जैन अध्यक्ष एवं त्रिपाठी बने सचिव

 

भीलवाड़ा ।एस.बी.बी.जे. निवृतमान सदस्य संस्थान भीलवाड़ा की साधारण सभा की बैठक गोविन्दम् युनिक रिसोर्ट में गजेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता मंे आयोजित की गयी।
                गणपति स्मरण एवं वैदिक मंत्रों से प्रारंभ हुये कार्यक्रम की शुरूआत मंे संस्थान के सचिव सुमन्तु त्रिपाठी ने विगत 2 वर्ष की वार्षिक रिपोर्ट एवं लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इसके बाद संस्थान के द्विवार्षिक (2023-25) उमेशचन्द शर्मा के सानिध्य में सम्पन्न हुये। जिसमंे अध्यक्ष पद पर गजेन्द्र कुमार जैन, सचिव पद पर सुमन्तु त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष पद पर बद्रीनारायण अरोड़ा, उपाध्यक्ष पद पर चैनसुख जीनगर, सुभाष जैन, दीनबन्धु जोशी, प्रभु सिंह राणावत, सहसचिव प्रदीप चौधरी, संगठन सचिव सुरेश खण्डेलवाल, सांस्कृतिक सचिव पद पर रमेश चौहान, कार्यकारिणी सदस्य जगदीशचन्द काबरा, सत्यनारायण ईनाणी, आर.के. शर्मा, अशोक कुमार पुरोहित, उमेशचन्द्र शर्मा, लोकेश कुमार आड़ा, विनोद कुमार वर्मा, बी.एम. मोदी, ओमप्रकाश अग्रवाल, अजय कुमार गुप्ता, स्वागत समिति सदस्य एस.एम. कलवानी, रूपलाल लढ़ा, नवीन गुप्ता, एवं चिकित्सा सहायता प्रभारी के.एन. त्रिपाठीका सर्वसम्मति से चयन किया गया।
                चुनाव के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया, जिसमंे गीत, भजन, आध्यात्मिक प्रवचन एवं अन्तराक्षी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जी.के. जैन, एस.के. जैन, आर.के. जागेटिया, चैनसुख जीनगर, दीनबन्धु जोशी, भैरूलाल रेगर ने अपने विचार प्रकट किये।
                कार्यक्रम के अन्त में सभी ने सहभोज में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन रमेश चौहान ने 

टिप्पणियाँ

समाज की हलचल

घर की छत पर किस दिशा में लगाएं ध्वज, कैसा होना चाहिए इसका रंग, किन बातों का रखें ध्यान?

समुद्र शास्त्र: शंखिनी, पद्मिनी सहित इन 5 प्रकार की होती हैं स्त्रियां, जानिए इनमें से कौन होती है भाग्यशाली

सुवालका कलाल जाति को ओबीसी वर्ग में शामिल करने की मांग

मैत्री भाव जगत में सब जीवों से नित्य रहे- विद्यासागर महाराज

मुंडन संस्कार से पहले आई मौत- बेकाबू बोलेरो की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत, पत्नी घायल, भादू में शोक

जहाजपुर थाना प्रभारी के पिता ने 2 लाख रुपये लेकर कहा, आप निश्चित होकर ट्रैक्टर चलाओ, मेरा बेटा आपको परेशान नहीं करेगा, शिकायत पर पिता-पुत्र के खिलाफ एसीबी में केस दर्ज

25 किलो काजू बादाम पिस्ते अंजीर  अखरोट  किशमिश से भगवान भोलेनाथ  का किया श्रृगार