प्रियंका गांधी ही होगी राजस्थान से कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी

जयपुर / नई दिल्ली । राजस्थान में इस महीने होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का नाम उम्मीदवारी लगभग तय मानी जा रही है राजस्थान से उनका नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद कांग्रेस और बीजेपी में संसद के ऊपरी सदन के चुनावों के लिए हलचल तेज हो गई हैं।
प्रियंका गांधी को राजस्थान समेत कांग्रेस शासित अन्य राज्यों मध्यप्रदेश और छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी अपने-अपने राज्य से राज्यसभा में भेजना चाहते हैं।लेकिन उनके राजस्थान से ही चुन कर जाने की संभावना अधिक लग रही है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली पहुँच गए है और हाई कमान से इस बारे में उनकी गम्भीर चर्चा होने की उम्मीद है।
कांग्रेस के संकटमोचन माने जाने वाले गहलोत की जादूगरी का हर कोई क़ायल है।फिर कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गाँधी से उनकी निकटता किसी से छुपी नहीं है। विशेष रूप से इस बार गहलोत के ज़ेहन में यह बात भी रहेगी कि उन्हें प्रदेश का तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने में प्रियंका गाँधी द्वारा किए गए सहयोग का अहसान चुकाने का यह सही अवसर है।
गहलोत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राजस्थान से राज्यसभा सदस्य बना अपनी राजनीतिक कुशलता का परिचय दे चुके है। ऐसा कर उन्होंने आज़ादी के बाद पहली बार संसद में राजस्थान से कांग्रेस का एक भी सांसद नहीं होने के सूखापन से पार्टी को मुक्ति दिलवाई थी।अन्यथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सेनी के देहान्त के कारण हुए राज्यसभा के उपचुनाव में मनमोहन सिंह के निर्विरोध चुने जाने से पूर्व प्रदेश के इतिहास में पहली बार लोकसभा एवं राज्यसभा के सभी पैतीस सदस्य भाजपा के थे।
राज्यसभा चुनाव के लिए राजस्थान से कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान के प्रभारी अविनाश पाण्डे और कई नेताओं का नाम भी पिछले कई दिनों से सुर्ख़ियों में है। हाल ही दक्षिणी राजस्थान में लोकसभा एवं विधानसभा की लगभग सभी सीटें एसटी/एससी के लिए आरक्षित होने के कारण स्वर्ण जाति की प्रतिनिधित्व देने की मांग लेकर डूंगरपुर ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश खोडनिया ने भी अपना दावा ठोंक दिया है। खोडनिया पिछले पच्चीस वर्षों से इसके लिए प्रयासरत है लेकिन उन्हें हर बार निराश ही होना पड़ा है। जबकि भाजपा ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिवंगत महारावल लक्ष्मण सिंह के पोते हर्षवर्धन सिंह डूंगरपुर को राज्यसभा सांसद बना बाज़ी मार ली। खोडनिया को इस बार पार्टी से बहुत उम्मीद है और वे दक्षिणी राजस्थान के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ हाल ही कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान के प्रभारी अविनाश पाण्डे और कई अन्य नेताओं से मिल चुके हैं। वे मुख्यमंत्री गहलोत के भी बहुत निकट बताये जाते है और उनकी पहल को मुख्यमंत्री का भी समर्थन बताया जाता है। दूसरी ओर वागड़ क्षेत्र में भारतीय ट्राइबल पार्टी बीटीपी के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए कांग्रेस हाईकमान बाँसवाडा और उदयपुर से सांसद रहे दिग्गज आदिवासी नेताओं को राज्यसभा का टिकट देने पर भी विचार कर रहा है। यदि राजस्थान से प्रियंका गांधी का नाम तय हो जाता है तो दूसरे नाम के लिए राजस्थान निवासी किसी प्रत्याशी के नाम पर ही मुहर लगाना तय है और रेस में चल रहे दूसरे नामों की संभावनाएँ धूमिल हो जायेगी। प्रियंका गांधी को राज्यसभा में भेज कांग्रेस हाईकमान एनडीए सरकार द्वारा उन्हें मिल रही एसपीजी सुविधाएँ मकान सुरक्षा आदि छिन लेना का माकूल जवाब भी देना चाहता है।
राजस्थान में कांग्रेस के तीसरे प्रत्याशी के जीत की उम्मीद नहीं है।राजस्थान विधानसभा में विधायकों के संख्या बल के हिसाब से यदि कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो दो सीटों पर कांग्रेस और एक सीट पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है।
हालांकि दोनों ही राष्ट्रीय दलों कांग्रेस और बीजेपी ने अभी तक प्रत्याशियों के नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की हैं।माना जा रहा है कि दोनों ही दल चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद अब जल्द ही अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकते हैं।दोनों ही दलों में इसके लिए उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है।राज्यसभा सांसद के लिए दोनों पार्टियों के कई दिग्गज लाइन में हैं।
उम्मीद है बीजेपी-कांग्रेस जल्द ही अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करेंगी। यदि कांग्रेस ने तीसरा उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं उतारा तो चुनाव की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
भाजपा से पूर्व केन्द्रीय राज्य मन्त्री सी आर चौधरी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। उन्हें नागौर से वर्तमान चर्चित आर एल पी के सांसद हनुमान बेनीवाल को भाजपा द्वारा समझोते के तहत लोकसभा सीट देने की वजह से सांसद बनने से वंचित होना पड़ा था । सी आर चौधरी को पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया दोनों ग्रुप का समर्थन बताया जाता है।

उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन ने राजस्थान की 3 सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना गत शुक्रवार को जारी कर दी है।अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।आवश्यक होने पर राज्यसभा सांसद के लिए मतदान 26 मार्च को होगा।राज्यसभा चुनाव के लिए 13 मार्च तक नामांकन-पत्र दाखिल किए जा सकेंगे. 16 मार्च को नामांकन-पत्रों की जांच होगी और 18 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. 26 मार्च को सुबह 9:00 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने भी चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली है।
उल्लेखनीय है कि भाजपा के तीन निवर्तमान सांसदों विजय गोयल ,नारायण पंचारिया और रामनारायण डूडी के कार्यकाल पूरा होने की वजह से यह चुनाव हो रहे हैं।


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