संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का जल्द से जल्द निस्तारण करें अधिकारी: कलक्टर

 

चित्तौडग़ढ़ (हलचल)। जिला कलक्टर केके शर्मा की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक ग्रामीण विकास सभागार में मंगलवार को संपन्न हुई। बैठक में एडीएम (प्रशासन) रतन कुमार, एडीएम (भूमि अवाप्ति) अम्बालाल मीणा, जिला परिषद सीईओ ज्ञानमल खटीक और युआईटी सचिव सी डी चारण सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों से कहा कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान करें। बैठक में कलक्टर ने कोरोना महामारी रोकथाम से लेकर कई फ्लैगशिप योजनाओं की विभागवार समीक्षा पर दिशा-निर्देश प्रदान किये।
बैठक में जिला कलक्टर ने पशुपालन विभाग ने नंदी गौशाला की भूमि को लेकर चर्चा की, जल संसाधन विभाग से डीएमएफटी योजना की समीक्षा की और नगर परिषद से प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य आवास योजनाओं को लेकर प्रगति जानी। इसी तरह जिला परिषद सीईओ ज्ञानमल खटीक से भी मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा कर पेंडिंग कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कलक्टर ने शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग और जलदाय विभाग सहित अन्य विभागों से विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।
कोरोना रोकथाम को लेकर अधिकारियों से की चर्चा
बैठक में सीएमएचओ ने बताया कि वर्तमान में जिले में कोरोना के 243 एक्टिव केस हैं, इनमें 117 शहर से हैं। इस पर कलक्टर ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि यह चिंता का विषय है कि लगभग 50 प्रतिशत केस सिर्फ  शहर से आ रहे हैं, हमें खास सावधानी बरतनी होगी और आमजन को निरंतर जागरूक करना होगा। जिला कलक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी ऑफिस में मास्क जरूर पहनें। जिला कलक्टर ने 1 अप्रैल से 45 से ऊपर आयु वाले लोगों के कोरोना टीकाकरण अभियान में जुट जाने और अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला कलक्टर ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को डिटेल कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करने, अधिकाधिक सैम्पल लेने और पॉजिटिव मरीजों से एसओपी की अक्षरश: पालना कराने के निर्देश दिए।
आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान करें अधिकारी
बैठक में संपर्क पोर्टल, राइट टू सीएम, मुख्यमंत्री कार्यालय और गवर्नर हाउस से प्राप्त हुए प्रकरणों की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का जितना जल्दी हो सके निस्तारण कर परिवादी को राहत प्रदान करें। जिला कलक्टर ने कहा कि जब भी अधिकारी कार्यालय आएं अपने पेंडिंग प्रकरणों को देखें और इसे गंभीरता से लें। कलक्टर ने यह भी कहा कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण करते समय संतुष्टिपूर्ण जवाब दें, ताकि निस्तारण के बाद परिवादी को राहत महसूस हो, अगर कोई प्रकरण रिजेक्ट कर रहे हैं तो स्पष्ट कारण का उल्लेख करें।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) रतन कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (भूमि अवाप्ति) अम्बालाल मीणा, युआईटी सचिव सी डी चारण, जिला परिषद सीईओ ज्ञानमल खटीक, सीएमएचओ डॉ रामकेश गुर्जर, सीडीईओ अरुण दशोरा, डीईओ प्रारंभिक कल्याणी दीक्षित, डीईओ माध्यमिक शांतिलाल सुथार सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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