सावधान... वस्त्रनगरी बन रही उड़ता पंजाब, कौन घोल रहा जहर

भीलवाड़ा (नगेंद्र सिंह)। देश-विदेश में अलग पहचान रखने वाली वस्त्रनगरी धीरे-धीरे उडता पंजाब बनने की ओर अग्रसर है। पुलिस प्रशासन व संबंधित अधिकारियों की शह पर शहर में नशे का कारोबार दिन दूनी और रात चौगुनी उन्नति कर रहा है। भीलवाड़ा में सबसे ज्यादा स्मैक का नशा बिकता है। इसके नशेडिय़ों में सबसे बड़ी तादाद युवाओं की है। स्मैक के नशे में कितनी ही जिंदगियांं खाक हो गई, कितने ही परिवार तबाह हो गए। इसके बावजूद इसे रोकने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं जिससे नशेडिय़ों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। भीलवाड़ा में हर तरह का नशा आसानी से 24 घंटे उपलब्ध है। नशे का कारोबार शहर में इस तरह पैर पसार चुका है कि इसकी चपेट में सबसे ज्यादा युवा आ रहे हैं। भविष्य निर्माता कहलाने वाले युवा नशे की लत में पड़कर अपना भविष्य खराब कर रहे हैं। शहर में अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार में नशा बिक रहा है। पुलिस कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति व अपने प्वॉइंट बहाने के लिए कभी-कभार मजबूरी में छापामारी करती है, लोगों को पकड़ती है और छोड़ देती है। ऐसे में नशे का कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं। शहर की होटलों व बार में भी लोगों को नशा बेचा जाता है। इन होटलों व बार के मालिकों की ऊपर तक पहुंच भी भीलवाडा में बन रहे नशे के कारोबार को रोकने में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।


बढ़ते नशे के साथ अपराधों में भी वृद्धि
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में होने वाले अधिकतम अपराध नशे में या नशे की पूर्ति के लिए होते हैं। डब्लूएचओ ने यह भी माना है कि दुनिया में नशे की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है और सबसे ज्यादा युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है। सूत्रों के अनुसार पहले मुफ्त में नशा करवा बाद में सस्ते और फिर महंगे दामों पर नशा बेचने वाले कई जिंदगियों को खत्म होने पर मजबूर कर देते हैं। उधर नशा नहीं मिलने पर व्यक्ति बिना पानी मछली की तरह तडफ़ता है और नशे की तलब पूरी करने के लिए वह छोटे से बड़े अपराध तक कर बैठता है।


यहां से होती है शहर में सप्लाई
भीलवाड़ा शहर में स्मैक की सप्लाई चित्तौडग़ढ़ जिले के गंगरार थाना क्षेत्र के एक गांव से होती है। इसके अलावा यहां प्रतापगढ़, अजमेर, नीमच, भवानीमंडी सहित अन्य स्थानों से भी नशे की सप्लाई होती है। माल लाने-ले जाने के लिए बकायदा गिरोह बने हैं जो ट्रैवल्स बसों सहित ट्रेनों में तस्करी करते हैं। अफीम उत्पादक क्षेत्र होने से यहां स्मैक सप्लाई का धंधा पुराने समय से चला आ रहा है।
यहां-यहां बिक रही मौत
भीलवाड़ा शहर की बात करें तो जवाहर नगर, आजाद नगर, कांवाखेड़ा, सांगानेरी गेट, तिलक नगर, रोडवेज बस स्टैंड के सामने, अजमेर चौराहा, आरके कॉलोनी, चपरासी कॉलोनी, बापूनगर व बीलियां में नशे का कारोबार बदस्तूर जारी है।
पुलिस करे पहल, सामाजिक संगठन भी आएं आगे
नशे के बढ़ रहे कारोबार को रोकने के लिए पुलिस को अपने स्तर पर पहल करनी होगी। नशे के बढ़ते कारोबार और इसके कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाया जाना चाहिए, जो अल्पकालिक न होकर लंबे समय तक जारी रहना चाहिए। पुलिस जब तक नशे के खिलाफ सख्त नहीं होगी तब तक इस पर लगाम लगा पाना मुश्किल है। इसके अलावा अवेयरनेस से भी लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। जिस तरह सड़क जागरूकता अभियान के तहत हेलमेट बांटकर जीवन बचाने का संदेश दिया जाता है, उसी तरह नशे के खिलाफ भी अभियान चलाया जाना चाहिए जिससे धीरे-धीरे मौत की ओर बढ़ रहे लोगों का जीवन बचाया जा सके। इसके अलावा सामाजिक संगठनों को भी इस काम में प्रभावी भूमिका निभाने की महती आवश्यकता है।


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