निजी स्कूलों ने किया शटडाउन व दिया ज्ञापन

भीलवाड़ा (हलचल) ।  शिक्षा बचाओ संघर्ष समिति शाखा भीलवाडा के प्रदेश संयोजक व भीलवाडा जिला निजी शिक्षण संस्थान के जिलाध्यक्ष अर्जुन देवलिया व कानूनी सलाहकार शांतिलाल जैन के नेतृत्व मंे पांच सूत्रीय मांग पत्र ज्ञापन मुख्यमंत्री जी के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को दिया गया।
        देवलिया ने बताया कि आज पूरे जिले में बन्द का असर रहा लगभग 2000 स्कूलों मंे कार्य का बहिष्कार कर शटडाउन पर रहे, अभिभावक व बच्चें भी इधर-उधर फोन पर हालात की जानकारी लेते नजर आये। सरकार कोरोना 19 के नाम पर केवल निजी स्कूलों को खत्म करने की रणनीति अपना रही है जबकि सरकार के सभी कार्य सरकारी स्कूल व चुनाव इत्यादि कार्य सम्पन्न करवाये जा रहे है। शिक्षा के क्षैत्र को राजनीति से बाहर रखकर अभिभावक एवं विद्यालय को गुरूकूल प्रथा की तरह संचालित किया जाना चाहिये किन्तु सरकार ने अभिभावक एवं निजी विद्यालयों को आदेशांे के फेरबदल में ऐसे मोड़ पे लाकर खड़ा कर दिया है। दोनों पक्ष अपने नन्ने बच्चों के भविष्य को ताक में रखकर अदालत तक पहुँच गये है। जिससे गुरू और शिष्य की गरिमा समाप्त हो रही है और देश का आने वाला भविष्य जो युवा पीढ़ी पर आधारित है वह गर्त में जा रहा है।
        कानूनी सलाहकार शांतिला जैन ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को मध्यनजर रखते हुए कहा कि 17 नवम्बर से स्कूल फिजिकल चलनी चाहिये। अन्य राज्यांे मंे चल रही है तो राजस्थान में क्यों नहीं ? फीस का मामला कोर्ट में लम्बित है, तो हाईकोर्ट की एकलपीठ के निर्णय को लागू क्यों नहीं किया जा रहा है। सरकार रिजर्व फण्ड (र्जोइंट एफडीआर) को विण्ड्रोल के आदेश क्यों नहीं कर रही है ?, आरटीई का बकाया भुगतान सरकार नहीं दे रही है। अभिभावकों से स्कूल की बकाया फीस नहीं लेने के आदेश दे रही है तो स्कूल कैसे चलाऐं ? समय रहते हमारी मांगे नहीं मानी जाती है तो प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जायेगा।
        ज्ञापन देने वालों मंे नोबल इन्टरनेशनल, स्टीवर्ड मोरिस, ग्रीनवेली, कोठारी पब्लिक स्कूल, बेथेल स्कूल, सेम रोक के प्रतिनिधि एवं कोर कमेटी के सदस्य महेन्द्र शर्मा, आरीफ हुसैन, मधुसुदन तलवार, दशरथ सिंह, रामपाल, तेज सिंह, अमन वर्मा, गोपाल सोनी, बृजमोहन, अशोक आमेटा, महेश राठौड़, प्रिंस, भूवनेश तिवाड़ी आदि कई संचालक उपस्थित रहे।


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