Tuesday, March 2, 2021

फिर "दागदार" हुई वस्त्र नगरी ... नकली "सेलवेज" का "असली" खेल


        - सुशील चौहान -
भीलवाड़ा। ख्यातनाम कपड़ा मिलों के नाम का "बेशर्मी" से "उपयोग" या यूं कहें "दुरुपयोग" के पकड़ में आये मामले ने एक बार फिर वस्त्र नगरी भीलवाड़ा को "शर्मसार" किया है। देश विदेश में अपने नाम का ब्रांड बनाकर देने वाले भीलवाड़ा कपड़ा इंडस्ट्री में "नकलचियों" का उजागर हुआ। यह पहला मामला नहीं है। बरसों से इन नकलचियों की "गिरेबान" असली मालिकों के शिकायत पर "पुलिस" के "हाथ" आती रही है, लेकिन ताज्जुब इसी बात का है कि ब्रांड के असली मालिक के कहने यानी शिकायत करने पर ही पुलिस "छापेमारी" करती है । बाकी दिनों में तो "असली ब्रांड" का "नकली" कपड़ा "असली" के दाम पर बेचा जाता है और यही खेल हमेशा चलता है। पुलिस "रिकार्ड" गवाह है कि भीलवाड़ा में असली ब्रांड नेम का नकली कपड़ा बरसों से बैखोफ  बन रहा और धड़ल्ले से बिक रहा है। आमतौर पर पुलिस रोजमर्रा में इस काले  काम में दखल नहीं देती क्योंकि "हलके" के "साब" ओर "नकलची" की "आपसी सामंजस्य" बहुत बढ़िया होता है। "तुम्हारी भी जय जय ओर हमारी भी जय जय की" तर्ज़ पर सब कुछ  "खेरियत" से चलता है वो तो "प्रॉब्लम" तब होती है जब शिकायत करता सीधा "पुलिस कप्तान" को अपनी पीड़ा सुनाता है।बस यही बात हलके के "हाकम" के बस में नहीं रहती और नतीजा "छापा मारी" के रूप में सामने आता है । अब इसमें भी खेल होता है। जो होना था सौ हो गया अब "बचाना" भी "हलके" के "हाकम" को ही है सो जब्त माल में मीटर की लंबाई कम करके ओब्लाइज किया जाता है । वैसे भी कपड़ा नगरी में नकल का खेल "नया" नहीं है। यह पहले भी था आज भी है ओर कल भी रहेगा । हा यह जरूर है कि "पकड़ा धकड़ी" की "सुर्खिया" बनती रहेगी बाकी जब तक "नकलची" है "नकली सेलवेज बहफ्ता" बनता रहेगा और "बिकता" रहेगा।
 यह खेल तो चल रहा हैं काफी समय से लेकिन राज आज उस समय हुआ जब सियाराम सूटिंग्स शंटिंग कम्पनी के जीएम सुरेन्द्र कुमार पाटिल सीधे पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा के पास पहुंचे और अपनी "पीड़ा" बताई की उनकी कम्पनी की ब्रांड का नकली कपड़ा यहां बनाकर धडल्ले के साथ बेचा जा रहा हैं।बस फिर क्या एसपी साहब ने  प्रताप नगर थाने में निदेश दिए कि जाओ कार्यवाही करो। बस फिर क्या सब पहुंच गए रीको फेज स्थित राघव सुल्जकोन प्राइवेट लिमिटेड दितीय यूनिट के यहां जहां कम्पनी के जीएम ने पाया कि उनकी कम्पनी के नाम से कपड़ा बनाया जा रहा हैं। इसके बाद कपड़ा जब्ती का काम शुरू हुआ। पुलिस की आंखों के सामने कम्पनी के जीएम ने 1794 मीटर जब्त किया।  यहां रेमंड व विमल कम्पनी के भी नकली सेलवेज मिले।इस फैक्ट्री मालिक नहीं था। जीएम को बता चला कि एक ओर स्थान कमल सूटिंग प्राईवेट लिमिटेड पर भी उनकी कम्पनी के नाम का कपड़ा बनाया जा रहा हैं तो वो पुलिस के साथ वहां पहुंचे लेकिन फैक्ट्री मालिक को मुखबीर से सूचना मिलते ही फैक्ट्री पर ताला लगा मिला। जीएम ने बताया कि राघव सुल्जकोन के यहां जो कपड़ा मिला हैं उस फैक्ट्री के मालिक कपिल समदानी हैं । लेकिन वो वहां नहीं मिले। जीएम पाटिल ने बताया कि और भी स्थान पर उनकी ब्रांड का नकली कपड़ा बनाया जा रहा हैं वहां भी कार्यवाही करेंगे।
 ऐसा पहली बार नहीं हुआ हैं यहां कई नामी कम्पनियों के नाम का इस्तेमाल कर फैक्ट्री के मालिक नकली सेलवेज बना कर चांदी कूट रहे हैं।इसकी जानकारी सम्बन्धित थाने सहित अन्य लोगों को भी हैं,लेकिन चांदी की चमक के आगे सब मौन हैं। इसके अलावा नकली सेलवेज बेचने वालों ने कम्पनी के नाम के डिब्बे भी बना रखे हैं। जिनमें कपड़ा पैक कर बेचा जाता हैं।बस डिब्बे पर कम्पनी के नाम की "स्पेलिंग्स" में थोड़ा हेरफेर कर देते हैं। मतलब नामी कम्पनियों के नकली डिब्बे भी यहां बन रहे हैं। और सब मौन हैं।
  

बाजाद खुले, वाहनों की रेलमपेल रही और लोगो ने की खरीददारी

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