Wednesday, March 3, 2021

आशाराम की गैंग ने दिया था जगदीश भगवान मंदिर में लूट को अंजाम, दो गिरफ्तार, बाल अपचारी डिटेन


 भीलवाड़ा/ करेड़ा अशोक श्रोत्रिय।  रायपुर थाना इलाके में स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध जगदीश भगवान मंदिर पर पुजारी को बंधक बनाकर लाखों रुपये लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुये पाली जिले के अंतरराज्यी गिरोहह के दो बदमाशों को गिरफ्तार और एक बाल अपचारी को डिटेन किया है।  दो आरोपितों को पुलिस ने 3 दिन रिमांड पर लिया है, जबकि बाल अपचारी को संप्रेषण गृह भिजवा दिया गया। आरोपितों को  पुलिस ने बापर्दा रखा है। 

पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बुधवार को रायपुर थाने में पत्रकार वार्ता में इस वारदात का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध जगदीश भगवान मंदिर में 26 फरवरी की रात 2 बजे 3 बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया था।  उधर, इस वारदात को लेकर पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा के आदेश, एएसपी सहाड़ा चंचल मिश्रा के सुपरविजन में एक टीम गठित की गई। टीम ने अथक प्रयास के बाद इस मामले में सफलता हांसिल करते हुये वारदात में लिप्त दो बदमाशों पाली जिले के नाना थाना क्षेत्र के गांव कोलवाव पाटरिया की ढाणी निवासी आशाराम पुत्र लालाराम गरासिया व कालाराम पुत्र नैनाराम गरासिया को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को डिटेन किया है। दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश कर तीन दिन रिमांड पर लिया है। वहीं बाल अपचारी को संप्रेषणगृह भिजवा दिया गया। आरोपितों को पुलिस ने बापर्दा रखा है, जिनकी गवाहों से शिनाख्त परेड़ करवाई जायेगी।  उधर, पुलिस ने लूटा गया माल भी बरामद कर लिया है। 

ये थी वारदात 
 जिले के प्रसिद्ध आस्था के केंद्र जगदीश भगवान मंदिर पर गुरुवार 25-26 फरवरी की मध्य रात्रि को तीन लुटेरों ने धावा बोला। इन बदमाशों ने रात दो बजे मंदिर के पिछवाड़े से बांस के सहारे मंदिर में प्रवेश किया। परिसर में सो रहे पुजारी घनश्याम दास पुत्र रामचंद्र दास व उनके भतीजे कालू दास (15) पुत्र बाबू दास वैष्णव को बंधक बना लिया। कालूदास के हाथ-पैर बांधने के बाद बदमाशों ने मंदिर से सोने-चांदी के जेवरात  लूट लिये। सीसी टीवी कैमरे तोड़कर हार्डडिस्क साथ ले गये थे।  

150 से अधिक सीसी टीवी चैक किये, 20 हजार मोबाइल का किया विश्लेषण
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस वारदात को ट्रेस करने के लिए पुलिस टीम ने 150 से अधिक सीसी टीवी कैमरे चेक किये। वहीं 20 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों का विश्लेषण कर 100 संदिग्ध नंबरों को निन्हित किया गया। 200 से अधिक ऐसे मजदूरों से पूछताछ की गई, जो मंदिर निर्माण में ले गये थे। इसके अलावा 70 से ज्यादा बदमाशों से पूछताछ  की गई। वारदात से पहले व बाद में बदमाशों ने शराब के छोड़े गये खाली पव्वों के बैच नंबर व ब्रांड के आधार पर खरीदने वाले बदमाशों के हुलिये की जानकारी जुटाई। वाहन का पता लगाया। बीटीएस संकलित किये गये। तफ्तीश में वारदात करने वाले गिरोह के पाली जिले का होने का पता चला। 

जंगल में मिले चोरी किये आभूषण
पुलिस ने वारदात के बाद मंदिर के आसपास वन क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इसके चलते मंदिर से चोरी किये कुछ आभूषण पुलिस को मिल गये। इससे पुलिस ने अनुमान लगाया कि वारदात से पहले बदमाशों ने इलाके की पूरी तरह रैकी की। 

कई जिलों के मंदिरों को बना चुके निशाना
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बदमाशों द्वारा पूर्व में प्रदेश के कई जिलों के मंदिरों में चोरी की जा चुकी है। वारदात को अंजाम देने के लिए मंदिर में निर्माण कार्य करके या निर्माण में लगे मजदूरों के सहयोग से लंबे समय तक रैकी कर प्लान बनाया जाता है। 
आशाराम की थी योजना
पुलिस अधीक्षक का कहना है कि वारदात की योजना आशाराम गरासिया की थी। वह शातिर नकबजन है। उसके खिलाफ कई जिलों में 20 से अधिक मामले दर्ज है। इनमें ज्यादा मामले मंदिर में चोरी के हैं। यह आरोपित एक माह से वारदात  के लिए रैकी कर रहा था। आरोपित ने इस दौरान छिपने का स्थान, मंदिर में प्रवेश करने का रास्ता, वारदात के बाद निकलने के रास्ते चोरी के आभूषण छिपाने का स्थान आदि तय कर लिया था। 

पाली से बाइक पर आये बदमाश
मंदिर में वारदात के लिए दोनों बदमाश व बाल अपचारी बाइक पर पाली से रवपाना होकर रुकते -रुकते  राजसमंद जिले के दिवेर थाना इलाके में पहुंचे, जहां रास्ते में शराब व पानी की बोतल खरीद कर रात होने तक मंदिर के आस-पास रुके और शराब पी। रात 2.30 बजे मंदिर में घुसे।  
तीन कट्टों में भरा था चोरी का सामान
मंदिर में लूट की वारदात को अंजाम देते हुये बदमाशों ने चोरी किया माल 3 कट्टों में भर लिया और मंदिर के आस-पास के जंगल में जाकर छुप गये। वहां सारा सामान एक कट्टे में भरने का प्रयास किया, क्यूंकि तीन व्यक्ति और बाइक एक होने से इतना सामान ले जाना संभव नही था। रास्ते में पुलिस नाकाबंदी का भी डर था। ऐसे में सामान को कट््टे में भरने के बाद जंगल में छिपा दिया था। इसके बाद तीनों भाग गये। ये आरोपित टीम बनाकर राजस्थान के बाहर भी वारदात करते हैं। यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है। इनसे और वारदातें खुलने की संभावना है। 

 जगदीश भगवान मंदिर 500 साल पुराना प्रसिद्ध मंदिर है  
जगदीश भगवान का मंदिर 500 साल पुराना होकर मेवाड़ का प्रसिद्ध मंदिर है। यहां सालाना लगभग 10 से 12 लाख श्रद्धालु आस्था के चलते आते हैं। श्रद्धालु इस मंदिर में काफी मात्रा में सोना-चांदी, नकदी व धातु मिश्रित गहनों का चढावा चढ़ाते हैं। रायपुर  थाने के उमरी ग्राम पंचायत में स्थित इस मंदिर में गुजरात, राजस्थान के भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद जिलों के श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। 

 ये थे टीम में
पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने वारदात को ट्रेस करने के लिए एएसपी सहाड़ा चंचल मिश्रा के नेतृत्व  में टीम गठित की गई। इसमें डीएसपी गंगापुर गोपीचंद मीणा, थाना प्रभारी प्रेमङ्क्षसह, एएसआई इंद्रजीत सिंह, आशीष कुमार, सत्यनारायण, रज्जााक मोहम्मद, दीपक, सत्यनारायण, प्रदीप, कमलेश, राधेश्याम, मणिराम, संजीव कांस्टेबल को शामिल किया गया था। पुलिस अधीक्षक ने टीम को पुरुस्कृत करने की घोषणा की है।

 


 



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