साप-सीढी के खेल में बेटियों ने कुरीतियों से लड़ने की ली शपथ

 


धौेड जहाजपुर। बच्चों को स्कूलों से जोडने, बाल हिंसा, बाल विवाह, बालश्रम, बाल तस्करी के विरूद्व वातावरण निर्माण करने एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए घर-घर दस्तक देकर जहाजपुर पंचायत समिति में पिछले 17 दिनों से बाल अधिकारिता विभाग, यूनिसेफ एवं पीसीसीआरसीएस के संयुक्त तत्वावधान में चलाये जा रहे बाल संरक्षण संकल्प यात्रा का समापन महाराणा राउमा विद्यालय जहाजपुर के प्रांगण में भव्य मेले के आयोजन केे साथ होगा, जिसके लिए सभी तैयारी जोर से सोर की गई। मेले में बच्चों के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित करने हेतु विभिन्न विद्यालयों में बच्चों से प्रतियोगिताओं की तैयारी कराई गई। 
यात्रा दल ग्राम पंचायत धौड पहुंचा जहां सरपंच शि‍वराज मीणा एवं पंचायत सदस्यों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया तथा बैठक कर ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण कमेटी का गठन सदस्यों का क्षमतावर्धन किया गया तथा साथ 7 संकल्पों की शपथ दिलाई गई। धौड की 40 वर्षीय सुगना के पति का दो साल पूर्व मौत हो गई विधाव पेंषन से अपने पांच बच्चों फोरन्ती 13 वर्ष सातवीं, गुडडी 11 वर्ष चौथी, रामधडी 7 वर्ष दुसरी, रोहन 6 वर्ष पहली एवं मुकेष 4 वर्ष आंगनवाडी में जाता है की परवरि‍श कर रही है। बाल मित्रों द्वारा बच्चों के पालनहार योजना के आवेदन आनलाईन कराने की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई। राउमा वि़द्यालय धोड में बच्चों के साथ बाल षिविर का आयोजन कर बच्चों के अधिकारों के संरक्षण पर विस्तृत जानकारी दी गई घर घर दस्तक के दौरान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के पात्र एक दर्जन योजनाओं के आवेदन आनलाईन कराने की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई। यात्रा में यूनिसेफ द्वारा रोचक मनोवैज्ञानिक तकनीक से तैयार किया गया षिक्षाप्रद सांप-सीढी खेल बच्चों में विषेषकर बालिकाओं में आकषर्ण का केन्द्र बना हुआ है। जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के जीवन चक्र को खेल के माध्यम से बाल हिंसा, बाल विवाह, बालश्रम, बाल तस्करी जैसे बुराईयों की जानकारी देकर बेटा-बेटी में समानता हेतु जागरूक किया गया। 
ग्राम भ्रमण के दौरान सरपंच शि‍वराज मीणा, उप सरपंच नन्दू देवी, पंचायत सहायक सीमा मीणा, प्रधानाचार्य राम कुंवर मीणा के साथ यात्रा समन्वयक कैलाष सैनी-सीताराम गुर्जर, सोना बैरवा, सफिस्ता खान, धर्मेन्द्र, अजय सिंह व टीकमचन्द्र उपस्थित थे।

टिप्पणियाँ

समाज की हलचल

घर की छत पर किस दिशा में लगाएं ध्वज, कैसा होना चाहिए इसका रंग, किन बातों का रखें ध्यान?

समुद्र शास्त्र: शंखिनी, पद्मिनी सहित इन 5 प्रकार की होती हैं स्त्रियां, जानिए इनमें से कौन होती है भाग्यशाली

सुवालका कलाल जाति को ओबीसी वर्ग में शामिल करने की मांग

25 किलो काजू बादाम पिस्ते अंजीर  अखरोट  किशमिश से भगवान भोलेनाथ  का किया श्रृगार

मैत्री भाव जगत में सब जीवों से नित्य रहे- विद्यासागर महाराज

घर-घर में पूजी दियाड़ी, सहाड़ा के शक्तिपीठों पर विशेष पूजा अर्चना

महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक आरोपित गिरफ्तार