के बाद अंदर ले जाएं। अगर आप बाजार से सामान लेकर आ रहे हैं तो नहाएं। नहा नहीं सकें तो हाथों को जरूर साबुन या सैनेटाइजर से साफ  करें। 
कुछ के हुये टेस्ट, शेष सप्लायर्स के भी होंगे
कलेक्टर भट्ट ने कहा कि होम डिलीवरी करने वालों के भी कोरोना टेस्ट करवाए जा रहे हैं, कुछ लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और बचे लोगों के भी टेस्ट करवाए जाएंगे। 


नहीं रहे सावधान तो फिर आ सकता है रेड जोन में भीलवाड़ा
जिला कलेक्टर ने कहा कि भीलवाड़ा में 43 दिन घरों में रहने से अब कम्युनिटी इंफेक्शन का खतरा नहीं है लेकिन हमें यह नहीं समझना है कि हम पूरी तरह सुरक्षित हो चुके हैं। अब बाहर से आने वाले लोगों से संक्रमण फैल सकता है। ऐसे में बाहर से आने वाले श्रमिकों को होम क्वारंटाइन किया जा रहा है। कोरोना के लक्षण पाए जाने वाले लोगों को सरकारी क्वारंटाइन में भर्ती किया जा रहा है। बाहर से आने वाले श्रमिकों और होम डिलीवरी या सर्विस प्रोवाइडर से सामान लेने पर कोरोना फिर से आ सकता है और रेड जोन से ओरेंज जोन में आया भीलवाड़ा फिर से रेड जोन में आ सकता है। इसके लिए पूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। बाहर से आने वाले श्रमिकों पर नजर रखें और उनकी सूचना पुलिस प्रशासन को दें।


बिना जरुरी काम नहीं निकलें घर से, निकले तो बरते सावधानी
कलेक्टर भट्ट ने कहा कि कफ्र्यू में छूट मिल रही है तो जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। इसका मतलब यह नहीं है कि आप सोचें कि हम 43 दिन घरों में रहे हैं तो कहीं घूम आते हैं, ऐसा नहीं करें। घर का सामान लाने या अन्य आवश्यक कार्य होने पर ही निकलें और उस दौरान भी मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें। इसके अलावा दुपहिया वाहन पर केवल एक व्यक्ति और चौपहिया वाहन में चालक के अलावा दो ही व्यक्ति बैठ पाएंगे। इसका उल्लंघन करने पर वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा। किसी अन्य व्यक्ति से ज्यादा बात नहीं करें।


कलेक्टर ने चेताया, अगर कोई थूकता है तो रोकें
कलेक्टर भट्ट ने आगाह किया कि अगर आपके सामने कोई थूकता है तो उसे ऐसा करने से रोकें और बताए कि वह भय का वातावरण पैदा कर रहा है क्योंकि थूक से कोरोना का संक्रमण फैल सकता है। 


हॉस्पिटल के नाम पर न करें बाहनेबाजी
जिला कलेक्टर ने कहा कि कोई व्यक्ति हॉस्पिटल जाने के नाम पर फर्जी पर्ची लेकर न निकलें। उन्होंने कहा कि बुखार आने पर कड़वी दवा पीनी पड़ती है और मास्क नहीं लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करने पर हमें भी सख्ती बरतनी पड़ेगी। बिना काम बाहर निकलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
करें गाइडलाइन का पालन
जिला कलेक्टर ने कहा कि अभी कोरोना से युद्ध जारी है और अभी हर भीलवाड़ावासी को एक योद्धा की भूमिका निभानी है, जो अब तक निभाते आए हैं। भीलवाड़ा देश और विदेश में एक रोल मॉडल बनकर सामने आया है और यह यहां के लोगों के सहयोग से ही संभव हुआ है। युद्ध में साथ नहीं देने वाले को क्या कहा जाता है, यह आप सब जानते हैं इसलिए प्रशासन की गाइडलाइन की पालना करें। बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से निकलें। मास्क लगाएं व सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें। बाहर से आते ही कपड़े धोने डालें। सैनेटाइजर का प्रयोग करें। हाथों को साबुन से धोएं। जितना हम सावधान रहेंगे उतना ही सुरक्षित रहेंगे। हमें कोशिश करनी है कि अभी कफ्र्यू में सात घंटे जो छूट मिली है, वह बढ़े और भीलवाड़ा ग्रीन जोन में आए और कोरोना से 100 प्रतिशत मुक्त हो जाए। यह तभी संभव हो पाएगा जब हर भीलवाड़ावासी प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करेगा। 


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