इंटेक ने मनाया ओजोन संरक्षण दिवस

 


  भीलवाड़ा। जलवायु परिवर्तन की समस्या उत्पन्न होने का मुख्य कारण ओजोन परत में छेद होना है, इससे भीषण तापमान में वृद्धि व ऋतुओं में परिवर्तन तथा नई-नई बीमारियों का जन्म होता है। ओजोन परत में छेद का मुख्य कारण क्लोरोफ्लोरो कार्बन व अन्य गैसों का उत्सर्जन है। यह बात ओजोन संरक्षण दिवस पर इण्डियन नेशनल ट्रस्ट फाॅर आर्ट एण्ड कल्चरल हेरिटेज भीलवाड़ा के संयोजक बाबूलाल जाजू ने राजेन्द्र मार्ग विद्यालय में आयोजित ओजोन एवं पर्यावरण विषय पर चर्चा के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कही।

जाजू ने कहा कि इससे बचाव के लिए छात्रों व आमजन में  पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूकता बढ़ाने तथा वनों का विस्तार व संरक्षण की आवश्यकता है। इन्टेक पदाधिकारी गुणनसिंह पीपाड़ा ने कहा कि ओजोन भण्डार नष्ट होने से पराबैंगनी किरणे सीधे पृथ्वी पर पहंुचेगी जिससे घातक परिस्थितियां उत्पन्न होगी। विद्यालय के प्रिंसिपल श्यामलाल खटीक, पदाधिकारी सुरेश सुराणा, गौरव सोनी आदि ने भी ओजोन संरक्षण पर विचार व्यक्त किये।

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