कृषि आदान विक्रेता बनेंगे कृषि प्रसार सलाहकर्ता: डॉ. जीनगर

 


भीलवाड़ा (हलचल)। कृषि महाविद्यालय, भीलवाड़ा में आज से शुभारम्भ हुए एक वर्षीय कृषि प्रसार एवं आदान विक्रेता डिप्लोमा के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए नोडल ट्रेनिंग संस्थान के प्रभारी एवं अधिष्ठाता डॉ. किशन जीनगर ने प्रशिक्षणार्थियों को कहा कि जिले के कृषि आदान विक्रेता कृषि से संबंधित सलाह व सही आदान कृषकों को उपलब्ध करा कर उनको आर्थिक रूप से मजबूत करना होगा। मैनेज, हैदराबाद एवं राज्य कृषि प्रबंध संस्थान द्वारा प्रायोजित इस एक वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम में जिले से चयनित विभिन्न तहसीलों के 80 प्राइवेट आदान विक्रेता भाग ले रहे हैं। डॉ. रामअवतार ने बताया कि वर्षभर इन प्रशिक्षणार्थियों को कृषि, उद्यान एवं पशुपालन में दक्ष किया जाएगा, जिसमें सरकार की किसानों सेे संबंधित योजनाएं, कीटनाशी एक्ट, उर्वरक एक्ट, कृषि एव उद्यानिकी फसलों के लिए जलवायु, फसलों की उन्नत शस्य तकनीक, बीज उत्पादन कार्यक्रम, समन्वित कीट प्रबंध प्रणाली, खरपतवार प्रबंन्धन, मिट्टी की जांच, समस्याग्रस्त भूमि का उपचार, पौध व्याधि प्रबंधन आदि में दक्ष किया जाएगा। डिप्लोमा कार्यक्रम के फेसीलीटेटर डॉ. शिवदयाल धाकड़ एवं पुषालाल शर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों को अपनी उपज के बदले लागत कम करने में अहम भूमिका आदान विक्रेताओं की होगी। अत: नकली खाद बीज एवं दवाईयों का प्रचलन अगर है, तो बन्द करना होगा साथ ही डिप्लोमा कार्यक्रम में उपस्थिति, प्रायोगिक ज्ञान एवं क्षेत्र भ्रमण करना आवश्यक होगा।
कृषि विज्ञान केन्द्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सीएम यादव ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद किसानों की सेवा करते हुए उनके आर्थिक स्तर को उठाकर आप अपने क्षैत्र में अपनी विशेष पहचान बनाने मे कामयाब होंगे। कृषि वैज्ञानिक डॉ. केसी नागर ने बताया कि आधुनिक कृषि से आपको इस डिप्लोमा कार्यक्रम में पारंगत कर भारत के प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप किसानों की आय दुगुनी करने एवं उच्च तकनीकी को अपनाकर अपने-अपने क्षेत्र मे प्रसार सलाह कृषकों की सेवा करने का अवसर मिलें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपनिदेशक कृषि प्रतिनिधि गोपाल शर्मा ने प्रशिक्षण उद्घाटन सत्र में चर्चा करते हुए आदान विक्रेताओं से आह्वान किया कि आपको कृषि प्रसार की प्रथम कड़ी के रूप में जिम्मेदारी दी जा रही है। आदान विक्रेता सीधे कृषकों से जुड़े होने के कारण किसानों को सरकारी अनुदान की सम्पूर्ण जानकारी दे सकते हैं। विभाग आपकी दुकान पर एक प्रसार आउटलेट खोलकर उसमें विभिन्न प्रकार के कृषि साहित्य अनुदान फार्म एवं अन्य जानकारियॉ उपलब्ध कराएगा जिन्हे कृषकों तक पहुंचाना आदान विक्रेता का कर्तव्य होगा। इससे किसान आपसे सीधा जुड़कर आर्थिक रूप से सक्षम हो सकेगा।
कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. एलएल पंवार, डॉ. रामअवतार एवं डॉ. सुचित्रा दाधीच उपस्थित रहे।

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