कोटड़ी में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भगवान के साथ भक्तों ने लगाई डूबकी

 


 कोटड़ी BHN अनिता बबलू पोखरना. 
मेंवाड़ का एतिहासिक भगवान श्रीचारभुजानाथ का जलझूलन महोत्सव मुख्यालय पर गुरूवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दो वर्ष कोरोना काल बाद भरने वाले मेले को लेकर इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं का जनसेलाब उमड़ा। वहीं शाम ढ़लने के साथ ही धर्माऊ तालाब पर भगवान के साथ भक्तों ने भी डुबकी लगा कर अपने को धन्य महसूस किया। मैले में राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित अनेक क्षेत्रों के सहित आसपास के गांवों से कोटड़ी पंहुचे श्रद्धालुओं ने खुल कर आनन्द लिया। जन-जन की आस्था का केन्द्र भगवान श्रीचारभुजानाथ के एतिहासिक एवं धार्मिक मेले पर मंगलवार को सुबह 1 बजे षोडशोपचार, मंगलाचरण के बाद दुग्धाभिषेक एवं त्रिवेणीधाम से कावड़ यात्रा में लाए जल का अभिषेक कर स्वर्णाभुषण से मण्डित पोषाक धारण करा महाआरती की गई। पद यात्रा कर पंहुचे भक्तों ने लंबी कतार में घण्टों इन्तजार के बाद प्रभू दर्शन पा कर धन्य महसूस किया। सुबह रेवाड़ी में विराजमान होने के दौरान भगवान को धारण कराने वाली पोषाक के लिए गांव के पटेल द्वारा लाए सूती लाल टूल के कपड़े को दर्जी समाज के लोगों ने मन्दिर परिसर मं  ही बैठ कर हाथ्र की सूई से सिलाई की गई। जलझूलनी एकादशी पर्व श्रीचारभुजानाथ की जलझूलन यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य पूजारी दोपहर 3 बजे भगवान श्रीचारभुजानाथ की निज मूर्ति को अपने गोद में लेकर चान्दी के सूसज्जित बेवाण में विराजमान कराया गया। इसके बाद जलझूलन को भगवान भक्तों के कंधे पर सवार हो कर निकले। जबरदस्त भीड़ के कारण भक्तों के कंधे पर जूलते हुए भगवान चारभुजानाथ के जयकारे व हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की सहित अनेक उद्घोष के साथ निकले।

भगवान की जलझूलन यात्रा के तहत मन्दिर से बाहर निकलते ही कोर्ट के गणेशजी के सन्मुख होते हुए भक्तों के कंधों पर जूलते हुए आगे बढ़ते रहे। मन्दिर के मुख्यद्वार तथा जिस मार्ग से भी प्रभू निकले भक्तों ने गुलाब पत्ती से पुष्पवर्षा करते नजर आए। भगवान की निज मूर्ति के विराजमान होने से भीड़ में प्रभू दर्शन पाने के साथ ही बेवाण के हाथ लगा कर भक्त अपने को धन्य महसूस कर रहे थे। भगवान की रेवाड़ी चारभुजा मार्ग से होते हुए जैसे ही चोकी के मन्दिर पंहुची अन्य दस रेवाड़ियों में कस्बे के गली मोहल्ले के प्रभू भी जल विहार करने के लिए चोकी के मन्दिर पंहुचे। इसमें चारभुजानाथ के बड़े भाई चोकी के मन्दिर स्थित चारभुजानाथ के मिलन को देख भक्त भाव विभोर हो गए। सभी भगवान एक-दूसरे से मिलने का नजारा एसा लगा जैसे मानो साक्षात मिल रहे हो। इस आकर्षण को देखने के लिए आम रास्ते पर जगह नहीं होने से महिला-पुरूषें ने घरों के जरोखे तथा छतें भक्तों से अटी दिखाई दी। यहीं से कस्बे के सभी मन्दिरों सहित 11 बेवाण में विराजित भगवान श्रीचारभुजानाथ के संघ जलझूलन यात्रा करने निकले। भक्तों ने उत्साह से जम कर गुलाल उड़ाई। डीजे, ढ़ोल, भजन कलाकार के द्वारा गाण् जाने वाले भजनों व बाजों की थाप पर नाचते-गाते दिन ढ़लने के साथ ही धर्माऊ तालाब पर पंहुचे। पुष्प वर्षा ओर गुलाल को उड़ता देख वृन्दावन व गोकुल की होली भी फीकी लग रही थी। सरोवर पर पंहुचने के साथ ही सभी बेवाण एक-एक कर भगवान को सोनी घाट पर ले गए। जहां विराजमान कराने के बाद एक-एक कर श्रद्धा से हाथीघोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की। चारभुजानाथ के जयकारे के साथ प्रभू संग तालाब में डुबकी लगाते हुए नहलाया गया। सभी भगवान की सामूहिक आरती के बाद भक्तों के कंधों पर सवार हो कर शिवालय चौक स्थित शिव मन्दिर के सन्मुख अर्द्ध चंन्द्राकार में खड़े हो सामूहिक आरती की गई। भगवान चारभुजानाथ भक्तों के कंधों पर सवार हो कर रातभर नगर भ्रमण करते हुए गुरूवार सवेरे 9 बजें 18 घण्टे बाद वापस उसी रास्ते से मन्दिर पंहुच अपनी सीट पर विराजमान होंगे। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। मेले में श्रीचारभुजा मन्दिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदर्शन गाड़ोदिया, सचिव श्यामसुन्दर चेचाणी, सरपंच कान्ता देवी डीडवानिया, पूर्व प्रधान जमना लाल डीडवानिया, प्रशासनिक एवं कानून व्यवस्थाओं के लिए उपखण्ड अधिकारी गोविन्द सिंह भीचर, उपाधीक्षक शर्मा ने व्यवस्थाओं को चाकचोबन्द रखा। मेले में भीड़ को लेकर जिले के अनेक थानो से थाना प्रभारी व जाब्ता मंगवाया व अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।


भगवान को धारण होने वाला बागा हुआ तैयार
भगवान श्री चारभुजानाथ के रेवाड़ी में विराजमान होने से पूर्व पुरानी मान्यता के अनुसार गांव के पटेल द्वारा कपड़ा लाकर मंदिर परिसर में ही दर्जी समाज द्वारा हाथों की सुई से भगवान को पहनाई जाने वाला बागा तैयार किया जाता है। इस परंपरा को निभाते हुए जलझूलनी एकादशी के दिन ही सवेरे दर्जी समाज के लोगों ने मन्दिर परिसर में बैठ कर ही बागा(पोसाक) को तैयार कर प्रभु के चरणों में अर्पित किया। उसी बागा को पहनकर भगवान जल झूलन को निकले।                
इन्होने की मैले में  शिरकत
भगवान चारभुजानाथ का जिले में एतिहासिक मैला होने के कारण बीज निगम के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री धीरज गुर्जर, उपजिला प्रमुख शंकर गुर्जर, जहाजपुर विधायक गोपीचन्द मीणा, कांग्रेस नेता नीरज गुर्जर, प्रधान करण सिंह बेलवा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व पार्टी पदाधिकारी ने सिरकत कर भगवान के दर्शन किए तथा सामूहिक आरती की।

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